मंगलवार, 9 फ़रवरी 2016

स्वामी विवेकानंदजी के सुविचार 2



Quote 1: उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाए।

Quote 2: उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो, तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो, तुम तत्व  नहीं हो, ना ही शरीर हो, तत्व तुम्हारा सेवक है तुम तत्व के सेवक नहीं हो।

Quote 3: ब्रह्माण्ड कि सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हमीं हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है!

Quote 4: जिस तरह से विभिन्न स्त्रोतों से उत्पन्न धाराएं अपना जल समुद्र में मिला देती हैं, उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना हर मार्ग, चाहे अच्छा हो या बुरा भगवान तक जाता है।

Quote 5: किसी की निंदा ना करें। अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो जरुर बढाएं। अगर नहीं बढ़ा सकते, तो अपने हाथ जोडि़ए, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिए, और उन्हें उनके मार्ग पे जाने दीजिए।

Quote 6: कभी मत सोचिए कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है। ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है। अगर कोई पाप है, तो वो यही है। ये कहना कि तुम निर्बल  हो या अन्य निर्बल हैं।

Quote 7: अगर धन दूसरों की भलाई करने में मदद करे, तो इसका कुछ मूल्य है, अन्यथा, ये सिर्फ बुराई का एक ढेर है, और इससे जितना जल्दी छुटकारा मिल जाए उतना बेहतर है।

Quote 8: जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, ठीक उसी समय पर उसे करना ही चाहिए, नहीं तो लोगों का विश्वास उठ जाता है।

Quote 9: उस व्यक्ति ने अमरत्त्व प्राप्त कर लिया है, जो किसी  सांसारिक वस्तु से व्याकुल नहीं होता।

Quote 10: हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का धयान रखिए कि आप क्या सोचते हैं। शब्द गौण हैं। विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं।

Quote 11: जब तक आप खुद पे विश्वास नहीं करते तब तक आप भागवान पे विश्वास नहीं कर सकते।

Quote 12: सत्य को हजार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी हर एक सत्य ही होगा।

Quote 13: विश्व एक व्यायामशाला है  जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।

Quote 14: जिस दिन आपके सामने कोई समस्या न आए, आप यकीन कर सकते है की आप गलत रस्ते पर सफर कर रहे है।

Quote 15: यह जीवन अल्पकालीन है, संसार की विलासिता क्षणिक है, लेकिन जो दूसरों के लिए जीते है, वे वास्तव में जीते है।

Quote 16: एक शब्द में, यह आदर्श है कि तुम परमात्मा हो।

Quote 17:  भगवान् की एक परम प्रिय के रूप में पूजा की जानी चाहिए, इस  या अगले जीवन की सभी चीजों से बढ़कर।

Quote 18 : यदि स्वयं में विश्वास करना और अधिक विस्तार से पढाया और अभ्यास कराया  गया होता, तो मुझे यकीन है कि बुराइयों और दु:ख का एक बहुत बड़ा हिस्सा गायब हो गया होता।

Quote 19:  हम जितना ज्यादा बाहर जाएं और दूसरों का भला करें, हमारा ह्रदय उतना ही शुद्ध होगा और परमात्मा उसमें बसेंगे।

Quote 20: बाहरी स्वभाव केवल अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप है।

Quote 21: जिस क्षण मैंने यह जान लिया कि भगवान हर एक मानव शरीर रुपी मंदिर में विराजमान हैं, जिस क्षण मैं हर व्यक्ति के सामने श्रद्धा से खड़ा हो गया और उसके भीतर भगवान को देखने लगा - उसी क्षण मैं बंधनों से मुक्त हूं, हर वो चीज जो बांधती है नष्ट हो गई और मैं स्वतंत्र हूं।

Quote 22: वेदांत कोई पाप नहीं जानता, वो केवल त्रुटी जानता है। वेदान्त कहता है कि सबसे बड़ी त्रुटी यह कहना है कि तुम कमजोर हो, तुम पापी हो, एक तुच्छ प्राणी हो, और तुम्हारे पास कोई शक्ति नहीं है और तुम ये वो नहीं कर सकते।

Quote 23: जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर अधिकार कर लेता है तब वह वास्तविक भौतिक या मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।

Quote 24: भला हम भगवान को खोजने कहां जा सकते हैं, अगर उसे अपने ह्रदय और हर एक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते।

Quote 25: तुम्हे अन्दर से बाहर की तरफ  विकसित होना है। कोई तुम्हे पढ़ा नहीं सकता, कोई  तुम्हे आध्यात्मिक नहीं बना सकता। तुम्हारी आत्मा के आलावा कोई और गुरु नहीं है।

Quote 26: पहले हर अच्छी बात का मजाक बनता है, फिर उसका विरोध होता है, और फिर उसे स्वीकार कर लिया जाता है।

Quote 27: दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो।

Quote 28: किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आए - आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।

Quote 29: स्वतंत्र होने का साहस करो। जहां तक तुम्हारे विचार जाते  हैं वहां तक जाने का साहस करो, और उन्हें अपने जीवन में उतारने का साहस करो।

Quote 30: किसी चीज से डरो मत। तुम अद्भुत काम करोगे। यह निर्भयता ही है जो क्षण भर में परम आनंद लाती है।

Quote 31: प्रेम विस्तार है, स्वार्थ संकुचन है। इसलिए प्रेम जीवन का सिद्धांत है। वह जो प्रेम करता है जीता है, वह जो स्वार्थी है मर रहा है। इसलिए प्रेम के लिए प्रेम करो, क्योंकि जीने का यही एक मात्र सिद्धांत है, वैसे ही जैसे कि तुम जीने के लिए सांस लेते हो।

Quote 32: सबसे बड़ा धर्म है अपने स्वभाव के प्रति सच्चे होना। स्वयं पर विश्वास करो।

Quote 33:  सच्ची सफलता और आनंद का सबसे बड़ा रहस्य यह है। वह  पुरुष या स्त्री जो बदले में कुछ नहीं मांगता, पूर्ण रूप से निस्स्वार्थ व्यक्ति, सबसे सफल है।

Quote 34: जो अग्नि हमें गर्मी देती है, हमें नष्ट भी कर सकती है। यह अग्नि का दोष नहीं है।

Quote 35: बस वही जीते हैं, जो दूसरों के लिए जीते हैं।

Quote 36: शक्ति जीवन है, निर्बलता मृत्यु है। विस्तार जीवन है, संकुचन मृत्यु है। प्रेम जीवन है, द्वेष मृत्यु है।

Quote 37: हम जो बोते हैं वो काटते हैं। हम स्वयं अपने भाग्य के विधाता हैं। हवा बह रही है। वो जहाज जिनके पाल खुले हैं, इससे टकराते हैं, और अपनी दिशा में आगे बढ़ते हैं, पर जिनके पाल बंधे हैं हवा को नहीं पकड़ पाते। क्या यह हवा की गलती है? हम खुद अपना भाग्य बनाते  हैं।

Quote 38: ना खोजो ना बचो, जो आता है ले लो।

Quote 39: शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से जो कुछ भी आपको कमजोर बनाता  है, उसे जहर की तरह त्याग दो।

Quote 40: एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ।

Quote 41: कुछ मत पूछो, बदले में कुछ मत मांगो, जो देना है वो दो, वो तुम तक वापस आएगा, पर उसके बारे में अभी मत सोचो।

Quote 42: जो तुम सोचते हो वो हो जाओगे। यदि तुम खुद को कमजोर सोचते हो, तुम कमजोर हो जाओगे, अगर खुद को ताकतवर सोचते हो, तुम ताकतवर हो जाओगे।

Quote 43: मनुष्य की सेवा करो। भगवान की सेवा करो।

Quote 44: मस्तिष्क की शक्तियां सूर्य की किरणों के समान हैं। जब वो केन्द्रित होती हैं , चमक उठती हैं।

Quote 45:आकांक्षा, अज्ञानता और असमानता - यह बंधन की त्रिमूर्तियां हैं।

Quote 46: यह भगवान से प्रेम का बंधन वास्तव में ऐसा है जो आत्मा को बांधता नहीं है, बल्कि प्रभावी ढंग से उसके सारे बंधन तोड़ देता है।

Quote 47: कुछ सच्चे, इमानदार और उर्जावान पुरुष और महिलाएं, जितना कोई भीड़ एक सदी में कर सकती है उससे अधिक एक वर्ष में कर सकते हैं।

Quote 48: जब लोग तुम्हें गाली दें तो तुम उन्हें आशीर्वाद दो। सोचो, तुम्हारे झूठे दंभ को बाहर निकालकर वो तुम्हारी कितनी मदद कर रहे हैं।

Quote 49: खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है।

Quote 50: धन्य हैं वो लोग जिनके शरीर दूसरों की सेवा करने में नष्ट हो जाते हैं।