रविवार, 17 जुलाई 2016

सदगुरु : अंधकारमय गलियों से बाहर निकालकर लक्ष्य तक पहुँचाने वाला


देवी देवताओं संतो और धर्म में बड़ी शक्ति है।
जो इसे सच्चे मन से ध्याते हैं वे ही इसको समझ पाते हें।
*** ‘‘तमसो मा ज्योतिगर्मय’’ ****
परम पूज्य गोमतीदासजी महाराज,जिनके स्मरण मात्र से,
समस्यायें हल हो जाती हें। शत शत नमन् !



सदगुरु महिमा 
श्री रामचरितमानस में आता है:-
गुरू बिन भवनिधि तरहिं न कोई। जौं बिरंचि संकर सम होई।।
भले ही कोई भगवान शंकर या ब्रह्मा जी के समान ही क्यों न हो किन्तु गुरू के बिना भवसागर नहीं तर सकता। सदगुरू का अर्थ शिक्षक या आचार्य नहीं है। शिक्षक अथवा आचार्य हमें थोड़ा बहुत एहिक ज्ञान देते हैं लेकिन सदगुरू तो हमें निजस्वरूप का ज्ञान दे देते हैं। जिस ज्ञान की प्राप्ति से मोह पैदा न हो, दुःख का प्रभाव न पड़े एवं परब्रह्म की प्राप्ति हो जाय । ऐसा ज्ञान गुरूकृपा से ही मिलता है। उसे प्राप्त करने की भूख जगानी चाहिए।

इसीलिए कहा गया है:-
गुरू गोविंद दोनों खड़े, किसको लागूँ पाय।
बलिहारी गुरू आपकी, जो गोविंद दियो मिलाय।।

गुरू और सदगुरू में भी बड़ा अंतर है। सदगुरू अर्थात् जिनके दर्शन और सान्निध्य मात्र से हमें भूले हुए शिवस्वरूप परमात्मा की याद आ जाय, जिनकी आँखों में हमें करूणा, प्रेम एवं निश्चिंतता छलकती दिखे, जिनकी वाणी हमारे हृदय में उतर जाय, जिनकी उपस्थिति में हमारा जीवत्व मिटने लगे और हमारे भीतर सोई हुई विराट संभावना जग उठे, जिनकी शरण में जाकर हम अपना अहं मिटाने को तैयार हो जायें, ऐसे सदगुरू हममें हिम्मत और साहस भर देते हैं, आत्मविश्वास जगा देते हैं और फिर मार्ग बताते हैं जिससे हम उस मार्ग पर चलने में सफल हो जायें, अंतर्मुख होकर अनंत की यात्रा करने चल पड़ें और शाश्वत शांति के, परम निर्भयता के मालिक बन जायें।

जिन सदगुरू मिल जाय, तिन भगवान मिलो न मिलो।
जिन सदगरु की पूजा कियो, तिन औरों की पूजा कियो न कियो।
जिन सदगुरू की सेवा कियो, तिन तिरथ-व्रत कियो न कियो।
जिन सदगुरू को प्यार कियो, तिन प्रभु को !! 

“ जिसके पास गुरूकृपा रूपी धन है वह सम्राटों का सम्राट है। जो गुरूदेव की छत्रछाया के नीचे आ गये हैं, उनके जीवन चमक उठते हैं। गुरूदेव ऐसे साथी हैं जो शिष्य के आत्मज्ञान के पथ पर आनेवाली तमाम बाधाओं को काट-छाँट कर उसे ऐसे पद पर पहुँचा देते हैं जहाँ पहुँचकर फिर वह विचलित नहीं होता।
गुरू ज्ञान देते हैं, प्रसन्नता देते हैं.... साहस, सुख, बल और जीवन की दिशा देते हैं। हारे हुए को हिम्मत से भर दें, हताश में आशा-उत्साह का संचार कर दें, मनमुख को मधुर मुस्कान से मुदित बना दें, उलझे हुए को सुलझा दें एवं जन्म-मरण के चक्कर में फँसे हुए मानव को मुक्ति का अनुभव करा दें वे ही सच्चे सदगुरू हैं।

सदगुरू की वाणी अमृत है। उनकी पूजा ईश्वर की पूजा है। उनके आशीर्वाद में वह ताकत होती है कि.....
जो बात दवा भी न कर सके, वह बात दुआ से होती है।

मानव तो आते वक्त भी रोता है, जाते वक्त भी रोता है। 
जब रोने का वक्त नहीं होता तब भी रोता रहता है। 
एक सदगुरू में ही वह ताकत है कि, जो जन्म-मरण के मूल अज्ञान को काटकर मनुष्य को रोने से बचा सकते हैं।

वे ही गुरू हैं जो आसूदा-ए-मंजिल कर दें।
वरना रास्ता तो हर शख्श बता देता है।।

उँगली पकड़कर, कदम-से-कदम मिलाकर, अंधकारमय गलियों से बाहर निकालकर लक्ष्य तक पहुँचाने वाले सदगुरू ही होते हैं। “

ब्रह्माजी जैसा सृष्टि सर्जन का सामर्थ्य हो, शंकरजी जैसा प्रलय करने का सामर्थ्य हो फिर भी जब तक सदगुरु तत्त्व की कृपा नहीं होती तब तक आवरण भंग नहीं होता, आत्म-साक्षात्कार नहीं होता। दिल में छुपा हुआ दिलबर करोड़ों युगों से है, अभी भी है फिर भी दिखता नहीं।

आदमी अपने को आँखवाला समझता है। वास्तव में वह आँख है ही नहीं। बाहर की आँख चर्म की आँख है। वह तुम्हारी आँख नहीं है, तुम्हारे शरीर की आँख है। तुम्हारी आँख अगर एक बार खुल जाय तो सुख ब्रह्माजी को मिलता है, जिसमें भगवान शिव रमण करते हैं, जिसमें आदि नारायण भगवान विष्णु विश्राम पाते हैं, जिसमें प्रतिष्ठित रहकर भगवान श्रीकृष्ण लीला करते हैं, जिसमें ब्रह्मवेत्ता सत्पुरुष मस्त रहते हैं वह परम सुख - स्वरूप आत्मा - परमात्मा तुम्हारा अपना आपा है।

आदमी को अपने उस दिव्य स्वरूप का पता नहीं और कहता रहता हैः- “मैं सब जानता हूँ। “

अरे नादान ! चाहे सारी दुनिया की जानकारी इकट्ठी कर लो लेकिन अपने आपको नहीं जानते तो क्या खाक जानते हो ? आत्मवेत्ता महापुरुषों के पास बैठकर अपने आपको जानने के लिए तत्पर बनो। अपने ज्ञानचक्षु खुलवाओ। तब पता चलेगा कि वास्तव में तुम कौन हो। तभी तुम्हारे लिए भवनिधि तरना संभव होगा।

हिन्दू हैं हम युगों युगों से - युगों युगों तक






हिन्दू हें हम
- अरविन्द सिसोदिया कोटा 95095 59131
हम शब्दों के पुजारी , भावनाओं के संवेदक ,
मानवता के उत्पादक, व्यवस्थाओं के निर्माता!
आनंद की सिद्धी, उत्सवों की संस्कृति ,
प्रेम की पराकाष्ठा, अपनत्व का अनंत आकाश,
पुरूषार्थ के परमार्थी,, वीरता के व्योम हम,
जौहर में राख करके, करते पवित्रता की आरती,
शीश चढ़ा  लेते  मातृभूमि किं बलिहारी  ।
हिन्दू हैं हम युगों युगों से युगों युगों तक !
सम्पूर्ण सृष्टि का सृजन हैं हम,
अनवरत जीवन यात्रा के संवाहक,
नर से नारायण तक हैं हम ।।
हिन्दू थे हिन्दू हैं हिन्दू ही रहेंगें युगों युगों तक ।

भाजपा राजस्थान आई टी सेल : बूथ -बूथ तक होगा सक्रीय

प्रस्तुति - अरविन्द सिसोदिया , 
भा ज पा  जिला महामंत्री , कोटा शहर जिला 
(95095 59131 WhatsApp)


बधाई अविनाश जोशी जी !!
सोसल मीडिया अब मीडिया में ही नहीं समाज में भी अपनी क्रांतिकारी भूमिका निभा रहा है। इसमें स्वंय पत्रकार, स्वंय प्रकाशक और स्वंय पाठक की भूमिका में हम आ गये है। भाजपा की ओर से आई टी सेल यह विषय देखता है। इसके राजस्थान प्रदेश संयोजक अविनाश जोशी जी ने अपनी प्रदेश टीम के गठन के साथ साथ सभी जिलों में संयोजक नियुक्त कर दिये हे। प्रदेश टीम की सफल प्रदेशस्तरीय बैठक भी सम्पन्न हो गई। भाजपा में सोसल मीडिया मण्डल और वार्ड से होता हुआ, बूथ -बूथ तक फैला हुआ है । बहुत जल्द यह व्यवस्थित स्वरूप में दिखने लगेगा। अविनाशजी बहुत ही मेहनती कार्यकर्ता हे। भाजपा का परिवार भी बहुत व्यापक है। सफलता की कामनाओं सहित हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें !!  

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जयपुर। 16 जुलाई 2016 शनिवार को भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में आई.टी. विभाग की कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का आयोजन करते हुए आज के युग में सोशल मीडिया की बहुत उपयोगिता है, इससे युवा और हर वर्ग के लोग जुड रहे हैं। पार्टी में आई.टी. विभाग की टीम का गठन हो चुका है, इस के माध्यम से पार्टी के कार्यक्रमों, केन्द्र व राज्य सरकार के विकास कार्यो तथा पार्टी की रीति नीति के बारे में आमजन को सूचित किया जाएगा।
वर्तमान में आई.टी. विभाग के प्रदेश स्तर एवं जिला स्तर पर संयोजक बनाए है, इसे हम मण्डल व बूथ स्तर तक गठित करेंगे, भविष्य में होने वाले चुनावों में सोशल मीडिया की अहम भूमिका रहेगी। प्रधानमंत्री जी के नरेन्द्र मोदी एप से आम आदमी जुड गया है। उनकी हर योजना की जानकारी इस एप के द्वारा मिलती रहेगी। बहुत शीघ्र ही माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे जी का एप भी आपके बीच आ जाएगा जिससे आम जन का उनसे जुडाव हो जाएगा।
इस अवसर पर राजस्थान वित आयोग की अध्यक्षा डॉ ज्योति किरण शुक्ल, आई.टी. विभाग के संयोजक अविनाश जोशी जी, भाजपा महामंत्री कुलदीप धनकड जी, महिला मोर्चा अध्यक्ष मधु शर्मा, भाजपा देहात के अध्यक्ष दीनदयाल कुमावत जी, मीडिया संयोजक पिंकेश पोरवाल जी, प्रदेश के नवनियुक्त पदाधिकारी एवं जिलों के संयोजक उपस्थित रहे।
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                                                राजस्थान प्रदेश संयोजक अविनाश जोशी जी 
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जेठाराम पचार लोहारवा
आज भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की आईटी विंग की मिटिंग हुई जिसे प्रदेश अध्यक्ष अशोक जी परनामी ने संबोधित किया और महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती मधु शर्मा और आईटी प्रदेश संयोजक अविनाश जी ने भी संबोधित किया।

प्रदेश बैठक के उल्लेखनीय बिंदु निम्न हैं :-

1. आईटी भाजपा की रीड की हड्डी हैं और इसका नाम टेक्नो पॉलिटिक्स भी हैं । आगामी चुनाव अब टेक्नोलॉजी और आईटी के माध्यम से लड़े जायेगे जिसका महत्वपूर्ण उदाहरण केंद्रीय सरकार हैं।

2. जिलाध्यक्ष एवम् आईटी संयोजक का फेसबुक पेज और भाजपा का जिले का फेसबुक पेज और ट्विटर अकाउंट होना चाहिए  और ये बनाकर प्रदेश कार्यालय में लिंक भेज देवे !

3.सभी मण्डल अध्यक्षो की बैठक लेकर आईटी संयोजक नियुक्त करे एवम् हर मण्डल का अपना व्हाट्स एप ग्रुप हो और व्हाट्स एप पेज हो एवम् मण्डल के ग्रुप में बूथ अध्यक्ष अवश्य हो ।

4. मण्डल अध्यक्ष जनप्रतिनिधियो, सरकारी कर्मचारियों जैसे क्षेत्र के मुख्य अभियंता किसी भी विभाग के, क्षेत्र के पालिका/निगम के ईओ, मुख्य विभाग अघिकारी , भाजपा पार्षद एवम् क्षेत्रीय विधायक और जिलाध्यक्ष और आईटी संयोजक का एक ग्रुप अलग बनाये जिसमे बूथ अध्यक्ष द्वारा जो भी समस्या बताई गई हो वो फॉरवर्ड करे जिससे प्रशासनिक कार्य शीघ्र हो सके और ताकि ध्यान रहे की सब कुछ जिलाध्यक्ष आईटी संयोजक और क्षेत्रीय विधायक के सामने हो रहा हैं जिससे आम कार्यकर्त्ताओ के काम हो सके।

5. अगर फिर भी काम नही हो पाया तो जिलाध्यक्ष/आईटी संयोजक को मण्डल अध्यक्ष शिकायत प्रेषित करे और वो शिकायत आईटी संयोजक प्रदेश में प्रेषित करे ईमेल के माध्यम से और व्हाट्स एप के माध्यम से।

6. रोज की राजनैतिक गतिविधिया , सांसद, विधायको के कार्यक्रम एवम् गतिविधिया और क्षेत्रीय लीडर्स के अपडेट्स और कॉंग्रेस या अन्य विपक्षी पार्टी द्वारा मुख्य रूप से किये जाने वाले कार्यो को आईटी मण्डल अध्यक्ष आईटी जिला संयोजक को भेजे और जिला संयोजक प्रदेश कार्यालय भेजे और ये 8 बजे प्रातः तक प्रदेश कार्यालय पहुँच जानी चाहिए।

7. केंद्रीय और राज्य की योजनाओ को सभी ग्रुपो में एवम् फेसबुक पेज और ट्विटर पर प्रसारित करे।

8. भाजपा की जिला टीम के सभी पदाधिकारियो को फेसबुक पेज और ट्विटर से जोड़े और उन्हें भाजपा राजस्थान और केंद्रीय भाजपा के औफिसियली पेज से जोड़े और अपडेट्स दे।

9. सभी जिला पदाधिकारियो और मण्डल अध्यक्षो का एक व्हाट्स एप ग्रुप बनाये जिसमे सभी भाजपा के विधायक एवम् जिले से प्रतिनिधित्व करने वाले प्रदेश पदाधिकारियो को भी जोड़े और भाजपा से जुड़े कार्य विधियों एवम् जनप्रतिनिधियो से संवाद रखे । इसमें केवल पार्टी के ही मेसेज हो अन्य कोई नही हो । गुड मॉर्निंग और अन्य अन वांटेड मेसेज कोई नही करे ।

15 दिन में सभी कार्य हो जाने चाहिए और आईटी संयोजक मण्डल स्तर तक बन जाने चाहिए।
टीम में मेंबर को आई टी सेल जिला संयोजक पूर्ण जानकारी लेकर ही सलेक्ट करे।जो डेटाबेस का जानकर हो।और सोशल साइट्स पर पुर्ण समय दे सके।