बुधवार, 5 अक्तूबर 2016

आतंकियों के हर लॉन्चिंग पैड को 45 लाख रुपये देता है पाकिस्तान



आतंकियों के हर लॉन्चिंग पैड को 45 लाख रुपये का हुक्का पानी देता है पाकिस्तान!
आईबीएन-7  October 01, 2016
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नई दिल्ली। भारतीय फौज के कमांडो दस्ते ने सरहद लांघ कर, पीओके में घुसकर आतंकवादियों के लॉन्च पैड पर निशाना साधा। उस वक्त उन्हें इस बात की पक्की जानकारी थी कि उनका सामना किन लोगों से, किन हथियारों से, और किस रणनीति से होने वाला है। भारतीय एजेंसियों ने सरहद के आसपास बने लॉन्चिंग पैड पर जबरदस्त होमवर्क किया था। हमारे पास पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी ISI की टॉप सीक्रेट फाइलों में कैद चौंकाने वाला सच भी था। हमें पता था कि आतंकवादियों को भारत में घुसपैठ करवाने के लिए खास तौर पर बनाए गए। इन लॉन्चिंग पैड में कितने आतंकवादी हैं, उनके पास कौन से हथियार होते हैं, उनका हुक्कापानी कहां से आता है।
आईबीएन7 की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानि SIT को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, ऐसे आतंकी लॉन्चिंग पैड में हर आतंकी को AK-47 राइफ़ल और 2 मैगज़ीन, चीन में बने हैंडग्रेनेड, वायरलेस सेट, मोबाइल फोन और एक्स्ट्रा बैटरी, ड्राई फ्रूट और खाने के पैकेट, पहाड़ी रास्तों पर लंबे सफ़र का दर्द झेलने के लिए मॉर्फीन के इंजेक्शन, रास्ता न भटक जाएं इसके लिए आधुनिक GPS भी दिया जाता है। भारत में घुसपैठ के बाद पैसों की जरूरत पड़ती है। इसलिए हर आतंकी को 10 से 20 हजार भारतीय नोट भी दिए जाते हैं।

लॉन्चिंग पैड का असली आका आईएसआई है। आईएसआई के रास्ते पाकिस्तान इनपर पानी की तरह पैसा बहाता है। हाल ही में पकड़े गए आतंकियों ने भी इस खुलासे पर मुहर लगाई है। एक लॉन्चिंग पैड के रखरखाव के लिए 4 से 5 लोग होते हैं। लॉन्चिंग पैड का एक मुखिया होता है जिसे कमांडर कहा जाता है। हर लॉन्चिंग पैड पर 8 से 10 आतंकवादी रखे जाते हैं। कमांडर की हरी झंडी मिलते ही सभी आतंकी भारत में घुसपैठ के लिए निकल पड़ते हैं। हर लॉन्चिंग पैड के रखरखाव पर हर महीने तक़रीबन 45 लाख रुपये खर्च होते हैं।

हर महीने पाकिस्तान आतंकियों के हर लॉन्चिंग पैड को 45 लाख रुपए का हुक्का पानी देता है, ये रकम खासी बड़ी है। आईबीएन7 की SIT के पास वो दस्तावेज हैं जो ISI की TOP SECRET फाइलों में दर्ज थे। ये सबूत है इस बात का कि पाकिस्तान सीधे तौर पर आतंकियों की फंडिंग कर रहा है। एलओसी के उस पार आतंक का खेल बरसों से जारी है। जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अब्दुल रज्जाक ने भारत में घुसपैठ की पूरी कहानी बताई है। रज्जाक तीन आतंकियों के साथ पीओके में बने अथमुकम लॉन्च पैड पर पहुंचा। उसकी मुलाक़ात कमांडर हमज़ा से हुई। अथमुकम में 8-10 आतंकी पहले से मौजूद थे। हर आतंकी को AK-47 राइफल, 4 मैगज़ीन, एक वायरलेस सेट, दो हैंड ग्रेनेड और 10 हज़ार रुपये दिए गए। राशिद नाम के एक आतंकी को ग्रुप ली़डर बनाया गया और उसे जीपीएस और मैप की जानकारी दी गई। इसके बाद तलहा ज़रार नाम का गाइड सभी आतंकियों को घुसपैठ के लिए लेकर निकल पड़ा।
सभी आतंकी PoK में चितराल होते हुए कुपवाड़ा के केरन सेक्टर की ओर बढ़ने लगे। इन आतंकियों को भारत में घुसपैठ करने के लिए 4 दिन का वक़्त लगा। भारत में घुसपैठ के बाद कुपवाड़ा के टोपी नाला इलाके में सभी आतंकियों की मुलाकात लश्कर के एरिया कमांडर सैफ़ुल्ला और उसके सहयोगी अबु अबदुल्ला से हुई। लॉन्चिंग पैड पर पहुंचने के कुछ ही दिन के भीतर ही आतंकियों को घुसपैठ करनी होती है क्योंकि यहां ज्यादा दिन तक रुकना महफूज नहीं माना जाता। घुसपैठ के काम में पाकिस्तानी फौज भी आतंकियों की मदद करती है। आमतौर भारतीय जवानों का ध्यान बंटाने के लिए फायरिंग की जाती है और उसकी आड़ लेकर आतंकियों को एलओसी पार करा दी जाती है।
लश्कर के गिरफ्तार आतंकवादी मोहम्मद सलीम रहमानी ने भी ऐसा ही खुलासा किया है। मुजफ्फराबाद में लश्कर के कैंप में ट्रेनिंग लेने के बाद रहमानी केल सेक्टर पहुंचा। केल से उसे लश्कर के लॉन्चिंग पैड जामगढ़ लाया गया। 4 कमरों वाले इस लॉन्चिंग पैड पर 30 आतंकी मौजूद थे। जिन्हें 8 से 10 के ग्रुप में घुसपैठ कराने की योजना थी। रहमानी के ग्रुप में 7 आंतकवादी, 2 पोर्टर और 1 गाइड थे। सभी को एक AK-47 राइफ़ल, 5 मैगज़ीन, 60 राउंड गोलियां, 2 हैंड ग्रेनेड, 1 पिस्टल, 2 मैगज़ीन और 30 हजार रुपये दिए गए। दोनों पोर्टरों को खाने के साथ साथ 500 राउंड गोलियां भी दी गईं। लॉन्चिंग पैड से निकलकर सभी आतंकी पाकिस्तानी सेना की पोस्ट पर पहुंचे।
पोस्ट पर तैनात जवानों ने आतंकियों का मकसद जानने के बाद उन्हें आगे जाने दिया। 2 रात पैदल चलने के बाद रहमानी का ग्रुप गुरेज सेक्टर पहुंचा। गुरेज पहुंचने के बाद गाइड और पोर्टर वापस लौट गए। यहां से 5 रात चलने के बाद सभी आतंकी लुंडी टॉप पहुंचे जो भारत स्थित बंदीपुर के क़रीब है। रहमानी की किस्मत खराब निकली और बांदीपुरा के चबूतरा एरिया में भारतीय सेना ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। साफ है आतंकी घुसपैठ के लिहाज से लॉन्चिंग पैड बेहद अहम है। भारतीय फौज भी ये बात जानती है। इसलिए जब उरी का बदला लेने की योजना बनी तो इन्हीं लॉन्चिंग पैड को टार्गेट चुना गया और तबाह कर दिया गया।