गुरुवार, 6 अक्तूबर 2016

राष्ट्र रक्षा यज्ञ : मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी : तनोट राय माता मंदिर




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 मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी आज तनोट माता के दर्शन एवं पूजा अर्चना करेंगीं
जैसलमेर /  कलेक्टर मातादीन शर्मा ने बताया कि प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को जैसलमेर रही है। प्रस्तावित यात्रा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर द्वारा गुरुवार को दोपहर 4 बजे जैसलमेर एयरपोर्ट पहुंचने के तुरंत बाद हेलीकॉप्टर से ही रवाना होकर 4ः45 बजे तनोट पहुंचेगी। यहां तनोट माता के दर्शन पूजा अर्चना कर स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेगी। उनका रात्रि विश्राम तनोट में रहेगा। मुख्यमंत्री राजे 7 अक्टूबर को सुबह 8 बजे हेलीकॉप्टर से जैसलमेर पहुंचेगी। सुबह 10 बजे बार्डर स्टेटस की मीटिंग में भाग लेने के बाद शाम 4 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा जयपुर के लिए रवाना हो जाएंगी। 

राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी  गुरुवार को भारत-पाकिस्तान सीमा के समीप स्थित तनोट माता मंदिर में राष्ट्र रक्षा यज्ञ में आहूति देंगी. जैसलमेर के थार रेगिस्तान में 120 किमी. दूर सीमा के पास स्थित तनोट राय माता मंदिर में आयोजित होने वाले इस यज्ञ में देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहेंगे. यह राष्ट्र रक्षा यज्ञ राजस्थान संस्कृत अकादमी की ओर से किया जा रहा है. इसी यज्ञ की तैयारी के लिए बुधवार को ही अकादमी निदेशक राजेंद्र तिवाड़ी जैसलमेर के लिए रवाना होने वाले हैं. 

कहा जाता है कि जैसलमेर में भारत-पाकिस्‍तान सीमा के पास स्थित तनोट राय माता मंदिर में 1965 और 1971 की लड़ाई के दौरान पाकिस्तान द्वारा कई बार बम फेंके गए लेकिन हर बार उसे असफलता ही हाथ लगी. आज भी मंदिर के संग्रहालय में पाकिस्तान द्वारा दागे गए जीवित बम रखे हुए हैं. इसी के साथ सिद्ध तनोट राय माता मंदिर से भारत-पाकिस्तान युद्ध की कई अजीबो गरीब यादें जुड़ी हुई हैं.

भारत-पाक की अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 15 किलोमीटर पर स्थित चमत्कारी तनोट माता का मंदिर अद्भुत विश्‍वास एवं वीरता का प्रतीक है. 1965 कि लड़ाई में पाकिस्तानी सेना कि तरफ से गिराए गए करीब 3000 से अधिक बम भी इस मंदिर पर खरोच तक नहीं लगा सके. जबकि मंदिर परिसर में गिरे 450 बम तो फटे तक नहीं. और भारतीय सेना की वीरता एवं शौर्य के आगे दुश्मनों ने भी पांव पीछे खींच लिए.

कब्जा करने के उद्देश्य से पाकिस्तान ने भारत के इस हिस्से पर जबरदस्त हमले किए लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली. अब तक गुमनाम रहा यह स्थान युद्ध के बाद प्रसिद्ध हो गया. ज्ञात हो कि पाकिस्‍तान सेना 4 किमी. अंदर तक भारतीय सीमा में घुस आई थी. लेकिन भारतीय सेना ने जवाबी हमले में पाकिस्तानी सेना को काफी नुकसान पहुंचाया और वह पीछे लौट गई.




माता का मन्दिर जो अब तक सुरक्षा बलों का कवच बना रहा, युद्ध समाप्‍त होने पर सुरक्षा बल इसका कवच बन गए. मंदिर को बीएसएफ ने अपने नियंत्रण में ले लिया. आज यहां का सारा प्रबन्ध सीमा सुरक्षा बल के हाथों में है. मन्दिर के अन्दर ही एक संग्रहालय है जिसमें वे गोले भी रखे हुए हैं. पुजारी भी सैनिक ही हैं. यह मंदिर भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना के फौजियों के लिए भी आस्था का केन्द्र रहा है

तनोट माता मंदिर में भक्ति अराधना में लीन सेना के जवान.

तनोट माता मंदिर में स्थित विजय स्थम्भ.

पाकिस्तान में इन दिनों आंतरिक भय व्याप्त - अरविन्द सिसोदिया



  पाकिस्तान में इन दिनों आंतरिक भय व्याप्त हे , क्योंकि भारत से युद्ध हुआ तो पता नहीं क्या हो ! क्योंकि पाकिस्तानी की जनता खुश नही हे, वह पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ हे ! सरकारी कर्मचारी जनता को दुःख देते हैं । बेरोजगारी और भुखमरी वहां की बडी समस्या है। उसे डर है कहीं प्रान्तों में विद्रोह न हो जाये !! वह भारत से युद्ध से कहीं ज्यादा आंतरिक विद्रोह को लेकर परेशांन है ! बलूचिस्तान की समस्या कम नहीं है , सिंध की समस्या भी बड़ी हे , एक बार विद्रोह भडका तो न पाकिस्तानी सरकार के काबू में आयेगा न सेना के ।। पहले भी पूर्वी पाकिस्तान के विद्रोह के कारण पाकिस्तान के टुकड़े हुए और बंगलादेश बना ! फिर युद्ध हुआ तो बलूच हाथ से निकलना तय हे । हलांकी युद्ध हुआ तो चीन बहुत अधिक सहायता पाक की नहीं कर सकता क्यों कि चीन के आते ही विश्व युद्ध छिड़ जायेगा , पूरे विश्व के बम चीन पर गिरेंगे। यह चीन भी जानता है। किन्तु भारत को युद्ध के लिए तैयार रहना होगा ।
- अरविन्द सिसोदिया , कोटा , राजस्थान  9509559131





                            पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नासिर जंजुआ 


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पाकिस्तान: सरकार ने सेना से कहा- आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करो या अलग-थलग होने के लिए तैयार रहो


 aajtak.in [Edited By: रोहित गुप्ता] नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2016

आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव इतना बढ़ गया है कि नवाज शरीफ सरकार ने अपनी सेना को दो टूक कह दिया है, 'आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करो या फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग होने के लिए तैयार रहो.

पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, इसी को लेकर सोमवार को एक मीटिंग हुई, जिसमें दो मुद्दों पर सहमति बनी. पहला तो ये कि आईएसआई के डीजी जनरल रिजवान अख्तर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नासिर जंजुआ सभी चार प्रांतों में प्रॉविनेंस एपेक्स कमेटियों और आईएसआई सेक्टर कमांडरों के लिए संदेश लेकर जाएंगे.

आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में दखल न देने का निर्देश
आईएसआई को ये मैसेज दिया जाएगा कि अगर कानूनी एजेंसियां आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी तो सेना की इंटेलीजेंस एजेंसियां इसमें कोई दखल नहीं देंगी. जनरल अख्तर इसी संदेश को लेकर लाहौर पहुंच चुके हैं और इसके बाद वे दूसरे प्रांतों में जाएंगे.

पठानकोट हमले की जांच पूरी करने की कोशिश करेगा पाक
दूसरे फैसले के तहत प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने ये निर्देश दिया कि पठानकोट मामले की जांच पूरी करने के लिए फिर से प्रयास किया जाएगा और रावलपिंडी एंटी-टेररिज्म कोर्ट में मुंबई हमले से जुड़े सभी ट्रायल को दोबारा शुरू कराया जाएगा.

पाकिस्तान में इन दिनों आंतरिक भय व्याप्त - अरविन्द सिसोदिया



  पाकिस्तान में इन दिनों आंतरिक भय व्याप्त हे , क्योंकि भारत से युद्ध हुआ तो पता नहीं क्या हो ! क्योंकि पाकिस्तानी की जनता खुश नही हे, वह पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ हे ! सरकारी कर्मचारी जनता को दुःख देते हैं । बेरोजगारी और भुखमरी वहां की बडी समस्या है। उसे डर है कहीं प्रान्तों में विद्रोह न हो जाये !! वह भारत से युद्ध से कहीं ज्यादा आंतरिक विद्रोह को लेकर परेशांन है ! बलूचिस्तान की समस्या कम नहीं है , सिंध की समस्या भी बड़ी हे , एक बार विद्रोह भडका तो न पाकिस्तानी सरकार के काबू में आयेगा न सेना के ।। पहले भी पूर्वी पाकिस्तान के विद्रोह के कारण पाकिस्तान के टुकड़े हुए और बंगलादेश बना ! फिर युद्ध हुआ तो बलूच हाथ से निकलना तय हे । हलांकी युद्ध हुआ तो चीन बहुत अधिक सहायता पाक की नहीं कर सकता क्यों कि चीन के आते ही विश्व युद्ध छिड़ जायेगा , पूरे विश्व के बम चीन पर गिरेंगे। यह चीन भी जानता है। किन्तु भारत को युद्ध के लिए तैयार रहना होगा ।
- अरविन्द सिसोदिया , कोटा , राजस्थान  9509559131





                            पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नासिर जंजुआ 


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पाकिस्तान: सरकार ने सेना से कहा- आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करो या अलग-थलग होने के लिए तैयार रहो


 aajtak.in [Edited By: रोहित गुप्ता] नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2016

आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव इतना बढ़ गया है कि नवाज शरीफ सरकार ने अपनी सेना को दो टूक कह दिया है, 'आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करो या फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग होने के लिए तैयार रहो.

पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, इसी को लेकर सोमवार को एक मीटिंग हुई, जिसमें दो मुद्दों पर सहमति बनी. पहला तो ये कि आईएसआई के डीजी जनरल रिजवान अख्तर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नासिर जंजुआ सभी चार प्रांतों में प्रॉविनेंस एपेक्स कमेटियों और आईएसआई सेक्टर कमांडरों के लिए संदेश लेकर जाएंगे.

आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में दखल न देने का निर्देश
आईएसआई को ये मैसेज दिया जाएगा कि अगर कानूनी एजेंसियां आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी तो सेना की इंटेलीजेंस एजेंसियां इसमें कोई दखल नहीं देंगी. जनरल अख्तर इसी संदेश को लेकर लाहौर पहुंच चुके हैं और इसके बाद वे दूसरे प्रांतों में जाएंगे.

पठानकोट हमले की जांच पूरी करने की कोशिश करेगा पाक
दूसरे फैसले के तहत प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने ये निर्देश दिया कि पठानकोट मामले की जांच पूरी करने के लिए फिर से प्रयास किया जाएगा और रावलपिंडी एंटी-टेररिज्म कोर्ट में मुंबई हमले से जुड़े सभी ट्रायल को दोबारा शुरू कराया जाएगा.

पीओके में , आंतकी कैंपों के खिलाफ हो रहा है प्रदर्शन !





नरक बनी पीओके में रह रहे लोगों की जिंदगी, 

आंतकी कैंपों के खिलाफ हो रहा है प्रदर्शन


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श्रीनगर: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लोगों की जिंदगी नरक बन गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां चल रहे आतंकी कैंपों के कारण लोग परेशान हैं और आंतकी कैंपों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. मुजफ्फरबाद, कोटली, चिनारी, मीरपुर, गिलगित और नीलम घाटी  (पीओके) के लोगों का कहना है कि आतंकियों के ट्रेनिंग कैंपों ने उनकी जिंदगी नरक बना दी है. आपको बता दें ये वह इलाके हैं जहां आतंकी संगठन लश्‍कर-ए-तयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती है जिसके बाद उन्हें भारतीय सीमा में घुसपैठ कराया जाता है. इन कैंपों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ और सेना का भी साथ मिलता है.

आपको बता दें कि हाल ही में हुए उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया जिसमें सेना ने वहां मौजूद 7 आतंकी कैपों का नष्‍ट कर दिया और करीब 38 आतंकियों को मार गिराया. इस संबंध में कल एक अंग्रेजी अखबार ने खबर छापी जिसमें भारतीय सेना के इस ऑपरेशन के संबंध में जानकारी दी गई.

अखबार ने सीमापार के चश्मदीदों से बात करके खुलासा किया कि स्थानीय लोगों ने अल-हवाई पुल के नजदीक गोलियों की तेज आवाज सुनी थी, लेकिन रात होने की वजह से कोई देखने के लिए बाहर नहीं आया. यह आवाज 84 एमएम कार्ल गुस्ताव राइफल की थी. दूसरे दिन लश्कर के लोगों से उन्हें पता चला कि उनपर हमला हुआ था. चश्मदीदों ने बताया कि पांच या छह शवों को सुबह ट्रक में भरकर ले जाया गया था.

अखबार ने बताया कि एलओसी के इस पार (भारत में) रहने वाले कुछ लोगों के रिश्तेदार उस पार भी रहते हैं. इंडियन एक्सप्रेस ने एलओसी के इस पार रहने वालों की मदद से उस पार के रिश्तेदारों से संपर्क किया और पांच चश्मदीदों को खोज कर उन्हें चैटिंग के जरिये सवाल भेजे. एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि सर्जिकल स्ट्राइक कथनार स्ट्रीम के नजदीक बने सेना के कैंप के नजदीक हुआ, जो नीलम नदी में मिलती है. इस इलाके में सेना के प्रतिष्ठान भी हैं और उन्हें तोप के गोलों से बचाने की व्यवस्था भी की गयी है.