शुक्रवार, 14 अक्तूबर 2016

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : 'सेना बोलती नहीं पराक्रम करती है'




भोपाल: शौर्य स्मारक में सैनिकों को लेकर प्रधानमंत्री  मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें
By: Brajesh Mishra Updated: Friday, October 14, 2016
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शौर्य स्मारक के उद्घाटन के मौके पर न सिर्फ सैनिकों के पराक्रम का गुणगान किया बल्कि पूर्व सैनिकों के लिए तमाम योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सैनिकों ने अपनी वीरता से देश के रक्षा की है और देश को भी उनका सम्मान करना चाहिए। पढ़िए, पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें-

सैनिकों का सबसे बड़ा शस्त्र है मनोबल 
1. सेना बोलती नहीं। सेना पराक्रम करती है। हमारे रक्षा मंत्री भी बोलते नहीं हैं। पराक्रम करते हैं। 
2. सैनिकों का सबसे बड़ा शस्त्र मनोबल है। मनोबल शस्त्र से नहीं सवा सौ करोड़ देशवासियों के पीछे खड़े होने से बढ़ता है। 
3. लोग कहते हैं मोदी कुछ नहीं बोल नहीं रहा। मोदी कुछ करता नहीं।

वन रैंक वन पेंशन योजना से मिलेगा लाभ 
4. शौर्य स्मारक हमारे लिए तीर्थ स्थान है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत होगा। 
5. हमारी सरकार ने वन रैंक वन पेंशन योजना लागू की। अब तक 5000 करोड़ वितरित हो चुके हैं। OROP के आधार पर हम 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करेंगे।

लोगों को बचाते समय सेना द्वेष नहीं रखती
 6. हम चैन की नींद सो जाएं तो सेना को खुशी मिलती है लेकिन जागने के समय भी अगर सो जाएं तो सेना माफ नहीं करती है। 
7. लोगों को बचाते समय हमारी सेना ने यह नहीं सोचा कि ये वो लोग हैं जो कभी हमें पत्थर मारते हैं, कभी हम पर भारी पत्थरबाजी करते हैं, सिर फोड़ते हैं। सब भुलाकर सेना लोगों की मदद करती है।

बेटियों की शादी के लिए बढ़ाया फंड 
8. सेवानिवृत्त हो रहे सैनिकों को आखिरी साल में भारत सरकार कौशल विकास योजना के तहत ट्रेनिंग सर्टिफिकेट देगी, जिससे वह आगे दूसरों को ट्रेनिंग दे। 
9. सेवानिवृत्त सैनिकों की बेटियों की शादी के फंड को 16000 से बढ़ाकर 50000 कर दिया गया है। 
10. सेवानिवृत्त सैनिकों के इलाज के लिए देशभर के अस्पतालों से करार किया गया है, जहां उन्हें मुफ्त इलाज मिलेगा।


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सैनिकों के त्याग-बलिदान को पढ़कर प्रधानमंत्री  की आंखें हुई नम, बोले

 'शानदार मेरे वीरों'

शान बहादुर |
 Oct 14, 2016
http://www.bhaskar.com/news
भोपाल। अरेरा हिल्स पर 41 करोड़ रुपए की लागत से लगभग 12.67 एकड़ भूमि पर निर्मित इस अद्वितीय स्मारक की परिकल्पना बहुत अद्भुत है। इसमे जीवन बलिदान करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने इसका लोकार्पण किया।
शौर्य स्मारक का पीएम मोदी ने शाम 6.15 पर लोकापर्ण किया। इसके बाद उन्होंने स्मारक का बारीकी से अवलोकन किया। इसके बाद मोदी शहीदों की गैलरी में गए और उनकी वीरता के किस्से पढ़े। सैनिकों के त्याग-बलिदान को पढ़कर पीएम की आंखें नम हो गई और उन्होंने कहा 'शानदार मेरे वीरों'।

स्मारक के विभिन्न चरण
प्रवेश प्रांगण: स्मारक में प्रवेश करते ही मिट्टी के रंग की घास लगी सीढिय़ों से बना चौकोर खुला आंगन मन को एक सुखद और पवित्र वातावरण का अनुभव देता है। यह पृथ्वी पर मानव जाति के वास के प्रतीक के रूप में स्थापित किया गया है।

युद्ध का रंगमंच: चौकोर आंगन वाले प्रवेश प्रांगण के अनुभव के बाद पर्यटक एक अन्य आंगन में पहुंचेंगे। इसे वृक्ष का आकार देकर युद्ध की विभीषिका से आहत धरती को दर्शाया गया है। असमतल धरातल और काले रंग के परिवेश से यह दु:ख की अनुभूति कराता है।

मृत्यु: मृत्यु की भयावहता को दर्शाने के लिए एक वर्गाकार छोटे कक्ष का निर्माण किया गया है, जो पूरी तरह अंधकारमय और काला है। इसमें से एक बारीक छेद के माध्यम से प्रकाश की किरण प्रवेश करेगी। दिन के समय प्राकृतिक प्रकाश और रात में फाइबर ऑप्टिक्स लाइट से उत्सर्जित प्रकाश की बारीक रेखा आत्मा का परिचायक होगी, जो मृत्यु के बाद देह त्याग करती है।

मरणोपरांत जीवन: शरीर नश्वर है और आत्मा अजर-अमर है। जीवन के अलौकिक और शाश्वत सत्य की अनुभूति को जीवंत बनाने के लिए स्मारक परिसर प्रांगण में 2 से 3 मीटर ऊंची धातु की छड़ों को सेना की टुकडिय़ों की तरह सुव्यवस्थित रूप से स्थापित किया जाएगा। इन छड़ों के ऊपरी सिरों पर फाइबर ऑप्टिक्स लाइट के प्रकाश पुंज रात के अंधेरे में जगमगाएंगे। धातु की छड़ के आधार पर बिछी पानी की चादर शांति और पवित्रता का प्रतीक है।

'नमस्कार' साइनेज से किया जाएगा शहीदों को नमन
प्रवेश द्वार के पास नमस्कार की मुद्रा वाला करीब 20 फीट ऊंचा और 15 फीट चौड़ा साइनेज लगा है, जो शहीदों की ओर से मातृभूमि को प्रणाम करने का भाव दर्शाता है। शहीदों के बलिदान को बताने के लिए इसका रंग खून की तरह लाल रखा गया है।

एम्पीथिएटर: शौर्य स्मारक में ओपन एरिया में एम्पीथिएटर का निर्माण किया गया है। इसमें 1000 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
संग्रहालय: शौर्य स्मारक में एक संग्रहालय का भी निर्माण किया गया है। यहां सेना और सैनिकों से संबंधित पेंटिंग्स और ऑब्जेक्ट्स के जरिए ब्यूटीफिकेशन का जिम्मा संस्कृति विभाग को सौंपा गया है।

पंच तत्वों में प्रस्तुत होगा गरिमामय स्मारक
प्रांगणों के साथ ही स्मारक परिसर में शहीदों से संबंधित संग्रहालय, वीथिकाएं, संसाधन केन्द्र, खुला रंगमंच और अन्य मूलभूत सुविधाओं का समावेश किया गया है। पंच तत्वों पृथ्वी, वायु, जल, आकाश और अग्नि के समावेश से स्मारक अत्यंत विनम्र और गरिमामय रूप में प्रस्तुत होगा।

राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के बाद चुना गया आर्किटेक्ट
शौर्य स्मारक के निर्माण के लिए आर्किटेक्ट के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें देश के जाने-माने आर्किटेक्ट्स में से विभिन्न चरणों के बाद हाईलेवल ज्यूरी ने सर्वश्रेष्ठ आर्किटेक्ट को शौर्य स्मारक के प्रोजेक्ट के लिए चुना था।

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सर्जिकल स्ट्राइक पर बोले पीएम मोदी, 'सेना बोलती नहीं पराक्रम करती है'

October 14, 2016 IBNKHABAR.COM
http://khabar.ibnlive.com

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में पूर्व सैनिक सम्मेलन व शौर्य सम्मान सभा को भी संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सर्जिकल अटैक का जिक्र किया और सरकार पर निशाना साधने वालों को जवाब दिया। पीएम ने कहा कि उरी हमले के बाद उन दिनों रोज मेरे बाल नोच लिए जाते थे, लोग कहते थे मोदी सोता है कुछ करता नहीं, जैसे सेना और रक्षा मंत्री नहीं बोलते। लेकिन मैं उन लोगों से कहना चाहता हूं कि हमारी सेना बोलती नहीं, बल्कि पराक्रम करती है। वैसे ही हमारे रक्षा मंत्री बोलते नहीं, काम करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय सेना मानवता की बड़ी मिसाल है। हमारे जवान इसलिए अपना जीवन खपा देते हैं कि देश चैन की नींद सो सकें। ये मेरा सौभाग्य है कि देश के लिए शहीद हुए वीरों को श्रद्धासुमन अर्पित करने का मौका मुझे मिला है। मोदी ने कहा कि हमारी सेना के जवान की मानवता है कि वो किसी से साथ भेदभाव नहीं करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी सेना के कई रूप हैं, मगर उसकी चर्चा सिर्फ एक रूप की होती है। वह है यूनीफार्म, हाथ में शस्त्र और आंखों में युद्ध की ज्वाला। उसके कई और भी रूप हैं। सेना प्राकृतिक आपदा के समय लोगों का जीवन बचाने के लिए अपने जीवन को संकट में डाल देती है। बद्रीनाथ, केदारनाथ में आई प्राकृतिक आपदा में सेना के काम को देश व दुनिया ने देखा है।

कश्मीर में आई बाढ़ में सेना द्वारा किए गए राहत व बचाव कार्य का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि बाढ़ की समस्या से जूझना सरकार के भी बस का नहीं था, तब सेना के जवानों ने बाढ़ पीड़ितों की जान को बचाने के लिए अपनी जान खपा दी। उन्होंने यह कभी नहीं सोचा कि ये वे लोग हैं, जो उन्हें पत्थर मारते हैं, आंख फोड़ देते हैं, सिर फोड़ देते हैं, कई बार तो हमला इतना बड़ा होता है कि मौत तक हो जाती है।
आतंकवाद का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कि आज आतंकवाद ने भयंकर रूप ले लिया है। पश्चिम एशिया आतंकवाद से घिरा हुआ है। सेना ने यमन में फंसे हजारों लोगों को बचाया। हमने कभी किसी देश की एक इंच जमीन हड़पने के लिए युद्ध नहीं किया।
इससे पहले रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि देश में शौर्य कम नहीं है, 29 सितंबर को हमारी सेनाओं ने एक बार फिर अपना शौर्य दिखाया। उन्होंने कहा कि शिवाजी, महाराणा प्रताप और वर्ष 1965 तथा 1971 के युद्ध में हमारे सैनिकों का शौर्य पूरी दुनिया ने देखा है। ऐसा पराक्रम करने वाले सैनिकों में मध्य प्रदेश के सैनिक भी ह

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भोपाल में PM मोदी ने जवानों की तारीफ में कहा -
 कश्मीर में पत्थरबाजी भुलाकर की बाढ़ में मदद

भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शौर्य स्मारक सभा में पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सेना ने हमेशा लोगों की रक्षा की. उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत 'जवानों अमर रहो' नारे के साथ करते हुए कहा कि कश्मीरी सेना पर पत्थरों से हमला करते हैं लेकिन फिर भी जवानों ने बाढ़ के वक्त उनकी मदद की.

पीएम मोदी ने कहा कि कश्मीरियों की पत्थरबाजी के बाद भी सेना ने बाढ़ के वक्त सब कुछ भुलाकर उनकी मदद की थी. उन्होंने कहा कि कश्मीर और केदारनाथ की बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए सेना ने अपने आप को खपाया.

रक्षा के लिए जवानों ने जवानी खपाई
मोदी ने जवानों के शौर्य पर बात करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए हमारे जवान हमेशा तैयार रहते हैं. उन्होंने कहा कि देश चैन की नींद सो सके इसके लिए जवान अपनी जवानी खपा देते हैं.

विश्व युद्ध में भी शौर्य का परिचय दिया
मोदी ने कहा कि दोनों विश्वयुद्ध से भारत को कोई लेना देना नहीं था, फिर भी उन युद्धों में भारत के करीब डेढ़ लोगों ने कुर्बानी दी.

पाकिस्तान के नागरिकों को भी बचाया
पीएम मोदी ने कहा कि सेना ने हमेशा अपना फर्ज निभाया है. यहां तक कि सेना ने भारत के अलावा यमन में फंसे पाकिस्तान के नागरिकों को भी बचाया है. उन्होंने कहा कि हमारी सेना मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है.

सेना बोलती नहीं, पराक्रम दिखाती है
मोदी ने कहा कि सेना का मनोबल उसका सबसे बड़ा शस्त्र है और यह ताकत सवा सौ करोड़ लोगों की भावना से आती है. उन्होंने कहा कि हमारी सेना बोलती नहीं है वह अपना काम करके दिखाती है.

रक्षा मंत्री बोलते नहीं, काम करते हैं
पीएम मोदी ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का भी जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह से हमारी सेना कुछ बोलती नहीं पराक्रम करती है उसी तरह से हमारे रक्षा मंत्री भी कुछ बोलते नहीं है काम करके दिखाते हैं.

सर्जिकल स्ट्राइक पर बोले मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत की तरफ से की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर इशारों में कहा कि पहले रोज उनसे ये सवाल किया जाता था कि मोदी कुछ क्यों नहीं करते. उन्होंने कहा, 'रोज मेरे बाल नोंच लिए जाते थे कि मोदी कुछ करता नहीं है.'

वन रेंक वन पेंशन का वादा किया पूरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वन रेंक वन पेंशन का जिक्र करते हुए कहा है कि हमारी सरकार ने वन रेंक वन पेंशन का वादा पूरा किया है, जिसे हम चार किश्त में पूरी तरह वितरित करने की योजना में हैं.

उन्होंने कहा कि हमने निर्णय लिया है कि ओआरओपी के आधार पर ही सातवां वेतन आयोग गिना जाएगा ताकि सैनिकों को अधिक फायदा हो. उन्होंने कहा, 'हम 50,000 रिटायर्ड फौजियों के लिए रोजगार उत्पन्न कर रहे हैं. हमारी सरकार ने फौजियों के बच्चों के लिए स्कॉलरशिफ बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी है'

शौर्य स्मारक संस्कार देने के लिए ओपन स्कूल
मोदी ने कहा कि हमें हमेशा हमारे जवानों का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि शौर्य स्मारक हमारी पीढ़ियों को संस्कार देने के लिए ओपन स्कूल है.