सोमवार, 24 अक्तूबर 2016

विश्व शांति के लिए भारत का शक्तिशाली राष्ट्र बनना आवश्यक : संघ



विश्व शांति के लिए भारत का शक्तिशाली राष्ट्र बनना आवश्यक – सुहासराव हिरेमठ जी
October 12, 2016

जयपुर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख सुहासराव हिरेमठ जी ने कहा कि विश्व शांति के लिए भारत का शक्तिशाली राष्ट्र बनना आवश्यक है. जब तक भारत शक्तिशाली नहीं बनेगा, दुनिया के किसी भी देश में चलने वाला आतंकवाद समाप्त नहीं होगा. इसलिए समाज को संगठित करते हुए राष्ट्र को वैभव सम्पन्न बनाना हमारा कर्तव्य है. सुहासराव जी मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जयपुर विभाग के विजयादशमी उत्सव में उपस्थित स्वयंससेवकों एवं नागरिकों को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान से ज्यादा चीन से खतरा है. महत्वाकांक्षी और विस्तारवादी नीति पोषक चीन ने तिब्बत पर अधिकार कर लिया है. अब उसकी भारत पर नजर है. सीमाओं पर हो रहे आक्रमणों की रक्षा तो सेना कर रही है, लेकिन देश में हो रहे आर्थिक आक्रमण से समाज को संघर्ष करना होगा. विदेशी आक्रमणों का सामना ‘स्व’ के प्रकटीकरण से ही हो सकता है. उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आह्वान किया. जीवन में स्व का जागरण करना हर देशभक्त नागरिक का कर्तव्य है.

उन्होंने कहा कि विजयादशमी विजय का विश्वास जागृत कर आसुरी प्रवृतियों को ध्वस्त करने वाला दिन है. विजय के लिए शक्ति आवश्यक है. यह सामर्थ्य की उपासना का संदेश देने वाला त्यौहार है. सामर्थ्य केवल शस्त्रों में नहीं होता, उसके लिए मनोबल और प्रबल इच्छा शक्ति की जरूरत होती है.

सुहासराव जी ने कहा कि पिछले दिनों जम्मू- कश्मीर के उरी में सेना के शिविर पर आतंकी हमला हुआ. इससे समाज में निराशा और आक्रोश का वातावरण बन गया था. लेकिन हमारी सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक के माध्यम से पाक अधिकृत कश्मीर में जाकर आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया. यह तब संभव हुआ, जब जागृत समाज ने समर्थ और मजबूत नेतृत्व को चुना. इस आनन्द के अवसर पर सेना व नेतृत्व का अभिनंदन है.

अखिल भारतीय सेवा प्रमुख ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की शक्ति संगठित समाज पर निर्भर करती है. जापान और इज़राइल इसके उदाहरण है. प्रतिकूलताओं के बाद भी अपने राष्ट्रीय भाव और संगठित शक्ति के कारण दोनों ही देशों ने पराक्रम हासिल किया है. इसलिए शक्ति सम्पन्न संगठित राष्ट्र बनाने के लिए हमें संकल्प लेना होगा. श्री गुरूगोविंद सिंह जी का स्मरण करते हुए कहा कि यह उनका 350वां जयंती वर्ष है. गुरू गोविंद सिंह जी ने जाति, भाषा, पंथ, प्रांत आदि से उपर उठकर राष्ट्रहित के लिए समाज को संगठित करने का काम किया. धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने पूरे परिवार को  बलिदान कर दिया.

उन्होंने कहा कि समरसता का संदेश विचारों के साथ- साथ आचरण से देना होगा. छुआछूत और भेद- भाव को समाप्त करने के लिए हिन्दू समाज को हृदय से जागृत होना होगा. रामानुजाचार्य की जयंती की इस वर्ष सहस्राब्दी है. उन्होंने जाति, पंथ के भेदभावों को मिटाते हुए, समाज के सभी वर्गों के लिये ज्ञान और भक्ति के द्वार खोले. जाति, श्रेष्ठता और हीनता के आधार पर किसी को अपमानित और प्रताड़ित करना अपने समाज के लिए लज्जाजनक कलंक है. सामाजिक समरसता लाना संपूर्ण समाज का काम है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में समूचे राजस्थान में मंदिर, पानी और दाहसंस्कार स्थल के आधार पर होने वाले भेदभाव के अध्ययन के लिए सर्वेक्षण कर समरसता लाने के प्रयास करेंगे. देशभक्ति, प्रमाणिकता और समाज संगठन की गुणवत्ता निर्माण करने का साधन संघ की शाखा है. हम व्यक्ति निर्माण करेंगे, आने वाले दस वर्षों में सारा विश्व भारत माता की जय करेगा.

अजमेरी गेट पर अद्भुद्द संगम

इससे पहले विजय दशमी उत्सव पर महाराज कॉलेज मैदान पर स्वयंसेवकों का एकत्रिकरण हुआ. स्वयंसेवकों ने घोष, दण्डयोग, नियुद्ध और सूर्यनमस्कार का प्रदर्शन किया. शस्त्र पूजन हुआ. इसके बाद दो भागों में पथ संचलन निकाला, पहला पथ संचलन- महाराज कॉलेज के उत्तर पूर्वी द्वार, अजायब घर, मोत डूंगरी रोड़, बापू बजार, चौड़ा रास्ता, छोटी चौपड़, किशनपोल बाजार होता हुआ और दूसरा संचलन महाराजा कॉलेज के दक्षिण पश्चिम द्वार से अशोक मार्ग, एमआई रोड़, संसारचन्द्र रोड़, दरबार स्कूल, पांचबत्ती होते हुए दोनों संचलनों का अजमेरी गेट पर पूर्व निर्धारित समय पर दोपहर 12.13 बजे संगम हुआ. इसके बाद संचलन पुनः महाराज कॉलेज पहुंचकर सम्पन्न हुआ. संचलन का मार्ग में जगह- जगह हिन्दू समाज ने स्वागत किया.

'तीन तलाक' को राजनीतिक और साम्प्रदायिक मुद्दा ना बनाएं : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी




'तीन तलाक' को राजनीतिक और साम्प्रदायिक मुद्दा ना बनाएं : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


भाषा, अंतिम अपडेट: सोमवार अक्टूबर 24, 2016

महोबा.नरेंद्र मोदी आज महोबा पहुंचे। मोदी ने कहा, 'बुंदेलखंड के ज्यादातर लोग गुजरात में रहते हैं। यूपी में कभी सपा तो कभी बसपा। उनकी दुनिया तो चलती रही लेकिन आपका कुछ नहीं हुआ। एक को परिवार की चिंता है तो दूसरे को कुर्सी की चिंता है। लेकिन हमें यूपी की चिंता है।' बुंदेलखंड में पानी की कमी के कारण मिट्टी सूखी...
- मोदी ने कहा, "मैथिलीशरण गुप्त, वृंदावन लाल वर्मा को नमन करता हूं। हमें ऐसा आशीर्वाद मिले, ताकि बुंदेलखंड की सारी मुसीबतें दूर हो सकें।"
- "यहां तो नदी भी है, गुजरात में तो नर्मदा और ताप्ती ही है।"
- "हमने कोशिश की। 15 साल के परिश्रम के बाद पानी का संकट दूर हुआ है।"
- "जल प्रबंधन के अभाव में यहां मिट्टी सूखी है। किसान तबाह हो गया। अगर पानी का प्रबंध कर दिया तो यहां का किसान मिट्टी में से सोना उपजा सकता है।"
- "यहां के लिए एक काम का सपना अटलजी ने देखा था। बाद में ऐसे लोग आए जिनको अपनी चिंता तो रहती है, लोगों की चिंता नहीं रहती। नदियों को जोड़ने की योजना थी। जहां बाढ़ आती है, उनका पानी सूखी नदियों में जाएगा।"
- "अटल जी का सपना था केन-बेतवा नदी को जोड़ने का। उमाजी के नेतृत्व में ये काम हो रहा है।"
- "बुंदेलखंड के पानीदार लोग हैं। उन्हें पानी दिया तो सब बदल देंगे। बुंदेलखंड के ज्यादातर लोग गुजरात में रहते हैं। मैं उनसे पूछता था किस बुंदेलखंड के हैं, मध्य प्रदेश वाले या उत्तर प्रदेश वाले। वे कहते- उत्तर प्रदेश वाले, क्योंकि वहां रोजगार नहीं होता।"
- "यूपी में कभी सपा तो कभी बसपा। उनकी तो दुनिया चलती रही, लेकिन आपका कुछ नहीं हुआ। आपको सपा-बसपा के चक्कर से बाहर निकलना होगा।"
- "जब चुनाव आता है तो बसपा वाले सपा पर आरोप लगाते हैं। लेकिन बसपा ने सत्ता में रहने के दौरान किसी सपा वाले को जेल भिजवाया था। आप अपनी बार लूटो, मैं अपनी बार लूटूंगा। सपा-बसपा में यही खेल चलता है।"
'हमें यूपी के लोगों की चिंता'
- "आज भी देश में ईमानदार अफसर और पुलिस है। लेकिन इन्हें ताकत देने की जरूरत होती है। इस चुनाव में यूपी का पिक्चर बहुत साफ है। जैसे लोकसभा चुनाव में आपने पूर्ण बहुमत दिया, वैसा ही अब कीजिए। मैं यूपी और देश की जनता का आभारी हूं, जो उन्होंने दिल्ली में पूर्ण बहुमत की सरकार दी।"
- "एक तरफ वो लोग हैं जिन्हें परिवार बचाने की चिंता हैं। दूसरी तरफ वो लोग हैं जिन्हें कुर्सी की चिंता है। तीसरी ताकत हम हैं जिन्हें यूपी बचाने की चिंता है। अब फैसला आपको करना है। खासतौर पर नौजवानों को फैसला करना है। आपको अपने भाग्य का विचार करना है।"
- "आपके पूर्वजों ने सपा-बसपा के बारे में सोचा होगा। लेकिन आप यूपी और बुंदेलखंड की चिंता कीजिए। कुछ मुठ्ठी भर लोग आपका हक छीन रहे हैं। यहां के माफिया से भिड़ने की ताकत सपा-बसपा में नहीं है। यहां जमीन सुधार के नहीं, जमीन हड़पने के काम होते हैं।"
'एमपी ने केंद्र के पैसे का सही इस्तेमाल किया'
- "एमपी का बुंदेलखंड आगे है, क्योंकि वहां सरकार ने केंद्र के पैसे का पूरा उपयोग किया। एमपी में सरकार ने 90 फीसदी धन का उपयोग किया। लेकिन यहां यूपी में 40 फीसदी ही धन का उपयोग हुआ। और कोई हिसाब नहीं है। पैसा कहां गया? कुछ पता नहीं।"
- "एमपी सरकार ने 47 हजार कुओं का काम पूरा किया। दरअसल, सपा बसपा के खिलाफ और बसपा सपा के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाती।"
- "यूपी ने देश को अनेक प्रधानमंत्री दिए। मुझे भी इसी प्रदेश ने बनाया। इस प्रदेश का मुझ पर हक है। मुझे आपका कर्ज चुकाना है। मोदी राज करने नहीं, सेवा करने पैदा हुआ है।"
-"'माताओं-बहनों की रक्षा होनी चाहिए। हिंदू अगर गर्भ में बेटी को मारे तो उसे जेल होनी चाहिए। मुस्लिम बहनों को उनका हक मिलना चाहिए।"
- "सुप्रीम कोर्ट ने तलाक पर हमसे पूछा। हमने कहा, संप्रदाय के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। कुछ पार्टियां वोट के चक्कर में मुस्लिम बहनों के साथ अन्याय कर रही हैं।"
- "मीडिया से अनुरोध है कि वो विद्वान मुसलमानों को बुलाएं, क्योंकि मुसलमानों में अच्छे लोग हैं। दिल्ली में बैठे लोगों को समझ में आ गया है कि यूपी ने अपनी किस्मत बदलने का फैसला कर लिया है।"
बनारस में क्या बोले मोदी?
- मोदी ने मोदी ऐप की जानकारी दी। नंबर बताया 1922। लोगों से कहा- सेना को संदेश भेजें।
- मोदी ने कहा, 'सेना को अनुभव होना चाहिए कि उनके देशवासी उन पर कितना गर्व करते हैं। दुनिया के कई देशों में सेना को देखकर लोग ताली बजाकर स्वागत करते हैं। हमारे यहां विशिष्ट हालात में ही ये होता है। हमारे यहां भी यह नाता बना रहना चाहिए। मैंने देशवासियों और सेना को यही संदेश भेजा है।'
- 'हम काशीवालों ने छोटी दिवाली मना ली। 29 सितंबर को जब देश की सेना ने पराक्रम किया तो काशी झूम उठा था।'
- 'ये ऐसी सरकार है जो शिलान्यास भी करती है और उद्घाटन भी खुद ही करती है। योजनाएं समय पर पूरी होने चाहिए। किसी भी फाइल पर साइन करते हुए पूछता हूं- पहले ये बताओ कि पूरा कब करोगे।'
- 'सरकार गरीबों को खोज कर गैस चूल्हा और सिलेंडर देंगे। गैस पाइपलाइन योजना का शिलान्यास करने जा रहा हूं। सात शहरों में गैस पाइपलाइन से घरों तक गैस पहुंचाएंगे। सीएनजी गैस से वाहन चलेंगे तो प्रदूषण कम होगा। देश का पैसा बचेगा। और विकास भी तेजी होगा।'
बनारस में कई इनॉगरेशन
- मोदी ने बनारस में इलेक्ट्रिक सब स्टेशन का इनॉगरेशन किया।
- 'ऊर्जा गंगा' सिटी गैसपाइप लाइन योजना का शिलान्यास किया। 12 हजार करोड़ से गैसपाइप लाइन बनाई जाएगी।
- वाराणसी-इलाहाबाद रेल रूट का पर डबल लाइन डलेगी। डाक विभाग के नए रीजनल ऑफिस का किया शिलान्यास किया और बनारस का डाक टिकट भी जारी किया।
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खास बातें
1- साम्प्रदायिक आधार पर मुस्लिम महिलाओं के साथ अन्याय नहीं होना चाहिये
2 -कुरान के ज्ञाताओं को बैठाकर इस पर सार्थक चर्चा करवाये मीडिया
3 -21वीं सदी में मुस्लिम औरतों से अन्याय करने पर तुले दल


महोबा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'तीन तलाक' के संवेदनशील विषय पर पहली बार मुखर होते हुए कहा कि साम्प्रदायिक आधार पर मुस्लिम महिलाओं के साथ अन्याय नहीं होना चाहिये और मीडिया तीन तलाक को राजनीतिक और साम्प्रदायिक मुद्दा बनाने के बजाय कुरान के ज्ञाताओं को बैठाकर इस पर सार्थक चर्चा करवाये.

पीएम मोदी ने बुंदेलों की धरती महोबा में आयोजित ‘परिवर्तन रैली’ में आरोप लगाया कि तीन तलाक के मुद्दे पर देश की कुछ पार्टियां वोट बैंक की भूख में 21वीं सदी में मुस्लिम औरतों से अन्याय करने पर तुली हैं. क्या मुसलमान बहनों को समानता का अधिकार नहीं मिलना चाहिये.

उन्होंने कहा ‘‘मेरी मुसलमान बहनों का क्या गुनाह है. कोई ऐसे ही फोन पर तीन तलाक दे दे और उसकी जिंदगी तबाह हो जाए. क्या मुसलमान बहनों को समानता का अधिकार मिलना चाहिये या नहीं. कुछ मुस्लिम बहनों ने अदालत में अपने हक की लड़ाई लड़ी. उच्चतम न्यायालय ने हमारा रुख पूछा. हमने कहा कि माताओं और बहनों पर अन्याय नहीं होना चाहिये. सम्प्रदायिक आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिये.’’

पीएम मोदी ने कहा ‘‘चुनाव और राजनीति अपनी जगह पर होती है लेकिन हिन्दुस्तान की मुसलमान औरतों को उनका हक दिलाना संविधान के तहत हमारी जिम्मेदारी होती है.’’ उन्होंने कहा ‘‘मैं मीडिया से अनुरोध करना चाहता हूं कि तीन तलाक को लेकर जारी विवाद को मेहरबानी करके सरकार और विपक्ष का मुद्दा न बनाएं. भाजपा और अन्य दलों का मुद्दा ना बनाएं, हिन्दू और मुसलमान का मुद्दा ना बनाएं. जो कुरान को जानते हैं, वे टीवी पर आकर चर्चा करें.’’


प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘मुसलमानों में भी लोग सुधार चाहते हैं. जो सुधार नहीं चाहते, उनकी चर्चा हो।. सरकार ने अपनी बात रख दी है. कोई गर्भ में बच्ची की हत्या कर दे तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिये. वैसे ही तीन तलाक कहकर औरतों की जिंदगी बर्बाद करने वालों को यूं ही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.’’

मालूम हो कि ‘तीन तलाक’ का मुद्दा उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है. सरकार ने अपने हलफनामे में इसका विरोध किया है, जबकि ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसे शरई कानून में दखलअंदाजी मानते हुए पूरे देश में हस्ताक्षर अभियान चलाया है.