गुरुवार, 27 अक्तूबर 2016

US President Barack Obama : Diwali celebrations in Mumbai, India in 2010








US President Barack Obama dancing with school students during Diwali celebrations in Mumbai, India in 2010

http://www.dailymail.co.uk/femail/article-2487180/Samantha-Cameron-glitters-spectacular-autumnal-sari-celebrates-Diwali-visit-Hindu-temple.html


The President of United States of America, Mr. Barack Obama and the First Lady Mrs. Michelle Obama celebrated Diwali festival, during their visit in Mumbai


ओबामा दंपती के प्रशंसक हुए स्कूली बच्चे
भाषा
मुंबई, 7 नवम्बर 2010
http://aajtak.intoday.in
भारत आये अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा ने रविवार को अपनी यात्रा को तब अनौपचारिक रंग दे दिया जब वे दोनों शहर के एक स्कूल के दिवाली के उत्सव में शरीक हुए और वहां उन्होंने अपनी गर्मजोशी और सहज बर्ताव से कई विद्यार्थियों को अपना प्रशंसक बना लिया.

दीप प्रज्ज्वलन करने, पारंपरिक मराठी लोकनृत्य ‘कोली’ पर थिरकने और पर्यावरण तथा भूमंडलीय तापमान में वृद्धि के विषय पर लगायी गयी प्रदर्शन को ध्यानपूर्वक देखने वाले ओबामा और मिशेल ने दक्षिण मुंबई के होली नेम स्कूल के बच्चों को प्रभावित कर दिया. दंपती ने बच्चों से मुक्त तरीके से बातचीत की, उन्हें ऑटोग्राफ दिये और विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं.

ओबामा और मिशेल से मिलने के बाद उत्साहित एक छात्र ने कहा कि यह हमारे तथा हमारे स्कूल के लिये स्वर्णिम मौका था.
नृत्य प्रस्तुति में भाग लेने वाले एक अन्य छात्र ने कहा कि हमें तैयारियों के लिये काफी कम वक्त मिला था. हमारी छहमाही परीक्षा 30 अक्तूबर को खत्म हुई और उसके बाद हमने दीपावली की छुट्टियां मनाने के बजाय ओबामा दंपती के स्वागत की तैयारियां शुरू कीं लेकिन हम इससे खुश हैं.

संसार के अन्य हिस्सों में दीपावली : DIWALI FESTIVAL




संसार के अन्य हिस्सों में दीपावली 

दीपावली को विशेष रूप से हिंदू, जैन और सिख समुदाय के साथ विशेष रूप से दुनिया भर में मनाया जाता है। ये, श्रीलंका, पाकिस्तान, म्यांमार, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिजी, मॉरीशस, केन्या, तंजानिया, दक्षिण अफ्रीका, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो, नीदरलैंड, कनाडा, ब्रिटेन शामिल संयुक्त अरब अमीरात, और संयुक्त राज्य अमेरिका। भारतीय संस्कृति की समझ और भारतीय मूल के लोगों के वैश्विक प्रवास के कारण दीवाली मानाने वाले देशों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। कुछ देशों में यह भारतीय प्रवासियों द्वारा मुख्य रूप से मनाया जाता है, अन्य दूसरे स्थानों में यह सामान्य स्थानीय संस्कृति का हिस्सा बनता जा रहा है। इन देशों में अधिकांशतः दीवाली को कुछ मामूली बदलाव के साथ इस लेख में वर्णित रूप में उसी तर्ज पर मनाया जाता है पर कुछ महत्वपूर्ण विविधताएँ उल्लेख के लायक हैं।




व्हाइट हाउस में दीपावली पर्व मनाया गया


प्रवासी टुडे, नवम्बर 2009
रमेश कुमार शर्मा

नोबेल शांति विद्वान अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस में दीपावली पर्व मनाकर एक सार्थक पहल की है। उन्होंने शुभकामना संदेश में कहा कि दीपावली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय,
मृत्योर्मा अमृतंगमय, शांतिः शांतिः शांतिः।
इस मंत्रोच्चारण के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दीपावली पर्व के अवसर पर दीप प्रज्ज्वलन कर अमेरिकी लोकतंत्र में एक नई पहल की। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पंडित नारायणाचार्य दिगालाकोटे द्वारा वैश्विक शांति के लिए वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच व्हाइट हाउस में दीप जलाकर दीपावली मनाई और इस तरह वह इस पर्व की व्यक्तिगत तौर पर शुभकामना देने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बन गये। व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में 14 अक्टूबर को आयोजित एक कार्यक्रम में ओबामा ने कहा मैं समझता हूँ कि यह उपयुक्त समय है जब हम इस कार्य की शुरूआत छुट्टियों के समय दीपावली से कर रहे हैं, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने दीपावली उपलक्ष्य में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने एशिया-अमेरिकी प्रशांत द्वीप समूह और व्हाइट हाउस के लिए सलाहकार आयोग पुनर्गठित करने की घोषणा की। संभवतः इस आयोग का कार्य राष्ट्रपति को फीजी जैसे प्रशांत द्वीपों जहाँ लोकतांत्रिक व्यवस्था फिलहाल समाप्तप्राय सी है के संबंध में यथोचित जानकारी और उचित सलाह देना भी होगा। आशा की जानी चाहिए कि प्रशांत महासागर के कतिपय अशांत द्वीपों में निकट भविष्य में फिर से शांति व्यवस्था कायम हो सकेगी।

दुनिया भर के कई देशों में मनाया जाता है रौशनी का त्योहार 'दीपावली' 

आजतक वेब ब्यूरो/भाषा नई दिल्ली, 13 नवम्बर 2012

दीपावली का पर्व अकेले भारत में ही धूमधाम से नहीं मनाया जाता बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में दीप पर्व अपनी छटा बिखेरता है. जिन देशों में हिंदुओं और सिखों की बड़ी आबादी है वहां तो रोशनी का जलसा देखते ही बनता है.
श्रीलंका, म्यामां, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिजी, मॉरीशस, केन्या, तंजानिया, दक्षिण अफ्रीका, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो, नीदरलैंड्स, कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका में दीपावली मनाई जाती है.


जैसे-जैसे भारतीय प्रवासियों की संख्या बढ़ रही है वैसे-वैसे दीपावली मनाने वाले देशों की संख्या भी बढ़ रही है. कनाडा के ओंटारियो स्थित मिसिसागा में रहने वाली अंजलि बक्शी ने कहा, ‘यहां तेज आवाज वाले पटाखे छोड़ने पर रोक है. यहां अलग-अलग केंद्र हैं जहां हम लोग अपने त्यौहार मनाने के लिए एकत्र होते हैं. इस दिन हम अपने घरों को रोशनी से सजाते हैं और शाम को दीपावली उत्सव के लिए इकट्ठे हो जाते हैं. कई बार तो हमने भारतीय दूतावास में भी दीपावली मनाई है.’

नेपाल के काठमांडो में पिछले कई सालों से रह रहे अजय कारकी ने बताया, ‘यहां दीपावली को स्वान्ति कहा जाता है. यह पर्व यहां पांच दिन मनाया जाता है. परंपरा वैसी ही है जैसी भारत की है. थोड़ी भिन्नता भी है. पहले दिन कौवे को, दूसरे दिन कुत्ते को भोजन कराया जाता है. लक्ष्मी पूजा तीसरे दिन होती है. इस दिन से नेपाल संवत शुरू होता है इसलिए व्यापारी इसे शुभ दिन मानते हैं.’

कारकी ने बताया, ‘चौथा दिन नए साल के तौर पर मनाया जाता है. इस दिन महापूजा होती है और बेहतर स्वास्थ्य की कामना की जाती है. पांचवा दिन भाई टीका होता है जब बहनें भाइयों का तिलक करती हैं.’

श्रीलंका में तमिल समुदाय के लोग इस दिन तेल स्नान के बाद नए कपड़े पहनते हैं और ‘पोसई’ (पूजा) कर बड़ों का आशीर्वाद लिया जाता है. शाम को पटाखे छोड़े जाते हैं. मलेशिया में हिंदू सूर्य कैलेंडर के सातवें माह में दीपावली मनाई जाती है. सिंगापुर में इस दिन सरकारी छुट्टी रहती है. वहां की दीपावली देख कर लगता है जैसे ‘नन्हें भारत’ में दीपावली मनाई जा रही है. वहां ‘हिन्दू एन्डाउमेंट बोर्ड ऑफ सिंगापुर’ कई सांस्कृतिक आयोजन करता है.

कैरेबियाई देशों में त्रिनिदाद और टोबैगो में बड़ी संख्या में भारतीय बसे हैं और वहां खूब धूमधाम से दीपावली मनाई जाती है. लोग घरों में पूजा करते हैं और रोशनी से घर जगमगा उठते हैं. ब्रिटेन में भी दीप पर्व मनाया जाता है और लीसेस्टर में तो बहुत बड़ा आयोजन होता है.

अमेरिका में वर्ष 2009 में पहली बार, किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में दीवाली का परंपरागत दीया जलाया था. व्हाइट हाउस में दीवाली मनाने की शुरुआत जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने की थी, लेकिन पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने निजी तौर पर खुद कभी उत्सव में भाग नहीं लिया. उनके प्रशासन के शीर्ष अधिकारी आयोजन में भाग लेते थे.

सात समंदर पार रोशनी की चमक

Posted On November - 10 - 2015
http://dainiktribuneonline.com
भारतवंशियों की दीवाली
विवेक शुक्ला
प्रख्यात साहित्यकार विद्याधर सूरजप्रसाद नायपाल पहली बार 1961 में दीपावली की रात को बम्बई पहुंचे। वे पहली बार भारत आ रहे थे। ये देखकर उन्हें निराशा हुई कि यहां पर ज्यादातर घरों के बाहर मोमबत्तियांे से आलोक सज्जा हो रही थी। उनके देश में दीपावली पर अब भी दीये जलाने की रिवायत है। भारत से दशकों पहले सात समंदर दूर चले गए भारतीय अपने तीज-त्योहारों को अब भी बहुत ही श्रद्धा और उत्साह के भाव से साथ मनाते हैं।
दीपावली का पर्व अकेले भारत में ही धूमधाम से नहीं मनाया जाता बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में दीप पर्व अपनी छटा बिखेरता है। जिन देशों में हिंदुओं और सिखों की बड़ी आबादी है, वहां तो रोशनी का जलसा देखते ही बनता है। श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिजी, मॉरीशस, केन्या, तंजानिया, दक्षिण अफ्रीका, गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो, नीदरलैंड्स, कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका में दीपावली मनाई जाती है।
कैरेबियाई देशों में त्रिनिदाद और टोबैगो में बड़ी संख्या में भारतीय बसे हैं और वहां खूब धूमधाम से दीपावली मनाई जाती है। लोग घरों में पूजा करते हैं और रोशनी से घर जगमगा उठते हैं। सागर तट से करीब 6 कि.मी. की दूरी पर स्थित त्रिनिदाद और टोबैगो की लगभग 13 लाख की आबादी में से 22.5 प्रतिशत हिन्दू हैं। त्रिनिदाद के उच्चायुक्त पंडित मणिदेव प्रसाद ने बताया कि 1845 में भारतवंशियों की पहली टुकड़ी त्रिनिदाद पहुंची थी। उसी वर्ष से वहां दीवाली का उत्सव मनाया जाता है। त्रिनिदाद और टोबेगो में दीपावली के पर्व पर राष्ट्रीय अवकाश होता है। गुयाना में भी हिन्दुओं की तादाद खासी है। गुयाना के तत्कालीन राष्ट्रपति छेदी जगन को इस बात का गौरव हासिल है कि वे पहले भारतीय मूल के शख्स थे, जिन्हें देश से बाहर राष्ट्राध्यक्ष बनने का गौरव मिला। वे 1961 में गुयाना के राष्ट्रपति बने थे।
त्रिनिडाड के पूर्व प्रधानमंत्री वासुदेव पांडे बताते हैं कि त्रिनिडाड के किसी भी छोटे-बड़े शहर का दीपावली पर नजारा भारत के किसी गांव की तरह का होता है। भारतीय घरों के विपरीत अन्य इमारतों पर लोग तेल के दीये जलाते हैं। जब ये सारे दीपावली की रात को एक साथ प्रकाशमय होते हैं तो मंजर अद्‍भुत होता है। पोर्ट ऑफ स्पेन शहर के तो एक बड़े चौराहे का नाम ही दीवाली स्ट्रीट है।
जैसे-जैसे भारतीय प्रवासियों की संख्या बढ़ रही है वैसे-वैसे दीपावली मनाने वाले देशों की संख्या भी बढ़ रही है। कनाडा में तेज आवाज वाले पटाखे छोड़ने पर रोक है। यहां अलग-अलग केंद्र हैं, जहां पर भारतीय अपने त्योहार मनाने के लिए एकत्र होते हैं। दीपावली वाले दिन भारतीय अपने घरों को रोशनी से सजाते हैं और शाम को दीपावली उत्सव के लिए इकट्ठे हो जाते हैं।
नेपाल के काठमांडो में दीपावली का पर्व पांच दिन मनाया जाता है। परंपरा वैसी ही है जैसी भारत की है। थोड़ी भिन्नता भी है। पहले दिन कौवे को, दूसरे दिन कुत्ते को भोजन कराया जाता है। लक्ष्मी पूजा तीसरे दिन होती है। इस दिन से नेपाल संवत्‍ा्‍ शुरू होता है इसलिए व्यापारी इसे शुभ दिन मानते हैं। चौथा दिन नए साल के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन महापूजा होती है। पांचवां दिन भाई टीका होता है, जब बहनें भाइयों का तिलक करती हैं। अगर बात अफ्रीकी देश मारीशस की करें तो वहां भारतवंशी दीपावली पर लक्ष्मी पूजन पूरी विधि के अनुसार ही करते हैं। भारत के विपरीत वहां पर मिठाइयां घरों में ही पकाने की ही रिवायत है। इसके अलावा दीवाली के दिन भारतवंशी परम्परागत भारतीय वेषभूषा में ही होते हैं।
दक्षिण अफ्रीका में भारतीय समुदाय बहुल इलाकों जैसे जोहांसबर्ग के निकट लेनासिया और चैट्सवर्थ और डरबन के फोनेक्स में दीपावली बहुत ही भव्य तरीके से मनाई जाती है। श्रीलंका में तमिल समुदाय के लोग इस दिन तेल स्नान के बाद नए कपड़े पहनते हैं और ‘पोसई’ (पूजा) कर बड़ों का आशीर्वाद लिया जाता है। शाम को पटाखे छोड़े जाते हैं।
अगर बात मलेशिया की करें तो वहां पर हिंदू सूर्य कैलेंडर के सातवें माह में दीपावली मनाई जाती है। उल्लेखनीय है कि मलेशिया में लगभग 20 लाख भारतीय हैं, जिनमें से अधिकांश हिंदू हैं। सिंगापुर में इस दिन सरकारी छुट्टी रहती है। वहां की दीपावली देखकर लगता है जैसे ‘नन्हे भारत’ में दीपावली मनाई जा रही है।
ब्रिटेन में भी दीप पर्व मनाया जाता है और लीसेस्टर में तो बहुत बड़ा आयोजन होता है। अमेरिका में वर्ष 2009 में पहली बार किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में दीवाली का परंपरागत दीया जलाया था।
ऑस्ट्रेलिया में भी दीपावली की धूम रहती है और मेलबोर्न में तो श्री शिव विष्णु मंदिर में दीपावली की रौनक देखते ही बनती है। न्यूजीलैंड में भी रह रहे भारतीय रोशनी का पर्व मनाते हैं। दोनों में ही दीपावली पर सार्वजनिक अवकाश रहता है। उधर, मारीशस में दीपावली से एक हफ़्ता पहले से ही बाजार भारतवंशियों की तरफ से की जाने वाली खरीददारी के कारण अटने लगते हैं। दुनिया के तमाम भागों में भारतवंशी दीवाली पूरी श्रद्धा-भाव के साथ मनाते हैं।

CONGRESSMEN SEEK US POSTAGE STAMP ON DIWALI FESTIVAL 
US President Barack Obama lighting a lamp during a Diwali celebration in the White House

Tuesday January 29, 2013
https://www.gg2.net/news/usa-news

NEXT time you receive a post parcel from the US, don’t be surprised to see a colourful display of  Diwali on it as some American lawmakers have introduced a resolution seeking issuance of a postage stamp on the popular Indian festival.   Congresswomen Carolyn B Maloney and Grace Meng, besides Indian-American Congressman Ami Bera, have introduced the resolution in the House of Representatives, urging the United States Postal Service (USPS) to create a stamp as per the Diwali Stamp resolution.

The USPS has recognised other major religious holidays such as Christmas, Kwanzaa, Hanukkah, and Eid, with a commemorative stamp earlier.   “Meaning ‘row of lights,’ Diwali celebrates the triumph of good over evil, the awareness of one’s inner light, the dispelling of ignorance, and bringing peace and joy through the awakening gained from this higher knowledge,” Maloney said in her remarks on the House floor.

She added that this festive and important Indian holiday is also observed in America.

“But despite the significance of this holiday, the United States Postal Service has yet to merit Diwali with the same recognition as other major religious holidays for which stamps are issued such as Christmas, Kwanzaa, Hanukkah, and Eid,” Maloney said.   “It is long overdue that we honour this significant holiday with a postage stamp of its own,” she said.

Adding to this, Congressman Ami Bera said that he felt honored to celebrate the Republic Day with Ambassador Rao and other Indian leaders in DC.   “Congratulations to India on 63 years of democracy. As the world’s largest democracy, India has a special relationship with the world’s oldest democracy, the United States” he said.



डाटा रिकवर




अनजाने में Delete हो गया Data, इन 8 स्टेप से कर सकते हैं रिकवर
dainikbhaskar.comOct 27, 2016

http://gadgets.bhaskar.com


गैजेट डेस्क। कई बार गलती से कम्प्यूटर या लैपटॉप से फाइल डिलीट हो जाती है। ऐसे में यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, डिलीट हुए डाटा की रिकवरी भी की जा सकती है। सॉफ्टवेयर की मदद से आप किसी फॉर्मेट हार्ड डिस्क का डाटा भी रिकवर कर सकते हैं। हम डाटा रिकवरी से जुड़े ऐसे 8 स्टेप के बारे में बता रहे हैं, जिनकी मदद से आसानी से डिलीट डाटा को फिर से रिस्टोर किया जा सकता है। ये है रिकवरी की प्रॉसेस...

स्टेप नंबर : 1

जिस हार्ड डिस्क से डाटा रिकवरी करना है उसे किसी दूसरे कम्प्यूटर से अटैच करें। यदि आपकी हार्ड डिस्क USB है, जो उसे डायरेक्ट कम्प्यूटर में लगा सकते हैं।

स्टेप नंबर : 2

डाटा रिकवरी सॉफ्टवेयर 'Recover My Files' का फ्री वर्जन डाउनलोड कर इन्स्टॉल करें। सॉफ्टेवयर को उस ड्राइव में इन्स्टॉल ना करें जिसका डाटा रिकवर करना है। इसे गूगल पर आसानी से सर्च किया जा सकता है।

स्टेप नंबर : 3

सॉफ्टेवयर इन्स्टॉल होने के बाद फाइल रिकवरी कर सकते हैं। इसके लिए चार जनरल ऑप्शन होते हैं। इनमें पहले दो ऑप्शन फाइल को सर्च करने के होते हैं, जिस पर यूजर को काम नहीं करना है। अन्य दो ऑप्शन रिकवरी के हैं, जिसमें आपको Complete Format Recover को चुनना है।

स्टेप नंबर : 4

अगले बॉक्स में फिजिकल ड्राइव सिलेक्ट करने की इन्फॉर्मेशन आती है। प्रोग्राम आपके सामने फिजिकल ड्राइव के कई ऑप्शन देता है। इन ऑप्शन में हार्ड डिस्क के पार्टिशन भी दिखाई देते हैं। ड्राइव के लॉजिकल वर्जन उनके नॉर्मल नाम से ही शो होते हैं। उदाहरण के लिए ऊपर दिए फोटो में फिजिकल ड्राइव 1 सिलेक्ट की गई है। फिजिकल ड्राइव 0 इसलिए सिलेक्ट नहीं की, क्योंकि आप मुख्य बूट ड्राइव को रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं, जो प्रोग्राम रन कर रही है। ड्राइव सिलेक्ट करने के बाद Next पर क्लिक कीजिए।

स्टेप नंबर : 5

अगली विंडो यूजर्स से उन फाइल्स के बारे में पूछती है जिनकी रिकवरी करना है। इसमें इमेज, ऑडियो, वीडियो, किसी सॉफ्टवेयर या अन्य दूसरी कई फाइल्स शो होती हैं। इन फाइल्स का सिलेक्शन ध्यान से करना है। यदि आपको जरूरी फाइल्स याद नहीं आ रही हैं, तब आप सभी को सिलेक्ट कर सकते हैं।

स्टेप नंबर : 6

इसके बाद यूजर्स के द्वारा सिलेक्ट की गई फाइल को सर्च किया जाता है। इसमें 50GB की फाइल स्कैन करने में एक घंटे का वक्त लग सकता है। वहीं, USB ड्राइव स्कैनिंग में ज्यादा वक्त लगता है। ये इस बात पर भी डिपेंड करता है कि यूजर्स ने कितनी फाइल सिलेक्ट की है।

स्टेप नंबर : 7

स्कैनिंग पूरी होने के बाद यूजर्स को रिकवरी फाइल्स की पूरी लिस्ट दिखाई देती है। हालांकि, कई फाइल्स आपको पुराने नाम से नहीं दिखती। आप किसी भी फाइल का सॉफ्टवेयर में नीचे की तरफ प्रिव्यू भी देख सकते हैं। इसके बाद आप जिन फाइल्स को सेव करना चाहते हैं उन पर क्लिक करें।

स्टेप नंबर : 8

फाइल को सेव करने के लिए Next बटन पर क्लिक करें। आपकी फाइल की रिकवरी शुरू हो जाएगी। रिकवरी के दौरान सॉफ्टवेयर पर कोई दूसरा काम न करें। जब आपके द्वारा चुनी गई फाइल्स की रिकवरी हो जाए तब आप सॉफ्टवेयर को क्लोज कर दें।