गुरुवार, 10 नवंबर 2016

पीएम नरेंद्र मोदी का बड़ा फैसला : 500 और 1000 के नोट बंद !







500 और 1000 के नोट पर बैन : परेशान न हों, 
इन 10 बातों की जानकारी आपकी चिंता दूर कर देगी
वंदना वर्मा द्वारा संपादित, अंतिम अपडेट: बुधवार नवम्बर 9, 2016

http://khabar.ndtv.com
नई दिल्ली: 500 और 1000 रुपए के नोट पर बैन के बाद अब बैंकों में सभी जमा या निकासी वीडियो कैमरे के दायरे में होंगी. इसलिए रिजर्व बैंक ने लोगों को सावधानीपूर्वक वैध पैसे जमा कराने की सलाह दी है. ताकि किसी दूसरे का काला धन, अन्‍य लोगों के माध्‍यम से सफेद करने की कोशिशों पर नियंत्रण किया जा सके.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
१- 500 और 1000 रुपये के मौजूदा नोट पर पाबंदी लगी है. नए डिजाइन और आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर के साथ 500 रुपये के नोट 10 तारीख से चलन में आ जाएंगे.
२- 10 तारीख से ही 2000 रुपये के नए नोट भी चलन में आ जाएंगे. कुछ समय बाद 1000 रुपये के नए नोट बाजार में आएंगे, लेकिन तारीख अभी तय नहीं.
३- अगले 50 दिनों तक यानी 10 नवंबर से 30 दिसंबर  इन 500 और 1000 रुपये के नोटों को आप बैंक में जाकर जमा करा सकते हैं.
४- 2000 रु के नए नोट में नैनो चिप लगे हैं. इससे नोटों की सैटेलाइट से निगरानी संभव है. इससे एक जगह भारी संख्या में नोट जमा हो, वो पता चल जाएगा. हालांकि चिप लगाए जाने को लेकर आरबीआई ने पुष्टि नहीं की है.
५- 9 और 10 नवंबर को चेक जारी करने या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भुगतान करने पर कोई रोक नहीं है.
६- आपके पास जितने भी 500 और 1000 के नोट हैं उसे बैंक या डाकघर में 10 तारीख से जमा करा सकते हैं. इसमें जमा करने की कोई सीमा तय नहीं है.
७- किसी दूसरे का पैसा जमा करने की कोशिश न करें, सभी बैंकों में वीडियोग्राफी और जमा करने वाले की पूरी जानकारी ली जा रही है, आप फंस सकते हैं
८- आपके पास कानूनी तौर पर जुटाए 500 और 1000 रुपये के नोट बैंक या डाकघर में जमा कराने पर कोई पाबंदी नहीं है. बस मौजूदा नोट को नए नोट या 100 के नोट में तब्दील करने की एक दिन की अधिकतम समयसीमा 4000 रुपए रखी गई है.
९- कुछ कारणों से जो लोग 1,000 रुपये और 500 रुपये के नोट 30 दिसंबर तक जमा नहीं करा सकेंगे, वे लोग पहचान पत्र दिखाकर 31 मार्च, 2017 तक नोट बदलवा सकेंगे.
१०- इस पूरी प्रक्रिया में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि ये अव्यवस्था जल्द खत्म होगी.
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पीएम मोदी का बड़ा एलान: 500 और 1000 के नोट बंद,जानिए क्यों लिया सरकार ने ये फैसला!
By: एबीपी न्यूज | Last Updated: Wednesday, 9 November 2016
http://abpnews.abplive.in
नई दिल्ली: कल रात खबर आई कि पीएम मोदी राष्ट्र के नाम संदेश देने वाले हैं, हर कोई इसे पाकिस्तान से जोड़ कर देख रहा था लेकिन रात 8 बजे मोदी पाकिस्तान नहीं देश की अर्थव्यवस्था की बात की और बड़ा एलान किया कि आज से 500 रुपये और 1 हजार का नोट बंद कर दिया जाएगा.

कालेधन पर लगाम लगाने के अपने वादे को पूरा करने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐतिहासिक एलान किया. 500 और 1000 रुपए के मौजूद नोट अब किसी भी लेन देन में इस्तेमाल नहीं हों सकेंगे.

क्यों बंद किए गए 500 और 1000 के नोट ?

अब सवाल ये है कि पांच सौ और हज़ार के नोट क्यों बंद किए गए, काला धन जो इन नोटों की शक्ल में मौजूद हैं उनका इस्तेमाल आतंकवाद, नकली नोट और रियल स्टेट जैसी कई जगहों पर किया जा रहा था… सरकार के इस फैसले के बाद उन लोगों की नींद उड़ गयी है, जिनके घरों में लाखों-करोड़ों कैश रखे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी कह रहे हैं कि 500 और 1000 रुपए के नोट इसलिए बंद किए हैं क्योंकि इससे-

-देश में कैश काला धन बेकार हो जाएगा
-रियल एस्टेट क्षेत्र में काले धन का इस्तेमाल रुक जाएगा
-हवाला के जरिए पैसों के लेन देन पर रोक लगेगी
-देशभर में फैल चुके जाली नोट पर रोक लगेगी
-भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी में कमी आएगी
-ड्रग्स-हथियार के कारोबार पर रोक लगेगी
-आतंकवाद की फंडिंग पर असर पड़ेगा

आतंकवाद की फंडिंग पर भी असर पड़ेगा

अपराधी, आतंकवादी और बड़े पैमाने पर अघोषित आय रखने वाले लोगों के लिए बड़े नोटों को रखना आसान होता है. ऐसे में 500 और 1000 रुपये के मौजूदा नोटों पर रोक लगाने से ऐसे लोगों पर लगाम कसी जा सकेगी.

बाजार में 500 और 1000 के जाली नोट भी फैले हैं

पूरे देश में चल रही करंसी में 500 और 1000 रुपये के नोटों की हिस्सेदारी फिलहाल 86 फीसदी है, इन नोटों की कुल कीमत 14 हजार 180 अरब रुपये बनती है. सरकार ये भी कह रही है कि आप किसी के बहकावे में आकर उसके काले धन को सफेद बनाने की कोशिश ना करें. बैंक में हर लेन देने पर नजर रखी जाएगी.

ब्लैकमनी पर सरकार की सख्ती काफी वक्त से चल रही है, विदेश और देश में मौजूद कालेधन को वापस लाने के लिए सरकार ने स्कीम भी चलायी, इसके तहत काले धन का खुलासा भी हुआ लेकिन इसका बहुत ज्यादा फायदा नहीं हुआ. अब काले धन को बाहर निकालने के लिए मोदी सरकार ने मास्टर स्ट्रोक चला है.

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पीएम नरेंद्र मोदी ने लिया बड़ा फैसला, 500 और 1000 रुपये के मौजूदा नोट हुए बंद
नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Nov 8, 2016

नई दिल्ली
भ्रष्टाचार और जाली नोटों पर लगाम लगाने के मकसद से पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 1000 और 500 रुपये के मौजूदा करंसी नोटों को 8 नवंबर की रात 12 बजे से बंद करने का ऐलान किया। राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 500 और 1000 रुपये के करंसी नोट लीगल टेंडर नोट (यानी कानूनी रूप से मान्य) नहीं रहेंगे। इनके अलावा अन्य सभी नोट और सिक्के मान्य होंगे। पीएम मोदी ने कहा, ' हम जाली नोटों और करप्शन के खिलाफ जो जंग लड़ रहे हैं, इससे उस लड़ाई को ताकत मिलने वाली है।'

8 नवंबर से अमान्य ठहराए गए 500 और 1000 रुपये के नोटों को लोग 10 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर 2016 तक बैंक या फिर डाकघर के खाते में जमा करा सकेंगे। पीएम मोदी ने कहा, 'इन नोटों को जमा कराने के लिए आपके पास करीब 50 दिनों का समय है, ऐसे में आपको किसी तरह की अफरातफरी की जरूरत नहीं है। आपकी धनराशि आपकी ही होगी और आपको किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है। आप इन्हें खाते में डालकर नई करंसी निकाल सकते हैं।'

9 और 10 नवंबर को बंद रहेंगे एटीएम
पीएम मोदी ने कहा कि नए नोटों की व्यवस्था करने में बैंकों को समय लगेगा। ऐसे में रिजर्व बैंक ने कुछ समय की मांग की थी। इसलिए 9 नवंबर को पूरे देश में एटीएम काम नहीं करेंगे, जबकि 10 नवंबर को भी देश के कुछ इलाकों में एटीएम बंद रह सकते हैं। इस दौरान बैंक पूरे देश में नए नोटों की व्यवस्था कर सकेंगे।


अमेरिका : ट्रंप की जीत : भारत को बहुत खुश होने की जरूरत नहीं


     मेरा व्यक्तिगत  मानना है कि अमरीका के नये राष्टपति , आतंकवाद के विरूद्ध जोरदार बयानवाजी से जीते है। इसका मतलब अमरीका सहित सम्पूर्ण विश्व जनमत आतंकवाद का विरोधी हे। किन्तु यह भी कडवा सच है कि अमरीका ही आतंकवाद  का जन्मदाता रहा है। उसकी विश्व राजनीति में सब आपस में लडते रहो और अमरीका का भला होता रहे की हे। अमरीका की मूल नीतियों को कोई भी राष्ट्रपति क्रांतीकारी रूप से बदल दे यह असंभव प्रतीत होता हे। 

        भारत को बहुत खुश होने की जरूरत नहीं हे। भारत को जो मिलेगा वह भारत की अपनी मजबूती से ही मिलेगा। भारत की जनता ने नरेन्द्र मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाया अमरीका अपने आप नीचे झुक गया अन्यथा उसने बीजा तक नहीं दिया था । 
- अरविन्द सिसोदिया, कोटा , राजस्थान !







अमेरिका चुनावः डोनाल्ड ट्रंप की जीत से भारत पर पड़ेंगे 7 बड़े प्रभाव
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्लीUpdated Wed, 09 Nov 2016
http://www.amarujala.com
एक साल के ताबड़तोड़ प्रचार पर अमेरिकियों ने अपने फैसला सुना दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव पर भारत समेत सारी दुनिया की नजर थी। अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के लिहाज से कैसे साबित होंगे?
अमेरिका के साथ भारत के पुराने अनुभव बताते हैं कि रिपब्लिकन राष्ट्रपति सामान्य तौर पर डेमोक्रेटिक उम्मीदवार से बेहतर साबित हुए हैं लेकिन पिछले कुछ सालों में अमेरिका और भारत के संबंध तेजी से बदलते रहे हैं।

आइए देखते हैं ट्रंप का राष्ट्रपति बनना भारत के लिहाज से कैसा है...क्या पड़ेंगे भारत पर प्रभाव।
भारत के लिए मिले जुले हो सकते हैं परिणाम

1- दुनियाभर के बाजार नहीं चाहते कि ट्रंप राष्ट्रपति बने। लिहाजा बाजार की ट्रंप की जीत पर तीखी प्रतिक्रिया होगी। वह उदार अंतरराष्ट्रीय व्यापार कानूनों का समर्थन नहीं करते हैं।

2 - ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी ऐसी है जिसमें 'पहले सिर्फ अमेरिका' होता है और वह सभी व्यापार समझौते को नए सिरे से लागू करना चाहते हैं, भारत के साथ भी वह यही करने के पक्षधर है।

3- ट्रंप एच1बी वीजा प्रोग्राम के खिलाफ हैं और इसे बंद करना चाहते हैं। ट्रंप जीत दर्ज करने पर भारतीय आईटी स्टॉक और आईटी कंपनियों को इसका नुकसान हो सकता है।

4 -एक तरफ वह भारत की तारीफ करते हैं तो दूसरी ओर आरोप लगाते रहे हैं कि भारत और चीन अमेरिका की नौकरियां छीन रहे हैं और वह इन्हें वापस लाएंगे। अमेरिका की नौकरी वापस लाने का  मतलब है कि वह प्रवासियों के लिए मुश्किल कानून लाने वाले हैं। काम करने के मामले में अमेरिका भारतीयों की पहली पसंद है।

5- आतंकवाद के खिलाफ ट्रंप का रुख काफी मुखर रहा है। खासकर पाकिस्तान को लेकर वह ज्यादा ही कड़ा रुख रखते हैं भारत के लिहाज से यह मुफीद हो सकता है। वह पहले भी आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का सहयोग करने की बात कह चुके हैं।

6- चीन के बढ़ते वर्चस्व पर भी ट्रंप चिंता जता चुके हैं। वो मानते हैं कि चीन का एकदम इतनी तेजी से बढ़ना दुनिया के लिए खतरनाक है इसलिए इस पर अंकुश लगाया जाएगा। भारत के लिए यह बात भी राहत वाली हो सकती है क्योंकि चीन को रोकने के ‌लिए अमेरिका भारत को अपना प्रमुख सहयोगी बना सकता है।

7- वर्तमान राष्ट्रपति ओबामा की तरह ही ट्रंप भी भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अच्छे रिश्तों के पक्षधर हैं। ट्रंप खुद कई बार प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ कर चुके हैं। यहां तक की मोदी की तर्ज पर ही उन्होंने अपना नाराज अबकी बार ट्रंप सरकार दिया था।

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डोनाल्ड ट्रम्प
डोनाल्ड जॉन ट्रम्‍प (जन्म:14 जून 1946) एक अमेरिकी रिअल एस्‍टेट कारोबारी,अमेरिकी बिजनेसमैन, टीवी पर्सनालिटी, राजनेता, लेखक हैं। अमेरिका में 45वें राष्ट्रपति के लिए हुए चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेट हिलेरी क्लिंटन को हराकर जीत हासिल की। इनका निवास स्थान ट्रम्प टॉवर, मैनहैटन है। इनकी कुल सम्पत्ति 400 करोड़ डॉलर है।
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हर हर ट्रंप, घर घर ट्रंप...
जीत के बाद बोले- विकास दर दोगुनी करेंगे, दुश्मनों से भी करेंगे दोस्ती
aajtak.in [Edited by: सबा नाज़] वॉशि‍ंगटन, 9 नवम्बर 2016 |

http://aajtak.intoday.in
अमेरिका के बहुचर्चित राष्ट्रपति पद का चुनाव आखिरकार अपनी मंजिल तक पहुंच ही गया. रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए डेमोक्रेट की हिलेरी क्लिंटन को 218 के मुकाबले 276 वोटों से हरा दिया है. हालांकि व्हाइट हाउस पहुंचने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 270 वोटों की ही जरूरत थी.

अपनी जीत से इतिहास रचने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने नतीजे आने के बाद समर्थकों को संबोधित किया. न्यूयॉर्क में पार्टी मुख्यालय से उन्होंने जीत के बाद कहा कि 'मेरी जीत उनकी जीत है जो अमेरिका से प्यार करते हैं. मैं अमेरिका से बहुत प्यार करता हूं.' उन्होंने ये भी कहा कि 'मैं सभी अमेरिकियों का राष्ट्रपति हूं. मेरा आपसे वादा है हम अच्छा काम करेंगे. हम बेहतर और शानदार अमेरिका बनाएंगे.'

एक तरफ जहां नतीजे आने के बाद डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों में जश्न का माहौल है वहीं दूसरी तरफ हिलेरी क्लिंटन ने फिलहाल समर्थकों को संबोधित ना करने का फैसला लिया है. इतना ही नहीं उन्होंने समर्थकों से जाने को भी कह दिया है. संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति बने हैं. ट्रंप ने ऐलान किया है कि वह न्यूयॉर्क में पार्टी मुख्यालय से अपने समर्थकों को संबोधित करेंगे. दूसरी तरफ हिलेरी क्लिंटन ने चुनाव में हार स्वीकार करने के लिए डोनाल्ड ट्रम्प को कॉल किया.

भारतीय मूल की महिला कमला हैरिस ने कैलिफॉर्निया में जीत हासिल करके अमेरिकी सीनेट में अपनी जगह पक्की कर ली है. इतना ही नहीं अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए इलिनोइस से चुनाव जीते राजा कृष्णमूर्ति.

कैलिफॉर्निया में जीत के साथ ही हिलेरी क्लिंटन 209 और डोनाल्ड ट्रंप 228 इलेक्टोरल वोटों पर पहुंच गए हैं. रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पहले 168-131 से बढ़त बनाए हुए थे. वहीं हिलेरी ने न्यूयॉर्क में जीत दर्ज कर ली है. साउथ कैरोलीना और टेनिसी में डोनाल्ड ट्रंप ने जीत दर्ज कर ली है. डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया में हिलेरी की जीत हुई है.

डोनाल्ड ट्रंप ने जीते ये राज्य-
नॉर्थ कैरोलीना, नॉर्थ फ्लोरिडा, ओहायो, मिसौरी, मोंटाना, लुईसियाना, अर्कांसस, कान्सास, उत्तरी डकोटा, दक्षिण डकोटा, टेक्सास, व्योमिंग और मिसिसिपी.

हिलेरी क्लिंटन के खाते में आए ये राज्य-
ओरेगन, कोलोराडो, वर्जिनिया, मैक्सिको, कनेक्टिकट, इलिनोइस, न्यूयॉर्क, वाशिंगटन और रोड आइलैंड.

रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने केन्टकी, इंडियाना और वेस्ट वर्जीनिया राज्यों में जीत दर्ज कर ली है. वहीं डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को वरमॉन्ट में बढ़त हासिल हुई है. इस तरह डोनाल्ड ट्रंप हिलेरी क्लिंटन से आगे चल रहे हैं. ट्रंप 24 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल कर तीन वोट हासिल करने वाली हिलेरी क्लिंटन से आगे चल रहे हैं. राष्ट्रपति बनने के लिए 270 इलेक्टोरल वोट हासिल करना जरूरी है.



आखिरी वक्त तक एक-एक वोट के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी और रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी जनता के सामने जोरदार बहस की. उन्होंने विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए अपने विचार पेश किए. इस तरह, अमेरिका के इतिहास में अब तक का सबसे निम्न स्तरीय चुनाव प्रचार अभियान समाप्त हो गया.

इंडियाना और केंटकी के बाद उत्तरी कैलिफोर्निया और ओहायो में मतदान समाप्त हो जाएगा. इन्हीं राज्यों से जीत के संकेत मिलेंगे. अमेरिका के 6 राज्यों में मतदान बंद हो चुका है.
ट्रंप और हिलेरी के बीच साउथ कैरोलीना, जॉर्जिया और वर्जीनिया में कड़ी टक्कर होने की उम्मीद जताई जा रही है. ट्रंप ने मंगलवार को एक बार फिर चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए नतीजों को स्वीकार नहीं करने की बात कही थी.

वहीं कैलिफोर्निया में पोलिंग साइट के पास गोलीबारी की खबर सामने आई है. इसमें एक शख्स की मौत हो गई है जबकि 3 घायल बताए जा रहे हैं. हालांकि इस गोलीबारी के पीछे क्या वजह रही इसका अब तक पता नहीं चल पाया है.