मंगलवार, 22 नवंबर 2016

साबित हुआ जनता मोदी के साथ : नोटबंदी के बाद हुए उपचुनाव BJP जीती :

नोट बंदी के बाद जिस तरह से विपक्ष ने हायतोबा मचाई थी उसका जबाव जनता ने दे दिया हे । जहाँ  जिसकी राज्य सरकार थी वहां उस दल को सीट मिल गई है । भारत में आमजन भाजपा के फेवर में हैं । यह सबूत  मध्यप्रदेश , असम और अरुणाचल के उप चुनावों में 2 लोकसभा और 3 विधानसभा चुनाव जीतें ने से दिया है ।  इन चुनावों से  सबोट हुआ कि जनता मोदीजी के साथ हे । 
- अरविन्द सिसोदिया , जिला महामंत्री भाजपा  कोटा , राजस्थान 9509559131
----

नोटबंदी के बाद हुए उपचुनाव का रिजल्टः MP, असम, अरुणाचल में BJP जीती, मंत्री ने कहा- साबित हुआ जनता मोदी के साथ
dainikbhaskar.com | Nov 22, 2016, 




नई दिल्ली. नोटंबदी के बाद पिछले हफ्ते 7 राज्यों की 14 सीटों पर उपचुनाव हुए थे। इसके नतीजे मंगलवार को आए। मध्य प्रदेश, असम और अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी ने कब्जा किया है। तमिलनाडु की तीनों विधानसभा सीटों पर AIADMK ने जीत हासिल की है। त्रिपुरा में दोनों सीटें सीपीएम को मिलीं हैं। उधर वेस्ट बंगाल टीएमसी तीनों विधानसभा सीटें अपने ही पास रखने में कामयाब रही है। 
# मध्य प्रदेश
- शहडोल लोकसभा सीट और नेपानगर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी अपना कब्जा बरकरार रखने में कामयाब रही है।
- शहडोल ज्ञान सिंह ने कांग्रेस की हिमाद्री सिंह को हराया। हिमाद्री कांग्रेस के केंद्रीय मंत्री रहे दलबीर सिंह की बेटी हैं।
- शहडोल सीट बीजेपी सांसद दलपत सिंह परस्ते की मौत के बाद खाली हुई थी।
- नेपानगर में बीजेपी की मंजू दादू ने कांग्रेस के अंतर सिंह बारडे को हराया।
- मंजू बीजेपी के दिवंगत विधायक राजेंद्र श्यामलाल दादू की बेटी हैं। श्यामलाल दादू की इसी साल जून में सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
# वेस्ट बंगाल
- वेस्ट बंगाल में टीएमसी तीनों सीटों पर फिर जीत हासिल करने में कामयाब रही।
- कूच बिहार में पार्था प्रतिम 4 लाख 13 हजार 231 वोटों से जीते। उन्होंने बीजेपी के हेमचंद्र बर्मन को 4 लाख 90 हजार वोटों से हराया।
- तमलुक लोकसभा सीट पर दिव्येंदु अधिकारी जीते। उन्होंने सीपीअाई-एम की मंदिरा पांडा को 4 लाख 97 हजार वोटों से शिकस्त दी।
- मोंटेश्वर विधानसभा सीट पर सैकत पांजा जीते। उन्होंने सीपीआई-एम के मोहम्मद ओसमान गनी सरकार को 1 लाख 27 हजार वोटों से हराया।
# तमिलनाडु
- तमिलनाडु की तीनों विधानसभा सीटों पर AIADMK ने जीत दर्ज की है।
- तंजावुर सीट पर AIADMK के एम. रेंगासामी ने DMK के अंजुघम बूपथि को 25000 वोटों से शिकस्त दी।
- अरावकुरिचि में AIADMK के वी. सेंथिल बालाजी ने DMK के के.सी. पलानिसामी को 23 हजार 661 वोटों से हराया।
- तिरुपर्रानकुंदरम सीट पर AIADMK के ए.के. बोस ने DMK के पी. सर्वाननम को 42670 वोटों से शिकस्त दी।
- अरावकुरिचि और तंजावुर में इस साल मई में हुए विधानसभा चुनाव के वक्त वोटिंग टाल दी गई थी। इन दोनों सीटों पर अब चुनाव करवाए गए हैं।
- इनके अलावा तिरिपर्रानकुंदरम में उप चुनाव कराए गए हैं।
# अरुणाचल प्रदेश
- अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी की दसांगलू पुल ने डिपेंडेंट कैंडिडेट योंपी क्री को 944 वोटों से हराया।
- दसांगलू पूर्व दिवंगत सीएम कलिखो पुल की पत्नी हैं। कलिखो की मौत के बाद ही ह्यूलांग विधानसभा सीट खाली हुई थी।
- दसांगलू कलिखो की तीन पत्नियों में से सबसे छोटी हैं। उन्होंने नॉर्थ डेमोक्रेटिक अलायंस की ओर से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था।
# असम
- लखीमपुर-14 लोकसभा सीट और बैठलांसो-20 विधानसभा सीट पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है।
- लखीमपुर-14 सीट पर बीजेपी के प्रदान बरुआ ने कांग्रेस के डॉ. हेमा प्रसंगा पेगू को 1 लाख 90 हजार 219 वोटों से शिकस्त दी।
- लखीमपुर सीट सांसद सर्वानंद सोनोवाल के असम का सीएम बनने के बाद खाली हुई थी।
- बैठलांसों में डॉ. मानसिंह रोंगपी ने कांग्रेस के रुपोनसिंग रोंघांग को 16 हजार 600 वोटों से हराया।
- डॉ. मानसिंह 12 जुलाई को कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए थे इसके बाद यह सीट खाली हो गई थी।
# त्रिपुरा
- त्रिपुरा की दोनों विधानसभा सीटों पर सीपीआई-एम ने कब्जा किया।
- बरजाला सीट सीपीआई-एम ने कांग्रेस से छीन ली। यहां झूमू सरकार ने बीजेपी के शिस्तामोहन दास को 3 हजार 374 वोटों से हराया।
- खोवाई सीट पर बिस्वजीत दत्ता ने टीएमसी के मनोज दास को 16 हजार 47 वोटों से हराया।
- बरजाला सीट कांग्रेस के विधायक जितेंद्र सरकार के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी। खोवाई सीट सीपीआई-एम के नेता समीर देब की मौत के बाद खाली हुई थी।
# पुड्डुचेरी
- पुड्डुचेरी के नल्लीथोप्पे विधानसभा सीट पर कांग्रेस को जीत हासिल हुई है।
- यहां सीएम वी. नारायणसामी ने AIADMK के ओम सक्थि सेखर को 11 हजार 144 वोटों से हराया।
- मई में हुआ विधानसभा चुनाव नारायणसामी नहीं लड़े थे। लेकिन बाद में उन्हें विधायक दल का मुखिया चुना गया।
- नारायणसामी के लिए नल्लीथोप्पे सीट कांग्रेस के जॉन कुमार ने छोड़ी थी, ताकि वे यहां से चुनाव लड़ सकें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से पूछे 10 सवाल



नोटबंदी पर पीएम नरेंद्र मोदी ने जनता से मांगी राय, कहा- मैं आपकी प्रतिक्रिया जानना चाहता हूं
I want your first-hand view on the decision taken regarding currency notes. Take part in the survey on the NM App. http://t.co/TYuxNNJfIf pic.twitter.com/mWv2frGn3R
— Narendra Modi (@narendramodi) November 22, 2016 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट के फैसले पर राय मांगी है। नोटबंदी पर सर्वे  के लिए नरेंद्र मोदी ऐप का प्रयोग करना होगा। इस सर्वे में 10 सवाल पूछे गए हैं। पीएम ने ट्वीट कर बताया, ”मैं करेंसी नोट को लेकर लिए गए फैसले पर आपकी प्रतिक्रया जानना चाहता हूं। नरेंद्र मोदी ऐप पर सर्वे में हिस्‍सा लीजिए।” गौरतलब है आठ नवंबर को पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में नोटबंदी का एलान किया था। साथ ही कहा था कि पुराने नोट बदलने के लिए 30 दिसंबर तक का समय है। सरकार के इस फैसले को हालांकि लोगों का अच्‍छा समर्थन मिल रहा है। लोगों का कहना है कि कर चोरी और भ्रष्‍टाचार से बचने के लिए यह उपाय है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में कैश की कमी के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को लगातार बैंकों में लाइनों में खड़े रहकर नोट बदलवाने पड़ रहे हैं। साथ ही जिन घरों में शादी है उन्‍हें पैसों की कमी झेलनी पड़ रही है।


विपक्ष भी बैंकों में पैसे की कमी और एटीएम बंद होने के मसले के जरिए सरकार को घेर रहा है। संसद में इसके चलते काम नहीं हो पा रहा है। विपक्ष पीएम के जवाब की मांग कर रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि वित्‍त मंत्री नोटबंदी पर जवाब देने को तैयार है। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने आगरा में रैली के दौरान कहा था कि उन्‍होंने 50 दिन का समय मांगा था। अगर इस अवधि में वे यह काम पूरा नहीं कर पाएं तो उन्‍हें दोष दिया जाए। मंगलवार को भाजपा सांसदों को संबोधित करने के दौरान भी नोटबंदी पर मोदी भावुक हो गए थे। उन्‍होंने कहा कि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बैन करने का फैसला गरीबों की मदद के लिए किया गया है।
पीएम ने कहा कि विपक्ष गलत जानकारी फैला रहा है। उन्‍होंने भाजपा सांसदों से कहा कि वे इस बारे में जनता को जागरूक करें और इस कदम के फायदे बताएं। नोटबंदी कालेधन और भ्रष्‍टाचार के खिलाफ लड़ाई का अंत नहीं है बल्कि यह शुरुआत है। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने भी कहा कि सरकार नोटबंदी पर चर्चा पर तैयार है। यह बहुत बड़ा निर्णय है और इसे लागू करने के लिए सरकार को बहुत हिम्मत चाहिए थी। पूरा देश इसका स्वागत कर रहा है, ये एक एतिहासिक कदम है। नोटबंदी से गरीबी मिटाने में मदद मिलेगी। यह फैसला देशहित में है। नोटबंदी से थोड़े दिन के लिए दिक्कत हो सकती है लेकिन जल्‍द ही स्थिति सुधर जाएगी।
-----------------
aajtak.in [Edited By: सबा नाज़]
नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के हमले झेल रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ट्वीट कर जनता से एक एप के जरिए नोटबंदी पर राय मांगी है. उन्होंने देश की जनता से एमएन एप पर सर्वे में शामिल होने का अनुरोध भी किया. बैंकों और एटीएम की लाइनों में खड़ी परेशान जनता पीएम के इस कदम पर क्या प्रतिक्रिया देती है ये तो वक्त ही बताएगा. पहले जानिए सर्वे में हिस्सा लेने वालों से पूछे जा रहे 10 सवाल-
1. क्या आपको लगता है भारत में कालाधन है ?
2. क्या आपको लगता है कि कालेधन और भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों से लड़ने की जरूरत है ?
3. काले धन के खिलाफ अब तक मोदी सरकार द्वारा किए गए प्रयास पर आप क्या कहेंगे?
4. भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक मोदी सरकार द्वारा की गई कार्रवाई पर आप क्या कहेंगे?
5. मोदी सरकार द्वारा 500-1000 की नोटबंदी के कदम पर आपकी क्या राय है?
6. क्या आपको लगता है कि नोटबंदी काले धन , भ्रष्टाचार और आतंकवाद पर लगाम लगाने में कारगर है?
7. नोटबंदी से रियल एस्टेट, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं आम जन की पहुंच में आ जाएंगी?
8. भ्रष्टाचार, काले धन, आतंकवाद के खिलाफ की गई इस कार्रवाई से क्या आपको असुविधा का सामना करना पड़ा?
9. क्या आपको लगता है कि भ्रष्टाचार का विरोध करने वाले अब काले धन, भ्रष्टाचार और आतंकवाद के समर्थन में लड़ाई लड़ रहे हैं?
10. क्या आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोई सुझाव देना चाहेंगे?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह ट्वीट किया, 'करंसी नोट के संबंध में लिए गए फैसले पर मैं आपका शुरुआती नजरिया जानना चाहता हूं. एनएम ऐप पर सर्वे में हिस्सा लें.' प्रधानमंत्री के इस रायशुमारी के कदम को संसद में लगातार हंगामा कर रहे विपक्ष को जवाब देने की कोशिश बताया जा रहा है.

नोटबंदी के बाद मध्य प्रदेश में भाजपा ने जीत का परचम लहराया

       
नोट बंदी के बाद जिस तरह से विपक्ष ने हायतोबा मचाई थी उसका जबाव जनता ने दे दिया हे । जहाँ  जिसकी राज्य सरकार थी वहां उस दल को सीट मिल गई है । उत्तर भारत में आमजन भाजपा के फेवर में हैं । यह सबूत मध्यप्रदेश ने से दिया है । मध्यप्रदेश , असम और अरुणाचल के उप चुनावों में 2 लोकसभा और 3 विधानसभा चुनाव जीतें हैं ।
- अरविन्द सिसोदिया , जिला महामंत्री भाजपा  कोटा , राजस्थान 9509559131
-------------------------

नई दिल्ली(जेएनएन)। नोटबंदी के फैसले के बाद 19 नवंबर को हुए उपचुनावों को केंद्र सरकार के लिए विपक्षी दलों ने जनमत संग्रह करार दिया था। लेकिन जो नतीजे सामने आ रहे हैं, वो पहले की रुझानों की ही तरह हैं। पश्चिम बंगाल की तमलुक सीट को टीएमसी अपने कब्जे में करने में कामयाब रही है। तमलुक सीट पर पहले भी टीएमसी का ही कब्जा रहा है। मध्य प्रदेश की शहडोल सीट पर भाजपा ने जीत का परचम लहराया है। शहडोल सीट भी पहले भाजपा के कब्जे में थी।

नतीजे
पश्चिम बंगाल -तमलुक लोकसभा पर टीएमसी अपने कब्जे में रखने में कामयाब रही है। टीएमसी उम्मीदवार दिव्येंदु अधिकारी ने अपने निकटम प्रतिद्वंदी को करीब पांच लाख वोटों से हराया है।
मध्य प्रदेश- लोकसभा उपचुनाव में शहडोल सीट से भाजपा के ज्ञान सिंह 60,383 मतों के अंतर से जीते।
त्रिपुरा- बारजाला और खोवाई विधानसभा सीट पर सीपीआईएम की जीत ।
मध्य प्रदेश- नेपानगर विधानसभा सीट पर भाजपा की जीत ।
पुडुचेरी: कांग्रेस ने जीती नेल्लीथोपु विधानसभा सीट पर सीएम वी. नारायणसामी ने AIADMK के उम्मीदवार को 11,144 वोटों से हराया।
पश्चिम बंगाल- मोंटेश्वर विधानसभा सीट को टीएमसी ने एक लाख 27 हजार के अंतर से जीत लिया है। दूसरी तरफ लोकसभा उपचुनाव में कुचबिहार सीट पर तृणमुल कांग्रेस के पार्थ प्रतिम रॉय 4,13, 231 वोट से जीते।
तमिलनाडु - तंजावुर विधानसभा सीट पर एआइडीएमके की जीत
रुझान
असम-लखीमपुर सीट पर भाजपा आगे ।
लोकसभा की इन सीटों पर हुए थे उपचुनाव
-लखीमपुर (असम)
-शहडोल (मध्यप्रदेश)
-कूचबिहार तथा तमलुक (पश्चिम बंगाल)
विधानसभा की इन सीटों पर हुए थे उपचुनाव
-बैठालंगसो और हयुलिआंग (सु)- अरूणाचल प्रदेश
-नेपानगर (सु)-मध्यप्रदेश
-मोंटेस्वर- (पश्चिम बंगाल)
-तिरूपराकुन्द्रण (तमिलनाडु)
-बारजाला और खोवई (त्रिपुरा)
-नेल्लीतोपे (पुदुचेरी)
------------------------------------

पश्चिम बंगाल उपचुनाव में तृणमूल ने तीनों सीटें बरकरार रखीं


पश्चिम बंगाल में 19 नवंबर को हुए उप चुनाव की मतगणना में तृणमूल कांग्रेस ने दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा और उसके प्रत्याशी बड़े मतों के अंतर से जीते हैं.
तमलुक लोकसभा सीट पर तृणमूल के दिव्येन्दु अधिकारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वन्द्वी माकपा के महिंद्रा पांडा को 4.97 लाख मतों के अंतर से हराया. वर्ष 2014 में उन्होंने 2.5 लाख मतों के अंतर से जीत हासिल की थी.

कूचबेहार लोकसभा सीट पर तृणमूल के पार्थप्रतिम राय ने अपने निकटतम प्रतिद्वन्द्वी भाजपा प्रत्याशी हेमचंद्र बर्मन को 4.9 लाख मतों के अंतर से हराया. इस सीट पर वाम मोर्चा की सहयोगी फार्वड ब्लॉक तीसरे स्थान पर रही. राय ने वर्ष 2014 की तुलना में इस बार अपने जीत के मतों के अंतर में 38,000 की वृद्धि की.

मोन्टेर विधानसभा सीट पर तृणमूल के सैकत पांजा ने 1.27 लाख मतों के अंतर से जीत दर्ज करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वन्द्वी माकपा के मोहम्मद उस्मान गनी सरकार को हराया. माकपा, कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई.

मई 2016 में हुए विधानसभा चुनावों में तृणमूल की जीत का अंतर 786 वोट था जब कांग्रेस और माकपा ने संयुक्त रूप से चुनाव लड़ा था.

कूचबेहार लोकसभा सीट और मोन्टेर विधानसभा सीट पर क्रमश: तृणमूल सांसद रेणुका सिन्हा और विधायक सजल पांजा के निधन के कारण उपचुनाव कराया गया.
तमलुक लोकसभा सीट से तृणमूल के सांसद सुवेन्दु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की नन्दीग्राम विधानसभा सीट से उपचुनाव जीता और अब वह राज्य मंत्री हैं. सुवेन्दु दिव्येन्दु के बड़े भाई हैं.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने उप चुनाव के परिणामों को केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ जनादेश करार दिया है.

उन्होंने विपक्ष द्वारा आयोजित विरोध रैली में हिस्सा लेने के लिए नयी दिल्ली रवाना होने से पहले संवाददाताओं से कहा "उप चुनाव के परिणाम केंद्र के नोटबंदी संबंधी जनविरोधी फैसले के खिलाफ करारा जवाब हैं. यह केंद्र के खिलाफ सामूहिक विद्रोह के बजाय जनता का विद्रोह है. भाजपा को इस जनादेश से सबक लेना चाहिए."

उत्कट आत्मीयता है संघ कार्य का आधार – परमपूज्य डॉ. मोहन भागवत जी






          नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक परमपूज्य डॉ. मोहन भागवत जी ने रविवार को केशव स्मारक समिति के नए भवन (केशव कुंज, संघ कार्यालय) के निर्माण का भूमि पूजन व शिलान्यास किया. कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए सरसंघचालक जी ने कहा कि जब अपना कार्य शुरु हुआ, तब हम साधनहीन अवस्था में थे और आज भी साधनहीन अवस्था में काम करने की हमारी शक्ति भी है और तैयारी भी है, क्योंकि अपने कार्य का यह स्वभाव है. डॉ. साहब जिन कागजों पर पत्र लिखते थे, उसके शीर्षक में एक मुद्रित पंक्ति रहती थी. कार्य की सिद्धि तो कार्यकर्ताओं के सत्व के भरोसे होती है, उपकरणों का महत्व नहीं रहता. कार्य हमने शुरु किया, तब हमने विचार ही नहीं किया कि हमारे पास साधन क्या हैं और कौन से साधन हमको चाहिए. अपने देश, राष्ट्र, समाज उसका दुःख, उसकी दुरावस्था हमारी प्रेरणा रही और जैसे अपने किसी अत्यंत आप्त को संकट में देख कर आदमी बिना विचार किए दौड़ पड़ता है, वैसे हम दौड़े. और वही उत्कट आत्मीयता आज भी हमें दौड़ा रही है. हमको किसी साधन की आवश्यकता नहीं है. इसलिए अपना भवन बनेगा, यह कहा गया है कि उसमें मुख्यतः संघ कार्यालय रहेगा. लेकिन संघ ने अपने नाम पर कोई प्रॉपर्टी नहीं है. तरह-तरह के सेवा कार्य करने वाले न्यासों के भवन जगह-जगह है, यह भी वैसा ही रहेगा. लेकिन एक तांत्रिकता है, विधि-विधान के तहत निर्दोष व्यवस्था, उसका पूर्णतः पालन हो ऐसी व्यवस्था करना, उसको उस विधि का जो भाव है, उसके अनुसार ही चलाना. यह स्वयंसेवक का स्वभाव रहता है, वैसे ही चले. लेकिन हम सब लोग जानते हैं कि कुल मिलाकर ऐसे सब भवनों को, वहां-वहां के स्वयंसेवक, वहां-वहां का समाज भी संघ कार्यालय के रूप में जानता है. अब हमारी ऐसी स्थिति है कि अगर आवश्यकता बढ़ी है तो उस आवश्यकता की पूर्ति करने के लिए न्यूनतम आवश्यक जितना है, उतना हम जुटा सकते हैं, और वो जुटाते हैं. क्योंकि साधनहीन निष्कांचन रहने में गौरव अथवा वैसे रहने का कोई हमारा शौक नहीं है. कार्य के लिए जितना आवश्यक है उतना चाहिए. पहले था ही नहीं, बिना उसके भी काम किया. अब हो सकता है इसके कारण कार्य करने में सुविधा, कार्य करने की गति में वृद्धि होती है तो हम करेंगे. लेकिन पहली बात तो यह है कि इन साधनों के स्वामी हम रहते है, उस पर हम निर्भर नहीं रहते. दूसरी बात है साधन भी एक तांत्रिकता है. 
संघ कार्यालय है यानि क्या है, वो भवन ही होना चाहिए, ऐसा भी है क्या, ऐसा नहीं है. संघ प्रारंभ हुआ, तब संघ का कोई कार्यालय नागपुर में नहीं था. मोहिते शाखा लगी, वो पुराना एक बाड़ा था, उसके खंडहर में एक तलघर भी था, तलघर के दो तीन कमरे साफ करके उसमें कार्य चलता रहा. डॉ. साहब सुबह एक मोहल्ले में एक घर में, दोपहर एक मोहल्ले में एक घर में ऐसे बैठते थे, वहीं से काम होता था और बाकी समय वह अपने घर में होते थे. वहीं पर बैठकें होती थीं. बाद में वहां एक दशोत्तर नाम के सज्जन थे, उन्होंने अपने बाड़े में एक कमरा खाली कर दिया बिना किराये अपना काम वहां से चले तो बहुत दिन वहां पर कार्यालय चला. फिर धीरे-धीरे आज जहां कार्यालय है, वहां की भूमि हमको प्राप्त हुई और 1940 में वहां हमने आवश्यक जैसा भवन बनाया. तो भवन है, भवन होना चाहिए, भवन बन रहा है, ये हमारे लिए आनंद की बात है. कैसे बनेगा, कैसा बनेगा, हमारी उत्सुकता रहना भी स्वाभाविक है. लेकिन हम जानते हैं कि केवल भवन बनने से हम उसको कार्यालय नहीं कहते. कार्यालय एक वातावरण का नाम है. केशव स्मारक समिति का भवन रहेगा, उसमें संघ कार्यालय का काम चलेगा. हो सकता है कि जैसे केशव कुंज के साथ-साथ इतिहास संकलन समिति का कार्यालय था, संस्कृत भारती वाले थे. ऐसे अनेक संगठनों के नाम पट्टा यहां पर थे, वैसे वहां पर भी होगा. लेकिन कुल मिलाकर उस भवन में जाने से हम कहेंगे संघ कार्यालय क्योंकि ये एक या अनेक संस्थाओं का कार्यालय, ऐसा उसका स्वरूप नहीं रहता है. हम जानते हैं कि हम सब लोगों का एक कुटुंब है और उस कुटुंब का वो स्थान है.  कौटुंबिक वातावरण रहता है, वो आत्मीयता रहती है, परस्पर संबंधों की वह पवित्रता रहती है. भारत माता की पूजा का मंदिर हम अपने भावों में मानते हैं, तो उस पूजा भाव की पवित्रता सारे वातावरण में अनुभव होती है. अपने समाज के प्रति संवेदना हमको कार्य में प्रवृत्त करती है, तो कार्यालय में जाने से वो संवेदना अपने हृदय में प्रस्फुरित होने से समाज के लिए सक्रिय होने की प्रेरणा भी मिलती है. अब स्वयंसेवक मिलकर भवन को अच्छा बनाएंगे, पर्याप्त बनाएंगे, सारा काम बारिकी से ठीक संपन्न हो जाएगा. परंतु कार्यालय का ये भवन पूरा बन जाने के बाद हो सकता है, गृह प्रवेश का भी ऐसा ही एक कार्यक्रम होगा. लेकिन उस समय कार्यालय भवन का काम पूरा हो गया, ऐसा नहीं माना जाएगा. क्योंकि कार्यालय के भवन के अंदर कार्यालय की सृष्टि करना, ये बाद में हम सब लोगों को मिलकर करना पड़ेगा. वही आत्मीयता, वही पवित्रता, वही शुचिता, वही प्रेरणा, वहीं स्वच्छता, जैसे पहले से चलती आ रही है. उस भवन में भी वही वातावरण बने तो फिर वो नाम सार्थक होंगे. अभी शिलान्यास के समय हम मन की तैयारी कर रहे होंगे या कर चुके होंगे कि भवन के लिए परिश्रम, व्यय की व्यवस्था अपने को करनी है. लेकिन साथ-साथ हम इसकी भी तैयारी करें कि जो नया भवन बनेगा, उसमें संघ का कार्यालय, उस प्रकार से वहां के भावों की परिपूर्ति करते हुए, हम सब लोग बनाएंगे.  सब स्वयंसेवकों के लिए और समाज के सभी लोगों के लिए वो एक पवित्रता का, प्रेरणा का, शुचिता का, आत्मीयता का केंद्र बने, इसकी चिंता भी हमको करना है. ये दायित्व एक भवन बनाने के निमित्त बढ़ा हुआ, बड़ा भवन निर्माण करते हुए बढ़ा हुआ, बड़ा दायित्व भी हम अपने सिर पर ले रहे हैं. इसका ध्यान रखकर हम सब लोग अपनी तैयारी करें. इतना ही एख निवेदन आप सबके सामने रखता हूं.
कार्यक्रम में सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी जी, दिल्ली प्रांत संघचालक कुलभूषण आहुजा जी, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण अडवाणी जी, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ जी, अमित शाह जी, केशव समारक समिति के अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल जी, महामंत्री मूलचंद जैन जी, समिति के उपाध्यक्ष एवं दिल्ली प्रांत सह संघचालक आलोक कुमार जी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे.
कार्यक्रम के पश्चात केशव स्मारक समिति के उपाध्यक्ष आलोक कुमार जी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि वर्तमान संघ कार्याल की भूमि सन् 1947 में संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्रीगुरू जी ने नाम हुई थी. सन् 1972 में श्रीगुरू जी ने निर्णय लिया कि संपत्ति अपने नाम नहीं रखनी, तत्पश्चात केशव स्मारक समिति का गठन हुआ और भूमि समिति के नाम की गई. उस समय आवश्यकता के अनुसार भवन का निर्माण किया गया, अब कार्य को देखते हुए बड़े भवन की आवश्यकता अनुभव हुई तो नए भवन की योजना बनी.
उन्होंने बताया कि नया भवन सात मंजिला होगा, और उसमें 700 गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा होगी. भवन में तीन ब्लॉक होंगे, अंतिम ब्लॉक में वरिष्ठ अधिकारियों के आवास की व्यवस्था रहेगी. भवन के निर्माण पर करीब 70 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है और तीन साल में निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है. नए भवन में दिल्ली प्रांत कार्यालय, केंद्रीय व क्षेत्र कार्यालय, प्रचार विभाग की आवश्यकता के अनुसार कार्यालय, व आवास व्यवस्था, पुस्तकालय, डिस्पेंसरी भी होगी.
उन्होंने कहा कि नए भवन के निर्माण के लिए नक्शा पास करवाने के साथ ही समस्त विभागों से अनुमति लेने की प्रक्रिया वर्ष 2013 में शुरू की गई थी. जो अब 2016 में पूरी होने के पश्चात निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है. दिल्ली में एक लाख के करीब स्वयंसेवक व संघ हितैषी हैं, समय व आवश्यकता अनुसार भवन निर्माण के लिए उनसे ही राशि एकत्रित की जाएगी. उनके प्रांत कार्यवाह भारत भूषण जी भी उपस्थित थे.

नोटबंदी पर विपक्ष 'गलत जानकारी फैला' रहा है - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी



भावुक PM ने BJP सांसदों से कहा - 
नोटबंदी पर विपक्ष 'गलत जानकारी फैला' रहा है, आप जनता को बताएं सच्चाई
विवेक रस्तोगी द्वारा अनूदित, अंतिम अपडेट: मंगलवार २२ नवम्बर, 2016

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपनी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसदों को बताया कि नोटबंदी को लेकर विपक्षी दल 'गलत जानकारी फैला' रहे हैं, और उनसे आग्रह किया कि वे इस कदम से होने वाले कई फायदों के बारे में जनता को बताएं. कर चोरी से लड़ने की अपनी योजना के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, "यह शुरुआत है, अंत नहीं..." इसके बाद बीजेपी सांसदों ने 500 तथा 1,000 रुपये के नोटों को बंद कर देने के सरकार के फैसले का समर्थन करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया.

वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि नोटबंदी का फैसला देशहित में लिया गया है 
और हम इस पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
नई दिल्ली (जेएनएन)। नोटबंदी के फैसले पर सरकार और विपक्ष किसी भी तरह से समझौते के मूड में नहीं दिख रहे हैं। एक तरफ विपक्ष सड़क से लेकर संसद तक इस मामले में हंगामा कर रहा है, दूसरी तरफ सरकार इसे देशहित में लिया गया फैसला बताकर वापस लेने से साफ इनकार कर रही है।
भाजपा संसदीय दल की मीटिंग में मंगलवार सुबह केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, 'हम कई बार कह चुके हैं कि नोटबंदी पर बहस के लिए तैयार हैं।' उन्होंने कहा, यह बहुत बड़ा निर्णय है और ऐसा फैसला लेने के लिए सरकार को बहुत हिम्मत की जरूरत थी।
          नोटबंदी के फैसले से देश की जनता को हो रही परेशानी को लेकर विपक्ष संसद और सड़क दोनों जगह जोरदार हंगामा कर रहा है। सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लेने की बात कही है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से राय मांगी है। उन्होंने अपने NM App पर सीधे जनता से राय मांगी है।

       भाजपा संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी को कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत एवं सतत लड़ाई की शुरुआत बताया।

          जेटली ने कहा कि नोटबंदी का फैसला देशहित में लिया गया है और हम इस पर चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, पूरा देश फैसले का स्वागत कर रहा है। ये एक ऐतिहासिक कदम है। पिछले 70 साल से जो सामान्य (चलता है) चल रहा था उसे रोककर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया सामान्य (चलता है) गढ़ा।

              उन्होंने कहा, कुछ लोग इस फैसले के प्रति लोगों को बर्गलाने के लिए तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि नोटबंदी के फैसले के बारे में वित्त मंत्री को भी नहीं पता था, फिर वही लोग कहते हैं कि इस फैसले के बारे में बीजेपी को पहले से पता था, दोनों बातें एक साथ कैसे हो सकती हैं।
           उन्होंने कहा, अगले कुछ हफ्तों के लिए हम कृषि क्षेत्र की तरफ ध्यान लगाना चाहते हैं। रबी की फसल का सीजन आने वाला है।

बड़ी राहत: RBI ने होम, कार समेत तमाम लोन के EMI पेमेंट की मोहलत 60 दिन बढ़ायी

भाषा | Updated: Nov 22, 2016

मुंबई
बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के कर्जदारों की नकदी की समस्या को देखते हुए रिजर्व बैंक ने एक करोड़ रुपये तक के होम, कार, ऐग्रिकल्चर एवं अन्य लोन के पेमेंट के लिए 60 दिन का ज्यादा समय दिया है। इस अवधि में बैंकों को ऐसे कर्जों को एनपीए (अवरुद्ध ऋण) की श्रेणी में नहीं दिखाने की छूट होगी। रिजर्व बैंक ने एक अधिसूचना में कहा कि यह 1 नवंबर और 31 दिसंबर के बीच पेमेंट की जाने वाली किस्तों (EMIs) पर लागू होगा।

यह छूट उन कर्जदार इकाइयों के लिए भी उपलब्ध है जो एक करोड़ रुपये या उससे कम की कर्ज सीमा के साथ बैंक से कारोबार के रोजमर्रा खर्च के लिए लोन ले रखा है और इसके लिए वर्किंग कैपिटल अकाउंट्स खोल रखा है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि इस छूट से बैंकों और किसी प्रकार की एनबीएफसी के खातें में एक करोड़ रुपए या उससे कम की स्वीकृत सीमा के टर्म बिजनस या पर्सलन लोन को भी इस छूट का फायदा हो गया। ये लोन गारंटी वाले या बगैर गारंटी दोनों तरह के हो सकते हैं। इनमें होम और ऐग्रिकल्चर लोन भी शामिल होंगे।


मामले से जुड़े  ताजातरीन अपडेट
१-जिस समय प्रधानमंत्री अपनी पार्टी के सांसदों को संबोधित कर रहे थे, कांग्रेस के नेतृत्व में 11 विपक्षी दलों ने भी बैठक की, और नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ अपनी रणनीति पर विचार-विमर्श किया.
२-नोटबंदी के मुद्दे पर पिछले सप्ताह शीतकालीन सत्र शुरू होने के बाद से संसद ठप है, और गुस्साए विपक्षी दल लगातार कामकाज में बाधा डाल रहे हैं. पिछले सप्ताह एक बहस के दौरान वरिष्ठ विपक्षी नेताओं ने सरकार को नकदी की किल्लत से खासतौर से किसानों को होने वाली परेशानी का अंदाज़ा न लगा पाने के लिए आड़े हाथ लिया था.
३-विपक्ष का कहना है कि प्रधानमंत्री को अपने इस कदम के बारे में राज्यसभा में बोलना चाहिए, जहां सरकार अल्पमत में है. लोकसभा में विपक्ष की मांग बहस के बाद मतदान करवाने की है.
४-सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में नहीं बोलेंगे, बल्कि वित्तमंत्री अरुण जेटली विपक्ष के सभी प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार हैं. अरुण जेटली का कहना है कि ऐसा नहीं होने देने से साबित होता है कि विपक्ष इस पहल में सरकार का साथ देने के लिए तैयार ही नहीं है.
५-बुधवार को विपक्षी दल संसद परिसर में ही विशाल विरोध प्रदर्शन करेंगे.
६-पश्चिम बंगाल की मुख्यमत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वह मंगलवार को एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगी. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया की भी अपनी आम आदमी पार्टी का एक मार्च लेकर संसद तक जाने की योजना है.
७-विपक्ष की योजना आम आदमी को हो रही नकदी की किल्लत के खिलाफ एक देशव्यापी बंद आयोजित करने की भी है.
८-सोमवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी एक एटीएम के बाहर लगी लंबी लाइन में खड़े हुए थे, और कहा था कि जनता को हो रही इन दिक्कतों से बचा जा सकता था, अगर प्रधानमंत्री ने विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा किया होता.
9-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नकदी संकट को खत्म करने के लिए जनता से 50 दिन का समय मांगा है, और आश्वासन दिया है कि नोटबंदी के इस कदम से आने वाले समय में काफी फायदा होगा.