शुक्रवार, 2 दिसंबर 2016

भाजपा - राहुल गांधी कांग्रेस हार के अवसाद से ग्रस्त है




नकारात्मक राजनीति का उदाहरण बन गये राहुल
हार की बौखलाहट से प्रधानमंत्री के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं : भाजपा

Updated: Dec 2, 2016,

नयी दिल्ली, दो दिसंबर :भाषा: नोटबंदी के फैसले समेत विभिन्न मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर राहुल गांधी के प्रहार पर पलटवार करते हुए भाजपा ने आज कहा कि 12 लाख करोड़ रुपये का घोटाला करने वाली कांग्रेस और 5000 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी के मामले में जमानत पर चल रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी देश में नॉन-सीरियस और नकारात्मक राजनीति का सबसे बड़ा उदाहरण बन गए है।

भाजपा ने कहा कि कांग्रेस हार के अवसाद से ग्रस्त है और राहुल गांधी हर मोर्चे पर लगातार मिल रही असफलताओं से बौखलाहट में आकर सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ दुष्प्रचार करने की घृणित राजनीति में व्यस्त है।

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अपनी छवि में कैद होने का आरोप लगाया है जबकि वास्तविकता यह है कि कांग्रेस ने इस देश को कालेधन, भ्रष्टाचार, नीतिगत पंगुता, महंगाई और सामाजिक असुरक्षा के बंधन में कैद कर रखा था, हमने तो महंगाई और भ्रष्टाचार को खत्म करने का प्रयास करके और देश की आम जनता को सामाजिक सुरक्षा कवच देकर देश को कांग्रेस की कैद से मुक्त करने का काम किया है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद गुरूर और अक्षमता के शिकार हैं। अगर राहुल अक्षम नही होते तो संप्रग के शासनकाल में देश में नीतिगत पंगुता की स्थिति नहीं होती, 12 लाख करोड़ रूपये के घपले-घोटाले नहीं हुए होते, दुनिया के अंदर भारत की छवि धूमिल नहीं हो रही होती, महंगाई काबू के बाहर नहीं होती, मुद्रास्फीति अपने रिकॉर्ड स्तर पर न होती ।

शर्मा ने कहा कि हमने तो थोक एवं खुदरा महंगाई दर को चार प्रतिशत के नीचे रखने में सफलता प्राप्त की है। राहुल गांधी के गुरूर और अहंकार की पराकाष्ठा तो यह थी कि उन्होंने अपने ही सरकार के अध्यादेश को सरेआम फाड़ दिया था और उसे नॉनसेंस करार दिया था।

भाजपा नेता ने कहा कि जहा तक टीआरपी की बात है तो राहुल गांधी खुद फोटो-खिंचवाने की राजनीति के चैंपियन हैं । राहुल गांधी टीआरपी की जंग में अरविन्द केजरीवाल के साथ लड़ रहे हैं । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने के बाद दुनियाभर में भारत की टीआरपी में भारी उछाल आया है, जहां हम पहले सॉफ्ट स्टेट के रूप में जाने जाते थे वहीं आज भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में जाना जाता है।

====================

राहुल गांधी पर भाजपा का पलटवार, 
कहा- हार के अवसाद से ग्रस्त राहुल


नई दिल्ली: नोटबंदी के फैसले समेत विभिन्न मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर राहुल गांधी के प्रहार पर पलटवार करते हुए भाजपा ने आज कहा कि 12 लाख करोड़ रुपए का घोटाला करने वाली कांग्रेस और 5000 करोड़ रुपए के कथित धोखाधड़ी के मामले में जमानत पर चल रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी देश में नॉन-सीरियस और नकारात्मक राजनीति का सबसे बड़ा उदाहरण बन गए है।

हार के अवसाद से ग्रस्त राहुल
भाजपा ने कहा कि कांग्रेस हार के अवसाद से ग्रस्त है और राहुल गांधी हर मोर्चे पर लगातार मिल रही असफलताआें से बौखलाहट में आकर सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ दुष्प्रचार करने की घृणित राजनीति में व्यस्त है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अपनी छवि में कैद होने का आरोप लगाया है जबकि वास्तविकता यह है कि कांग्रेस ने इस देश को कालेधन, भ्रष्टाचार, नीतिगत पंगुता, महंगाई और सामाजिक असुरक्षा के बंधन में कैद कर रखा था, हमने तो महंगाई और भ्रष्टाचार को खत्म करने का प्रयास करके और देश की आम जनता को सामाजिक सुरक्षा कवच देकर देश को कांग्रेस की कैद से मुक्त करने का काम किया है।

राहुल गांधी काे है खुद पर गुरूर
कांग्रेस उपाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद गुरूर और अक्षमता के शिकार हैं। अगर राहुल अक्षम नही होते तो संप्रग के शासनकाल में देश में नीतिगत पंगुता की स्थिति नहीं होती, 12 लाख करोड़ रुपए के घपले-घोटाले नहीं हुए होते, दुनिया के अंदर भारत की छवि धूमिल नहीं हो रही होती, महंगाई काबू के बाहर नहीं होती, मुद्रास्फीति अपने रिकॉर्ड स्तर पर न होती।

फोटो-खिंचवाने की राजनीति के चैंपियन
शर्मा ने कहा कि हमने तो थोक एवं खुदरा महंगाई दर को चार प्रतिशत के नीचे रखने में सफलता प्राप्त की है। राहुल गांधी के गुरूर और अहंकार की पराकाष्ठा तो यह थी कि उन्होंने अपने ही सरकार के अध्यादेश को सरेआम फाड़ दिया था और उसे ‘नॉनसेंस’ करार दिया था। भाजपा नेता ने कहा कि जहां तक टीआरपी की बात है तो राहुल गांधी खुद फोटो-खिंचवाने की राजनीति के चैंपियन हैं। राहुल गांधी टीआरपी की जंग में अरविन्द केजरीवाल के साथ लड़ रहे हैं । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने के बाद दुनियाभर में भारत की टीआरपी में भारी उछाल आया है, जहां हम पहले सॉफ्ट स्टेट के रूप में जाने जाते थे वहीं आज भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में जाना जाता है।

नकदी की बड़ी मात्रा में उपलब्धता भ्रष्टाचार का बड़ा स्रोत - पीएम नरेंद्र मोदी




नकदी की बड़ी मात्रा में उपलब्धता भ्रष्टाचार का बड़ा स्रोत 

: पीएम नरेंद्र मोदी

भाषा की रिपोर्ट, अंतिम अपडेट: शुक्रवार दिसम्बर 2, 2016

खास बातें
01 - भ्रष्टाचार विकास की गति धीमी करता है
02 - नकदीरहित लेनदेन की ओर बदलाव करें
03 - प्रौद्योगिकी हमारे जीवन में गति और सुविधा ले कर आई

नई दिल्ली: अर्थव्यवस्था में नकदी की बहुतायत को भ्रष्टाचार और काले धन का बड़ा स्रोत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोगों से ‘‘नकदी रहित लेनदेन’’ (कैशलेस ट्रांजेक्शन) की ओर बदलाव की राह पकड़ने की अपील की ताकि ऐसे मजबूत भारत की नींव रखी जा सके जहां इस तरह की समस्या के लिए कोई जगह नहीं रहे.

प्रधानमंत्री ने लिंक्डइन डॉट कॉम पर पोस्ट किए गए एक लेख में लिखा है ‘‘21वीं सदी के भारत में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है. भ्रष्टाचार विकास की गति धीमी करता है और गरीबों, नव-मध्यम वर्ग तथा मध्यम वर्ग के सपनों को तोड़ देता है.’’ भ्रष्टाचार और काले धन के खात्मे के उद्देश्य से 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट अमान्य करने के अपने आठ नवंबर के ‘‘ऐतिहासिक’’ फैसले का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा ‘‘अर्थव्यवस्था में बहुतायत में नकदी की उपलब्धता भ्रष्टाचार और काले धन का एक बड़ा स्रोत है.’’ इसके साथ ही मोदी ने एक बार फिर नकदीरहित लेनदेन पर जोर दिया.

प्रधानमंत्री ने कहा ‘‘मैं आप सबसे, खास कर अपने युवा मित्रों से नकदीरहित लेनदेन की ओर बदलाव करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का अनुरोध करता हूं. इससे एक ऐसे भारत की मजबूत नींव तैयार होगी जहां भ्रष्टाचार और काले धन के लिए कोई जगह नहीं होगी.’’

प्रधानमंत्री मोदी ने लेख में आगे कहा है ‘‘आज हम मोबाइल बैंकिंग और मोबाइल वालेट के दौर में रह रहे हैं। खाने का ऑर्डर देना हो, फर्नीचर खरीदना और बेचना हो, टैक्सी के लिए ऑर्डर देना हो .. यह सब कुछ तथा और भी बहुत कुछ आपके मोबाइल के माध्यम से संभव है। प्रौद्योगिकी हमारे जीवन में गति और सुविधा ले कर आई है।’’ अपने लेख के साथ मोदी ने क्रेडिट कार्ड जैसे नकदीविहीन विकल्पों के चित्र भी पोस्ट किए हैं।


उन्होंने कहा ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि आपमें से ज्यादातर लोग कार्ड और ई वालेट का नियमित उपयोग कर रहे हैं और मुझे लगता है कि आपके साथ उन तरीकों को साझा करना चाहिए जिनसे नकदीविहीन लेनदेन में यथासंभव वृद्धि हुई है.’’ मोदी ने कहा कि आठ नवंबर को किए गए फैसले ने भारत के आर्थिक बदलाव में केंद्रीय भूमिका रखने वाले छोटे व्यापारियों को एक ‘‘दुर्लभ अवसर’’ दिया है.

उन्होंने कहा ‘‘आज, हमारे व्यापारी समुदाय के पास खुद को अद्यतन करने तथा और अधिक प्रौद्योगिकी अपनाने का ऐतिहासिक अवसर है जो उनके लिए अधिक समृद्धि लाएगा.’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने नोटबंदी की घोषणा की, तब वह जानते थे कि भारतवासियों को असुविधा होगी लेकिन ‘‘मैंने भारतवासियों से अनुरोध किया कि दीर्घकालिक फायदे के लिए वह कुछ समय की तकलीफ को बर्दाश्त करें. मैं यह देख कर खुश हूं कि देशवासी दीर्घकालिक फायदे के लिए वह कुछ समय की तकलीफ को बर्दाश्त कर रहे हैं.’’ मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में उन्हें उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गोवा और पंजाब के ग्रामीण तथा शहरी इलाकों का दौरा करने का अवसर मिला. ‘‘मैं जहां भी गया, मैंने लोगों से पूछा .. क्या भ्रष्टाचार और काले धन को खत्म किया जाना चाहिए? क्या गरीबों, नव-मध्यम वर्ग तथा मध्यम वर्ग को उनका हक मिलना चाहिए? हर जगह मुझे एक ही जवाब मिला और वह जवाब था ‘हां.’