बुधवार, 21 दिसंबर 2016

आप भी मुझे सीधे फीडबैक दें : मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे





हमने आपको रिपोर्ट कार्ड सौंपा आप भी मुझे सीधे फीडबैक दें

21 Dec, 2016

राज्य सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर उदयपुर को 193 करोड़ की सौगात
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे जी ने कहा कि आज जब हम जनता के बीच जाकर पिछले तीन साल में किए गए विकास कार्यां और अच्छे कामों का रिपोर्ट कार्ड पेश कर रहे हैं, आप लोगों का भी फर्ज है कि विकास कार्यां का जो फायदा आमजन को हुआ है लोग हमें चिट्ठी लिखकर बताएं, ताकि हमें सीधा फीडबैक मिले और जो अच्छे फैसले हुए हैं उन्हें और आगे बढ़ाया जा सके।

श्रीमती राजे राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को उदयपुर में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के बाद गांधी ग्राउण्ड में नसभा को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने करीब 193 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में लोग बडे़-बडे़ वादे करते हैं, लेकिन अपना रिपोर्ट कार्ड नहीं देते। हमने अच्छे काम और उसके ठोस परिणाम की बदौलत तीन साल के कार्यकाल में ही सुराज संकल्प पत्र में जनता से किए 75 प्रतिशत वादे पूरे कर दिखाये हैं। इसीलिए हम जनता के बीच जाकर अपना रिपोर्ट कार्ड उनके सामने रख रहे हैं।

श्रीमती राजे ने कहा कि अब जबकि वर्तमान कार्यकाल में दो वर्ष का समय ही बचा है, विरोधी जाति, मजहब सहित अलग-अलग मुद्दों पर प्रदेशवासियों को भटकाने की कोशिश करेंगे। लेकिन हमें अपने प्रदेश को नम्बर वन बनाने के लिए प्यार एवं विश्वास के साथ मिलजुल कर काम करना होगा।

सुन्दर और स्वच्छ उदयपुर अब बनेगा स्मार्ट
मुख्यमंत्री ने उदयपुर शहर की खूबसूरती की तारीफ करते हुए कहा कि जब भी मुझे उदयपुर आने का मौका मिलता है, तो मन खिल उठता है। इस शहर को सुंदर व स्वच्छ बनाए रखने का बहुत कुछ श्रेय यहां के निवासियों को भी जाता है। उन्होंने कहा कि सुंदरता के लिए मशहूर उदयपुर अब स्मार्ट सिटी में बदल रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत देश के पहले चुनिंदा 20 शहरों में उदयपुर को स्थान मिला। यह उदयपुर वासियों के लिए फख्र की बात है। उदयपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए हम कही पीछे नहीं रहेंगे। इस पर प्रतिवर्ष 200 करोड़ खर्च किये जाएंगे।

गांवों में सफल हुई योजनाएं अब शहरों में भी
श्रीमती राजे ने कहा कि गांवों के साथ-साथ शहरों में भी आधारभूत सुविधाओं का पूरा विकास करना हमारी प्राथमिकता है। ग्रामीण क्षेत्रों की तर्ज पर आगामी वर्ष में मुख्यमंत्री शहरी जन कल्याण शिविर आयोजित किए जायेंगे। इन शिविरों में शहरी क्षेत्र की आवासीय एवं वाणिज्यिक समस्याओं का समाधान होगा। शिविरों में आवासीय भूखण्ड एवं मकानों का नियमन करने के साथ ही पट्टे जारी किए जायेंगे। परिधि क्षेत्र में खातेदारी भूमि में बने हुए मकानों का 500 वर्ग मीटर तक निःशुल्क नियमन किया जायेगा और स्टेट ग्रांट एक्ट के तहत लम्बित प्रकरणों का निस्तारण किया जायेगा। साथ ही सिवायचक भूमि का आवंटन विकास कार्यों के लिए हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के अंतर्गत शहरी क्षेत्र में 110 करोड़ रुपये के 1746 कार्य करवाए जाएंगे। शहरों में भी गौरव पथ निर्माण करने के लिए 179 नगरीय निकायों में 446 करोड़ रुपए से अधिक की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

हमने तीन साल में जो किया वे पांच साल में भी नहीं कर सके
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने तीन वर्षां में 21 हजार 258 किलोमीटर सड़कें बनाई हैं और 9 हजार 300 किलोमीटर सड़कें बनायेंगे। जबकि हमारा लक्ष्य 20 हजार किलोमीटर का था। हमने लक्ष्य से कहीं ज्यादा सड़कें बनाकर प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया है। हमने किसानों को तीन साल में 45 हजार 691 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए हैं जबकि गत सरकार ने तीन वर्ष में 15 हजार 548 करोड़ तथा पूरे 5 वर्षो में केवल 43 हजार करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए थे। इसी प्रकार हमने किसानों को बिजली पर तीन साल में 18 हजार 600 करोड़ का अनुदान दिया जबकि पिछली सरकार ने करीब 8 हजार करोड़ रूपये का ही अनुदान दिया था। बिजली कम्पनियों को हमने तीन वर्ष में 97 हजार 471 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जबकि पिछली सरकार ने पूरे पांच वर्ष में 25 हजार 770 करोड़ रुपये की ही सहायता बिजली कम्पनियों को दी थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने शिक्षा के क्षेत्र में जो व्यापक सुधार किए उनका नतीजा है कि आज सरकारी स्कूलों में 13 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन बढ़ गया है। बच्चों का पास प्रतिशत बढ़कर 80 फीसदी तक पहुंच गया है।

उदयपुर के विकास पर 10 हजार 885 करोड़ व्यय
श्रीमती राजे ने कहा कि हमने अपने कार्यकाल के तीन वर्षां में उदयपुर जिले में 10 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक का विकास कार्य किया है। हमने उदयपुर में 722 करोड़ रुपये से 1732 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करवाया है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गां में गोमती चौराहे से उदयपुर का 1200 करोड़ का काम पूरा हो चुका है। उदयपुर-चित्तौड़ राजमार्ग का 1100 करोड़, उदयपुर-देबारी 780 करोड़, उदयपुर-रतनपुर-श्यामलाजी का 1250 करोड़ रुपये और उदयपुर बाईपास के 140 करोड़ रुपये के काम करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उदयपुर में एलिवेटेड रोड की डीपीआर तैयार हो गई है और स्वीकृति जल्द ही जारी हो जायेगी।

श्रीमती राजे ने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के प्रथम चरण में उदयपुर जिले में 246 गाँवों में करीब 80 करोड़ रूपये खर्च कर 10 हजार 620 कार्य करवाए गये।दूसरे चरण में उदयपुर जिले के 240 गांवों में 179 करोड़ रुपये खर्च कर 14 हजार 793 कार्य किए जायेंगे। न्याय आपके द्वार अभियान के अंतर्गत दो वर्षों में 2 लाख 32 हजार से ज्यादा प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उदयपुर जिले भामाशाह योजना में अब तक 5 लाख 78 हजार नामांकन तथा करीब 20 लाख 35 हजार व्यक्तिगत नामांकन हुए हैं। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 50 हजार से ज्यादा मरीजों को 35 करोड़ 63 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि उदयपुर सहित चार संभागीय मुख्यालयों पर ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का आयोजन किया जायेगा।

सुराज प्रदर्शनी एवं खादी प्रदर्शनी का किया उद्घाटन
श्रीमती राजे ने राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गांधी ग्राउण्ड में जिला प्रशासन तथा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। श्रीमती राजे ने बच्चों द्वारा प्रदर्शित किए गए सजीव मॉडल भी देखें। श्रीमती राजे संभाग स्तरीय खादी प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया और विभिन्न स्टॉल्स पर जाकर शॉल, साड़ी एवं खादी के अन्य उत्पाद देखे।

मुख्यमंत्री श्रीमती राजे ने राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने समारोह के दौरान प्रतिभाशाली जनजाति छात्राओं को स्कूटी की चाबियां एवं दिव्यांगों को ट्राइ साइकिल एवं अन्य जरूरतमदों को रेनशील्ड वितरित की। साथ ही, सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि वितरित की।

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193 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास
श्रीमती राजे ने इस अवसर पर उदयपुर में 193 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया।

  लोकार्पण लागत
कुल 192.84 Cr
1. नवनिर्मित साहित्यिक सभागार, राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर 2.30 Cr
2. नवनिर्मित नर्सिंग कॉलेज आर.एन.टी मेडकिल कॉलेज उदयपुर 5.20 Cr
3. नवनिर्मित एॅनाटोमी डिस्कशन हॉल आर.एन.टी मेडकिल कॉलेज उदयपुर 4.40 Cr
4. लाईब्रेरी ब्लॉक आर.एन.टी मेडकिल कॉलेज उदयपुर 6 Cr
5. नियोजन प्रकोष्ठ, प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय, उदयपुर 1 Cr
6. शैक्षणिक संग्रहालय, प्रसार शिक्षा निदेशालय, उदयपुर 1 Cr
7. लघु वन ऊपज विशिष्ट मण्डी यार्ड 4.45 Cr
8. जनजाति बालिका आश्रम छात्रावास सरू 3 Cr
9. जनजातिबालिका आश्रम छात्रावास गामडापाल 2.70 Cr
10. जनजातिबालिका आश्रम छात्रावास रठौड़ा 2.80 Cr
11. जनजातिबालिका आश्रम छात्रावास गोहावाडा (बरोठी भीलान) 2.75 Cr
12. जनजातिपुनः निर्माण आश्रम छात्रावास मामेर 4.20 Cr
13. जनजातिबालिका आश्रम छात्रावास मीरा कन्या महाविद्यालय 6.45 Cr
14. शहरी क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों के कक्षा-कक्षों को स्मार्ट कक्षा-कक्षों में उन्नयन करने का कार्य (प्रथम चरण) 38 Lac


शिलान्यास
15. उदयपुर में उप क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र की स्थापना 10 Cr
16. मुख्यमंत्री जन आवास योजना में 1152 आवासों का निर्माण कार्य 40 Cr
17. अमृत योजना प्रथम चरण के तहत् उदयपुर शहर में सीवरेज कार्य 84 Cr
18. उदयपोल बस स्टैण्ड से आयड़ नदी तक नाला निर्माण कार्य 11.75 Cr
19. सार्वजनिक निर्माण विभाग स्टोर, गुलाब बाग के पास पार्किंग स्थल का निर्माण कार्य 46 Lac
इस अवसर पर गृहमंत्री श्री गुलाबचंद कटारिया, नगरीय विकास मंत्री श्री श्रीचन्द कृपलानी, उच्च शिक्षा मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री धनसिंह रावत, पीएचईडी राज्यमंत्री श्री सुशील कटारा, संसदीय सचिव श्री भीमा भाई, सांसद श्री सीपी जोशी, श्री हरिओम सिंह राठौड़ सहित विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
जयपुर/उदयपुर, 21 दिसम्बर 2016


देश में पीएम मोदी, प्रदेश में सीएम राजे ने जो विकास किया कांग्रेस कभी नहीं कर पाई – कटारिया
गृह मंत्री श्री गुलाबचंद कटारिया ने गांधी मैदान में आयोजित जनसभा में कहा कि देश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश में मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने जो विकास किया है वह कांग्रेस अपने अब तक के सारे कार्यकालों को मिलाकर नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने नोटबंदी जैसा बड़ा फैसला लेकर देश को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती राजे ने भामाशाह, न्याय आपके द्वार, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान, अन्नपूर्णा रसोई योजना, अन्नपूर्णा भण्डार व अन्य जन कल्याणकारी योजनाएं लाकर प्रदेश का परिदृश्य बदल दिया है।

सिर्फ 1 पर्सेंट भारतीय टैक्स पेय करते हैं: नीति आयोग





सिर्फ 1 पर्सेंट भारतीय टैक्स पेय करते हैं: नीति आयोग


नई दिल्ली। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि देश की 1.25 अरब की आबादी में से मात्र एक फीसदी ही टैक्स देते हैं। उन्होंने कहा कि देश की 95 प्रतिशत अर्थव्यवस्था कैश में लेनदेन करती है, जिसे देश वहन नहीं कर सकता। एनडीआरएफ द्वारा कैशलेस ट्रांजेक्शन पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांत ने कहा कि देश की इकनॉमी को वर्ष 2030 तक यदि मौजूदा 2,000 अरब डालर से 10,000 अरब डॉलर पर पहुंचाने का लक्ष्य यदि हासिल करना है तो भारत की 95 प्रतिशत इकनॉमी में ट्रांजेक्शन कैश में स्वीकार्य नहीं है। 26 करोड़ लोग जुड़े हैं पीएमजेडीवाई से अमिताभ  कांत ने कहा कि देश में मोबाइल फोन धारकों की संख्या एक अरब आधार बायोमेट्रिक्स बनाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचाने के लिए सरकार ने पहले ही 26 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हमें कैशलेस ट्रांजेक्शन की ओर बढऩा चाहिए।

बिना पूछताछ के 5000 से ज्यादा के पुराने नोट बैंक में जमा हो सकेंगे




अारबीअाई का यू-टर्न : पुराने नोटों के जमा करने पर लगी रोक हटी
By Kishor Joshi Publish Date:Wed, 21 Dec 2016

भारतीय रिजर्व बैंक ने पुराने नोट जमा कराने के नियम में हुए बदलाव को वापस ले लिया है। अब बिना पूछताछ के 5000 से ज्यादा के पुराने नोट बैंक में जमा हो सकेंगे।


जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक नए नियम बनाने के साथ ही लागू नियमों को वापस लेने या उनमें संशोधन करने का भी रिकार्ड बना रहा है। इस दिशा में पांच हजार रुपये से ज्यादा नगदी जमा करने पर ग्राहकों से पूछताछ करने और 30 दिसंबर, 2016 तक 5,000 रुपये से ज्यादा सिर्फ एक बार पुराने नोट जमा करने संबंधी दिशानिर्देश को लागू करने के 48 घंटे के भीतर ही वापस ले लिया गया है।

सोमवार शाम को यह नियम लागू किया गया और बुधवार दोपहर को वापस ले लिया गया। आम जनता अब 30 दिसंबर तक अपने खाते में मर्जी के मुताबिक पुराने नोट जमा करा सकती है। हां, यह नियम उन बैंक खातों के लिए लागू नहीं होंगे जिनका केवाईसी सत्यापन नहीं किया गया है। वहां 50 हजार रुपये की सीमा लागू रहेगी।वैसे तो यह नियम सिर्फ डेढ़ दिनों तक लागू रहा लेकिन इससे सरकार की न सिर्फ किरकिरी हुई बल्कि बैंकों पर काम काज का बोझ भी जबरदस्त तौर से बढ़ा।

सबसे ज्यादा दिक्कत आम जनता को दिक्कतों को झेलनी पड़ी। इस नियम के लागू होने पर कांग्रेस ने तो सिर्फ सरकार को कटघरे में खड़ा किया ही, नोटबंदी पर सरकार का अभी तक समर्थन कर रहे आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी आलोचना करने से नहीं चूके। माना जा रहा है कि इस नियम को वापस कराने में वित्त मंत्रालय की अहम भूमिका रही है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नियम लागू होने के दिन ही अपनी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा था कि जनता से कोई पूछताछ नहीं होगी।


हालांकि बैंकों ने मंगलवार को ग्राहकों से पूछताछ करने के बाद ही पांच हजार से ज्यादा के पुराने नोटों को जमा करने की इजाजत दी।आरबीआइ की तरफ से बुधवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सोमवार को उनकी तरफ से जारी अधिसूचना के पहले दो बिंदु वापस लिये जा रहे हैं। इसमें एक बिंदु यह था कि 30 दिसंबर, 2016 तक हर बैंक ग्राहक को अपने खाते में 5,000 रुपये से ज्यादा की राशि के 500 और एक हजार रुपये के पुराने नोट सिर्फ एक बार जमा कराने की अनुमति होगी। लेकिन यह राशि तभी जमा की जाएगी जब ग्राहक से बैंक के दो अधिकारी पूछताछ करेंगे। इसमें यह भी था कि ग्राहक से पूछताछ ऑन रिकार्ड होगी।

दूसरा बिंदु यह था कि अगर पांच हजार से कम राशि कई बार में जमा करायी जाती है तो कुल योग पांच हजार रुपये से अधिक होने पर भी ग्राहक से पूछताछ की जाएगी। इस दिशानिर्देश के तहत ग्राहकों से पूछा गया कि वह अभी तक पुराने नोट क्यों नहीं जमा करा पाये? इस निर्देश का यह असर हुआ था कि कई बैंकों ने तो आम जनता से राशि जमा करनी ही बंद कर दी थी क्योंकि उनके पास पूछताछ करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी नहीं थे।

धरती की शान तू भारत की सन्तान


राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की शाखाओं में गाया जानें वाला यह गीत हमें अपने पुरूषार्थ की पराक्रम की याद दिलाता है।  - अरविन्द सिसोदिया, जिला महामंत्री भाजपा , कोटा 9414180151 



धरती की शान तू भारत की सन्तान
तेरी मुठ्ठियों में बन्द तूफ़ान है रे
मनुष्य तू बडा महान है भूल मत
मनुष्य तू बडा महान् है ॥धृ॥

तू जो चाहे पर्वत पहाडों को फोड दे
तू जो चाहे नदीयों के मुख को भी मोड दे
तू जो चाहे माटी से अमृत निचोड दे
तू जो चाहे धरती को अम्बर से जोड दे
अमर तेरे प्राण ---२ मिला तुझको वरदान
तेरी आत्मा में स्वयम् भगवान है रे॥१॥

---मनुष्य तू बडा महान है
नयनो से ज्वाल तेरी गती में भूचाल
तेरी छाती में छुपा महाकाल है
पृथ्वी के लाल तेरा हिमगिरी सा भाल
तेरी भृकुटी में तान्डव का ताल है
निज को तू जान ---२ जरा शक्ती पहचान
तेरी वाणी में युग का आव्हान है रे ॥२॥

----मनुष्य तू बडा महान् है
धरती सा धीर तू है अग्नी सा वीर
तू जो चाहे तो काल को भी थाम ले
पापोंका प्रलय रुके पशुता का शीश झुके
तू जो अगर हिम्मत से काम ले
गुरु सा मतिमान् ---२ पवन सा तू गतिमान
तेरी नभ से भी उंची उडान है रे ॥३॥
---मनुष्य तू बडा महान है