गुरुवार, 2 फ़रवरी 2017

महापुरूषों की प्रेरणा से समाज आगे बढ़ता है : मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे



जनता हमारी भगवान, हम उसके पुजारी

2 फरवरी, 2017

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि जनता ही हमारे लिए भगवान है। एक सच्चे पुजारी की तरह हम जनता की सेवा करते हुए राजस्थान को विकास में सिरमौर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा, संत-महात्माओं के आशीर्वाद तथा कड़ी मेहनत से हम इस काम में जरूर कामयाब होंगे।

श्रीमती राजे गुरूवार को बाड़मेर के बायतू चिमनजी में श्री खेमाबाबा मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा एवं भागवत कथा महोत्सव के अवसर पर हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि हमने अपने काम के दम पर राजस्थान को कई क्षेत्रों में अव्वल पायदान पर ला दिया है। सौर ऊर्जा, भामाशाह योजना, कौशल विकास, स्वच्छ भारत अभियान आदि क्षेत्रों में राजस्थान अग्रणी है।

महापुरूषों की प्रेरणा से  समाज आगे बढ़ता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेमाबाबा के इस पावन धाम में आकर मैं अभिभूत हूं। यहां के दर्शन मात्र से ही लोगों की मनोकामना पूरी होती है। वे ऐसे महान संत थे, जिनकी पूजा सिर्फ बायतू-बाड़मेर में ही नहीं, सम्पूर्ण मारवाड़ और गुजरात में होती है। पूरे मालानी क्षेत्र के गाँव-गाँव में बाबा के आराधना स्थल और मंदिर बने हुए हैं। सिद्ध श्री खेमाबाबा जैसे महापुरूषों की प्रेरणा से ही समाज को आगे बढ़ने की दिशा मिलती है। राजस्थान की सेवा में संतों और महात्माओं का आशीर्वाद हम सबकी पूंजी है।

तरक्की के नए दौर से गुजर रहा प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 3 वर्षां में हमारी सरकार का यह प्रयास रहा है कि अच्छे से अच्छे काम हां और उनके ठोस परिणाम सामने आएं। हम इस दिशा में बहुत हद तक सफल भी हुए हैं और आज प्रदेश तरक्की के नए दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि हमने जनता और सरकार के बीच की दूरी को कम कर विकास में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की है। इसके कारण ही लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप विकास साकार हो पाया है। श्रीमती राजे ने कहा कि तीन वर्षों में कड़ी चुनौतियों के बावजूद हमने पूरी मेहनत से काम करते हुए विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।


बाड़मेर में करीब 8500 करोड़ रुपये के विकास कार्य
श्रीमती राजे ने कहा कि तीन साल में बाड़मेर में विकास के कईं बड़े काम हुए हैं। जिनका फायदा यहां के लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि तीन साल में बाड़मेर जिले में करीब 8 हजार 500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इनमें 75 करोड़ की लागत से 48 नए 33 केवी जीएसएस, 68 करोड़ रुपये के ग्रामीण एवं शहरी गौरव पथ, करीब 28 करोड़ रुपये से मॉडल स्कूल भवन निर्माण कार्य, 470 करोड़ रुपये से स्वीकृत दीन-दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, शिव रामसर के 205 गांवों की 640 करोड़ रुपये की नर्मदा नहर आधारित पेयजल परियोजना, जिले के 180 गांवों को लाभान्वित करने के लिए 177 करोड़ रुपये की उम्मेदसागर-धवा-समदड़ी-खण्डप भाग तृतीय जलदाय परियोजना, 189 करोड़ रुपये से मेडिकल कॉलेज निर्माण सहित अन्य विकास कार्य शामिल है।

सड़कों के सबसे ज्यादा काम बाड़मेर में
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाड़मेर क्षेत्र में सड़क निर्माण के क्षेत्र में प्रदेश में सबसे ज्यादा काम हो रहे हैं। जिनमें करीब 300 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन जैसलमेर-बाड़मेर राष्ट्रीय राजमार्ग, 167 करोड़ रुपये से निर्मित बागुण्डी-बाड़मेर नेशनल हाईवे संख्या-112, करीब 345 करोड़ रुपये से बाड़मेर-सांचोर राष्ट्रीय राजमार्ग के काम शामिल हैं। इसके अलावा सिवाना- जालौर-साण्डेराव सड़क तथा चवा-फलसूंड-पोखरण के काम भी जल्द ही शुरू होंगे। पीएमजीएसवाई के तहत जिले में 153 सड़कें बन रही हैं। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्र को सड़कों से जोड़ने की भारतमाला परियोजना के तहत 1375 करोड़ रुपये से मुनाबाव-घोटरू- तनोट-किशनगढ़ के बीच 275 किलोमीटर लम्बी सड़क तथा 625 करोड़ रुपये से गागटिया-भाकासर के बीच 125 किमी लम्बे सड़क निर्माण कार्य का फायदा भी जिले को मिलेगा।

श्रीमती राजे ने कहा कि आज की दुनिया में हर व्यक्ति जल्दबाजी में है। किसी के पास मुस्कुराकर मिलने का समय भी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर हर व्यक्ति दिनभर में पांच लोगों से मुस्कुराकर मिलेगा तो सभी जगह खुशियां ही खुशियां नजर आएंगी। उन्होंने कहा कि हर समाज को एक-दूसरे समाज का सहयोग करना चाहिए। इससे पूर्व श्रीमती राजे ने खेमाबाबा धाम के दर्शन किए और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर केन्द्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री श्री सीआर चौधरी, जलदाय मंत्री श्री सुरेन्द्र गोयल, राजस्व मंत्री श्री अमराराम, संसदीय सचिव श्री लादूराम विश्नोई एवं श्री भैराराम सियोल, सांसद कर्नल सोनाराम तथा श्री रामनारायण डूडी, उर्दू अकादमी के अध्यक्ष श्री अशरफ अली, विधायक श्री कैलाश चौधरी और श्री तरूण राय कागा, यूआईटी चैयरमेन डॉ. प्रियंका चौधरी सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

जयपुर, 2 फरवरी 2017

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