मंगलवार, 17 जनवरी 2017

प्राईवेट स्कूलों की मनचाही फीस वृद्धि पर अब जनशक्ति का होगा नियंत्रण


प्राईवेट स्कूलों की मनचाही फीस वृद्धि पर अब जनशक्ति का होगा नियंत्रण

            राजस्थान में भी प्राईवेट स्कूल धन कमानें का जर्या मात्र बन गया था। बच्चों के अभिभावकों से मनचाही फीस वसूली और शिक्षकों को नाम मात्र का वेतन यही सच्चाई है। निजि स्कूल के संचालकों की सम्पन्नता ने चांद छूनें में कोई कसर नहीं रखी मगर जनता के पास शोषित होनें के अलावा कोई रास्ता नहीं था। राजस्थान की कल्याणकारी मुख्यमंत्री सम्मानीय श्रीमती वसुंधरा राजे जी के नेतृत्व में मनचाही फीस पर अंकुश लगाने के लिये एक बडा कदम उठाया गया है। इसके लिये मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी को धन्यवाद एवं आभार ज्ञापित करते हैं।

                                                                                                           भवदीय
                                                                   अरविन्द सिसोदिया, भाजपा जिला महामंत्री ,
                                                                                          कोटा शहर जिला  9414180151
                                                                                                            9509559131 





मंत्रिमंडल के निर्णय की जानकारी देते हुए , संसदीय कार्यमंत्री श्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ एवं मुख्यमंत्री के प्रैस सलाहकार श्री महेन्द्रजी भारद्वाज !

राजस्थान में निजी स्कूलों की फीस अभिभावक शिक्षक एसोसिएशन तय करेगी

Jan 16, 2017,

जयपुर, 16 जनवरी :भाषा: राजस्थान के निजी स्कूलों की फीस अब अभिभावक शिक्षक एसोसिएशन तय करेगी, फैसले की अपील जिला, संभाग, प्रदेश स्तर पर की जा सकेगी।



राजस्थान की मुख्यमंत्री वंसुधरा राजे की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्थान विद्यालय :फीस का विनिमयन: 2016 कानून के नियमों का अनुमोदन कर दिया है।




संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ नेेे मंत्रिमंडल की बैठक में किये गये निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि विधानसभा पहले ही राजस्थान विद्यालय फीस का विनिमयन 2016 को पारित कर चुकी है। मंत्रिमंडल ने एक्ट के नियमों को आज मंजूरी दी है। इसके तहत निजी क्षेत्र के स्कूल को अभिभावक शिक्षक एसोसिएशन का गठन करना अनिवार्य होगा।




अभिभावकों के पांच प्रतिनिधि और प्रबंधन के सदस्य होंगे। कमेटी फीस का निर्धारण करेगी फैसले को जिला स्तरीय, संभाग स्तरीय या अन्तिम रूप से सचिव स्तर पर इसकी अपील की जा सकेगी।



राठौड़ के अनुसार मंत्रिमंडल ने काली सिंध थर्मल पावर की छह छह सौ की दो इकाईयां और सुपर थर्मल पावर की छह सौ साठ छह सौ साठ की एक एक इकाई कोेे अलग अलग बोली लगाकर निजी क्षेत्र में देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। पूर्व में चारों इकाईयों को निजी क्षेत्र में देने का निर्णय तो ले लिया था लेकिन दोनों परियोजनाओं की अलग अलग बोली लगाने का निर्णय आज किया है।

संसदीय कार्य मंत्री के अनुसार सरकार ने जालौर के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का नाम बदल कर वीर वीरमदेव राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जालौर करने, जयपुर के वैशाली नगर में अपोलो अस्पताल को भूमि आवंटन करने, साइकोलॉजिकल वर्कर का नाम बदलकर साइकोलॉजिकल परामर्शदाता करने, मुख्यमंत्री शहर जन कल्याण योजना के प्रस्तावित शिविर स्थगित करने, एलोपैथी चिकित्सकों के समान आयुर्वेदिक चिकित्सकों को भी अध्ययन अवकाश देने, राजभवन के शेफ का वेतनमान बढाने का निर्णय लिया है।

--------------

School Level Fee Committee having representatives of parents will decide fee in private schools

16 Jan, 2017

State Cabinet Meeting
The State Cabinet on Monday gave approval to the proposal regarding Rajasthan Schools (Regulation of Fee) Rules, 2016 where provision has been made that school fee shall be decided by the School Level Fee Committee having representatives of parents, teachers and school management. The cabinet also gave approval to the Rajasthan Ayurvedic, Unani, Homeopathy and Naturopathy Service (Amendment) Rules, 2016.

Briefing the media after the cabinet meet Parliamentary Affairs Minister Shri Rajendra Rathore said provision has been made in Rajasthan Schools (Regulation of Fee) Rules, 2016 that a Parent-Teacher Association shall be formed in private schools and parents shall be chosen as the representatives in School Level Fee Committee through lottery. The School Level Fee Committee having the representatives of parents, teachers and school management. This School Level Fee Committee shall decide and approve the fee proposed by the school management every year. If the School Level Fee Committee fails to decide the fee within specified period the matter shall be referred to the Divisional Fee Regulatory Committee having the Divisional Commissioner as Chairperson. The appeal against the decision of the Divisional Fee Regulatory Committee could be made to the Revision Committee having Education Secretary as the Chairperson. The decision of Revision Committee shall be final regarding fee.

Shri Rathore informed that the cabinet gave approval to the Rajasthan Ayurvedic, Unani, Homeopathy and Naturopathy Service (Amendment) Rules, 2016 where provision has been made for creating the 33 posts of Yoga & Naturopathy Doctors so that people get benefit of the treatment through Naturopathy at every district headquarter. The cabinet also approved amendment in rule 112 of Rajasthan Service Rules, 1951 where provision has been made to provide study leave of 36 months to Ayurved Chikitsa Adhikari for acquiring the degree of Post Graduation. Approval was also given to the Rajasthan Medical & Health Subordinate Services (Amendment) Rules, 2016 where provision has been made to rename post of Psychiatric Social Worker as Psychological Counselor and MA/MSc in Psychology has been set as the minimum qualification.

The Cabinet during its meeting decided to postpone the Mukhyamatnri Shahri Jan Kalyan Shivirs proposed from January 21. The cabinet also gave approval to the amendment in the earlier cabinet decision of February 23, 2016 regarding Disinvestment in Kalisindh Thermal Power Plant of RVUN based on the recommendations made by M/s Ernst & Young and reports of R.V. Shahi Task Force. The Cabinet has decided that disinvestment through competitive bidding of 2×600 MW operational units 1& 2 of Kalisindh TPS. The disinvestment of Super Critical Unit 3 & 4 (2×660) shall be made separately.

The Parliamentary Affairs Minister informed that the State Cabinet also gave approval to the proposal regarding cadre review in Women & Child Development Department. Other proposals were also given approval including amendment in Rajasthan Subordinate & Ministerial Services Selection Board Rules, 2014 and proposal related to providing customized package to Bikaji Foods International Ltd under the provision of RIPS – 2010 for setting up a state of art integrated Food Processing Unit. The proposal for allotment of 12500 square meter land to New Initiative Apollo Hospital Enterprises Ltd. to establish Multi Specialty Hospital at Kuber Complex, Vaishali Nagar, Jaipur on 200% of the reserved institutional price with 15% amount for urban body was also cleared by the cabinet.

Jaipur, 16th January 2017

परिणामदायी मुख्यमंत्री माननीय श्रीमती वसुंधरा राजेजी : अरविन्द सिसोेदिया

परिणामदायी मुख्यमंत्री माननीय श्रीमती वसुंधरा राजे जी : अरविन्द सिसोेदिया

जो लोग बिना जानें समझे सरकार की आलोचना करते हें, यह उन्हे यह जबाव है कि श्रीमती वसुंधरा राजे जी के नेतृत्व में भाजपा की राजस्थान सरकार ने अपनी लगभग 80 प्रतिशत चुनावी घोषणाओं को पूरा कर लिया है। इससे पहले कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार थी, जो साड़े तीन साल तक पैसा नहीं है का रोना रोती रही और जब उन्हे सर्वे में पता चल गया कि जनता उनसे खिलाफ हो गई है और कांग्रेस सरकार जा रही है, तो सरकार बचानें के लिये न केबल सरकारी खजानें को लुटाया गया  बल्कि बिना इंतजाम के तमाम वोट ठगनी रेबडियां बांटीं गई,प्रदेश को भारी भरकम कर्जों में लाद दिया ताकि आनें वाली सरकार परेशान हो। जनता कांग्रेस की करतूतों को बारीक से देख रही थी और उसने कांग्रेस को इतिहास के सबसे बुरे परिणाम की स्थिती में लाकर दण्डित किया, वहीं भाजपा को 163 सीटों पर जिता कर नया ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया। भाजपा की मुख्यमंत्री माननीया श्रीमती वसुंधरा राजे जी ने अपने कुशल वित्तीय प्रबंधन से सबसे पहले राजस्थान को बीमारू ओर गतिहीन प्रदेश की स्थिती से बाहर लाईं और टाइम बाउन्डेड विकास कार्यों की नव विकसित प्रणाली स्थापित कर तेज गति से राजस्थान के विकास लक्ष्यों को प्राप्त करना प्रारम्भ कर मात्र 3 साल में ही 80 फीसदी कार्य सम्पन्न करवा लिये। जिनका लाभ आम जन को मिलने लगा है।
  भारतीय जनता पार्टी, सरकार को कुशल नेतृत्व एवं परिणामदायी विकास के लिये मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे जी को धन्यवाद एवं आभार ज्ञापित करती है।

                                                                                                            भवदीय
                                                                                 अरविन्द सिसोदिया,
                                                                                                भाजपा जिला महामंत्री
                                                                                                  कोटा शहर जिला 
                                                                                                     9414180151
                                                                                           वाट्सएप्प 9509559131  







सड़क निर्माण में 5 साल का लक्ष्य 3 साल में ही पूरा प्रदेश को मिलेंगी 32 हजार किलोमीटर सड़कें


हमने सुराज संकल्प पत्र में 20,000 kms सड़कों के निर्माण का वादा किया था
—हम 3 साल में ही 22,000 kms लम्बी सड़कों का निर्माण कर चुके हैं।

120 करोड़ की लागत वाले गेंता-माखीदा पुल का शिलान्यास

१५ जनवरी २०१७ को 
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने के मामले में 5 साल के लक्ष्य को 3 साल में ही हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि हमने सुराज संकल्प पत्र में प्रदेश में 20 हजार किलोमीटर सड़कों के निर्माण का वादा किया था, जबकि हम 3 साल में ही 22 हजार किलोमीटर लम्बी सड़कों का निर्माण कर इस लक्ष्य को पीछे छोड़ चुके हैं। आगामी 2 वर्ष में अतिरिक्त 10 हजार किलोमीटर लम्बाई की सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

श्रीमती राजे रविवार १५ जनवरी २०१७ को कोटा जिले की इटावा पंचायत समिति के कृषि उपजमंडी प्रांगण में 120 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से बनने जा रहे गेंता-माखीदा पुल के शिलान्यास समारोह को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कोटा जिले के लिए 158 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। बूंदी जिले के पापड़ी (लाखेरी) में गेंता-माखीदा पुल के दूसरे छोर पर आयोजित शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने इस जिले को पुल के अतिरिक्त 262 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने घोषणाओं में ही पूरा समय निकाल दिया और जमीनी स्तर पर कुछ नहीं किया। जबकि हमने अपने पहले कार्यकाल में भी अपने वादे पूरे किए और इस बार भी अपने वादे निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम जनता को स्थाई राहत दिलाने के लिए समस्याओं को जड़ से खत्म करने पर फोकस कर रहे हैं।

श्रीमती राजे ने कहा कि आज जिस गेंता-माखीदा पुल का काम शुरू किया गया है, उसके निर्माण की मांग 60 वर्षों से की जा रही थी, लेकिन उस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। हमारी सरकार ने यहां की जनता को राहत दिलाने के लिए इस पुल को लेकर जोरदार पैरवी की। इस पुल के लिए सुप्रीम कोर्ट तथा केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से निर्माण की स्वीकृति लेकर आए। साथ ही, इसके निर्माण के लिए हमने कैम्पा फण्ड के लिए 20 करोड़ रुपये वन विभाग में भी जमा करवा दिए। अब इसका काम विधिवत रूप से शुरू हो गया है, जो मई 2018 तक पूरा हो जायेगा। उन्होंने कहा कि गेंता-माखीदा पुल के निर्माण से यहां के निवासियों को आने-जाने में करीब 150 किलोमीटर की दूरी कम तय करनी पड़ेगी, जिससे उनके समय, श्रम एवं धन की बचत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर की तर्ज पर कोटा सहित अन्य संभागों में भी ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट’ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘न्याय आपके द्वार’ और ‘दीनदयाल उपाध्याय जन कल्याण पंचायत शिविर’ आगे भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले 3 साल में कोटा जिले में 8900 करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाए गए हैं।

श्रीमती राजे ने कहा कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने राज्य में करीब 40 हजार से ज्यादा ई-मित्र केन्द्र स्थापित किए हैं, जिससे विभिन्न विभागों की सेवाओं को डिजीटलाईज किया गया है। उन्होंने बताया कि ई-मित्र पर किए जाने वाले प्रत्येक कार्य की दर बोर्ड पर अंकित की गई है, ताकि आमजन से किसी प्रकार से अवैध वसूली न हो। उन्होंने बताया कि राज्य में संचालित सभी राशन की दुकानों में पीओएस मशीनें लगाई जा चुकी हैं, जिससे गरीब को मिलने वाले खाद्यान्न का हक अब कोई नहीं मार सकेगा। साथ ही, शहरी क्षेत्र में गरीब-मजदूरों को सस्ती दरों पर नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने के लिए अन्नपूर्णा रसोई योजना शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की अनूठी महिला वित्तीय सशक्तीकरण योजना के तहत भामाशाह खातों में अब तक 5.5 हजार करोड़ रुपए जमा हो चुके हैं। इस योजना के साथ ही स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी दिया जा रहा है। प्रदेश में अब तक 300 करोड़ रुपए से अधिक के बीमा भुगतान किए जा चुके हैं।

श्रीमती राजे ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से बूंदी जिले के आबादी क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा अभ्यारण्य क्षेत्र से बाहर आ गया है। इसके बाद लोग अपनी जमीन के खुद मालिक हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि चम्बल का पानी कोटा से बूंदी तक लाने की लम्बे समय से चली आ रही मांग भी पूरी हो गई है। उन्होंने बूंदी जिले के चतरगंज (हिण्डौली) में 10 करोड़ रुपये की लागत से सब्जी उत्कृष्टता केन्द्र बनाने की घोषणा भी की। इस केन्द्र पर किसानों को नई तकनीक से खेती करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान सरकार का राज्य को अकाल से सुकाल की ओर ले जाने का उठाया गया एक बहुत बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में 3500 गांवों में वर्षा जल का संग्रहण करने के लिए जल संरचनाएं बनाई गई हैं। इस अभियान से सम्पूर्ण राज्य में लोगों को न सिर्फ पेयजल, सिंचाई के लिए वर्षा का शुद्ध पानी मिला है बल्कि इससे गिरते भू-जल स्तर में भी 2 से 3 फीट का सुधार हुआ है।

श्रीमती राजे ने कोटा में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान की सफलता से संबंधित पुस्तिका ‘जल संरक्षण की नई इबारत’ का विमोचन किया। उन्होंने बूंदी में प्रतिभाशाली छात्राओं को स्कूटी की चाबियां सौंपी तथा उपस्थित जन समूह के बीच जाकर लोगों से मुलाकात की।

इस मौके पर सार्वजनिक निर्माण एवं परिवहन मंत्री श्री यूनुस खान, राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री शम्भू सिंह खेतासर, सांसद श्री ओम बिड़ला ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान सांसद श्री रामचरण बोहरा, विधायक श्री विद्याशंकर नन्दवाना, श्रीमती चन्द्रकान्ता मेघवाल, संभागीय आयुक्त श्री रघुवीर सिंह मीणा, आईजी श्री विशाल बंसल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। बूंदी के कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी मंत्री श्री यूनुस खान, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री बाबू लाल वर्मा, सांसद श्री ओम बिड़ला एवं श्री नारायण पंचारिया, राज्य सफाईकर्मी आयोग के अध्यक्ष श्री गोपाल लाल पचेरवाल, विधायक श्री अशोक डोगरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं आमजन उपस्थित थे।

स्थानीय लोगों के लिए साबित होगा राहतों का सेतु
गेंता-माखीदा पुल 1562.40 मीटर लम्बाई, 11.23 मीटर चौड़ाई और 40.80 मीटर ऊंचाई में बनेगा। इस पुल के निर्माण से सवाईमाधोपुर एवं लाखेरी की तरफ से इटावा, बारां, झालावाड़ तथा मध्यप्रदेश के शिवपुरी की तरफ जाने के लिए लगभग 70 किमी की दूरी कम हो जाएगी। राज्य की मध्यप्रदेश से कनेक्टिविटी बढे़गी। कोटा जिले के गेंता (इटावा) निवासियों के लिये 55 किमी और बारां से वाया कोटा लाखेरी आने वाले यात्रियों के लिए 62 किमी का सफर कम हो जायेगा। बून्दी के निवासियों को मध्यप्रदेश के लिये इटावा, खातौली, श्योपुर होते हुये कम दूरी तय करनी पड़ेगी।

कोटा में 158.22 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण

लोकार्पण/उद्घाटन लागत   कुल 158.22 करोड़
1. सुल्तानपुर (गौण मण्डी) कृषि उपज मण्डी समिति यार्ड में टीनशेड, सीसी निलामी चबूतरा व प्रशासनिक भवन 2.38 करोड़
2. इटावा में कृषि उपज मण्डी समिति में सीमेंट कांकरिट पेवमेंट नीलामी चबूतरा 4.20 करोड़


शिलान्यास
1. आईटीआई बिल्डिंग, इटावा 9.98 करोड़
2. माखिदा (बून्दी) से गेंता (कोटा) तक चम्बल नदी पर ब्रिज निर्माण 120.60 करोड़
3. इटावा कस्बे में गौरव पथ का शिलान्यास 2.50 करोड़
4. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लुहावद जिला कोटा 1.85 करोड़
5. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रामपुरिया तहसील पीपल्दा जिला कोटा 1.27 करोड़
6. ग्रामीण जलप्रदाय योजना सुल्तानपुर के पुनर्गठन का कार्य 5 करोड़
7. सुल्तानपुर में राजस्थान बीज निगम प्रोसेसिंग यूनिट का शिलान्यास 3.84 करोड़
8. विधानसभा क्षेत्र पीपल्दा में 11 ग्रामीण गौरव पथ कार्य 6.60 करोड़


बूंदी में 382 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण  लोकार्पण/उद्घाटन लागत

माखीदा (बून्दी) से गेंता (कोटा) तक चम्बल नदी पर ब्रिज निर्माण 120.60 करोड़

1. मॉडल स्कूल बरूंधन (भूमि तल), हिण्डोली (प्रथम तल), नैनवां (प्रथम तल) 8.19 करोड़
2. देवनारायण आवासीय कन्या विद्यालय भवन हिण्डोली 9.67 करोड़
3. तहसील भवन तालेडा, उप तहसील भवन दबलाना एवं लाखेरी का निर्माण कार्य 5.25 करोड़
4. 33/11 केवी सब स्टेशन फूलेता, देवपुरा, अरनेठा 5.81 करोड़
5. बन्सोली लघु सिंचाई परियोजना की मरम्मत एवं पुनरोद्धार 5.52 करोड़
6. चम्बल बून्दी पेयजल परियोजना फेज-प्रथम 74.37 करोड़

शिलान्यास
1. 33/11 केवी जीएसएस जयनिवास (इन्द्रगढ) एवं बालापुरा 2.70 करोड़
2. चम्बल बून्दी पेयजल परियोजना 15.84 करोड़
3. नगरीय गौरव पथ निर्माण कार्य नगर पालिका, लाखेरी, केशोरायपाटन, कापरेन, इन्द्रगढ़, बून्दी, नैनवां 15.00 करोड़
4. 40 ग्रामीण गौरव पथ (प्रत्येक अनुमानित 60 लाख) 24.00 करोड़
5. पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-12 के निर्माण के पश्चात छूटे हुए भाग बून्दी बाईपास के सुदृढीकरण एवं

नवीनीकरण 14.51 करोड़
6. पुनर्गठित ग्रामीण पेयजल योजना, हिण्डोली एवं डाबी 11.41 करोड़
7. जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय भवन निर्माण, बून्दी 1 करोड़
8. बड़ा नया गांव लघु सिंचाई परियोजना 63.56 करोड़
9. रामगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य की दक्षिणी सीमा दीवार का निर्माण कार्य 4.31 करोड़
10. धनेश्वर की राजस्व भूमि की सुरक्षा दीवार 1.74 करोड़
कुल 262.28 करोड़