गुरुवार, 28 सितंबर 2017

दिवाली पर ‘लक्ष्मी’ को चीन जाने से रोकें : क्षेत्र संघ प्रचारक दुर्गादास जी




भारतीय लोक कल्याण प्रन्यास की विचार गोष्ठी सम्पन्न

दिल में राष्ट्रभक्ति, हाथ में स्वदेशी वस्तु होना चाहिए

दिवाली पर ‘लक्ष्मी’ को चीन जाने से रोकें : क्षेत्र संघ प्रचारक दुर्गादास 




        कोटा | भारतीय लोक कल्याण प्रन्यास की ओर से मंगलवार को बल्लभबाड़ी स्थित सूरज भवन पर ‘‘चीन की आर्थिक चुनौतियां एवं समाधान’’ विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षैत्र प्रचारक दुर्गादास थे। वहीं अध्यक्षता कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जीएल केशवा ने की। महानगर संघचालक ताराचंद गोयल भी मंच पर मौजूद रहे। इस दौरान रमेश जोशी ने ‘ राष्ट्रभक्ति ले हृदय में हो खड़ा यदि देश सारा, संकटों पर मात करता राष्ट्र विजयी हो हमारा...’ की प्रस्तुति दी। शिवकुमार मिश्रा ने भूमिका रखी।

        कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दुर्गादास जी ने कहा कि चीनी सामानों के कारण से हमारे उद्योग धंधों पर संकट खड़ा हो गया है। आज फिरोजाबाद का परंपरागत कांच का उद्योग संकट झेल रहा है। वहां पर गत 12-13 वर्षाें में 500 में से करीबन 300 उद्योग बंद हो गए हैं तथा शेष को रूग्ण घोषित कर दिया गया है। वहीं लुधियाना का विश्व प्रसिद्ध साइकल उद्योग जो कभी उत्पादक और निर्यातक के रूप में प्रतिष्टित था। वहां के 60 प्रतिशत उद्योग बंद हो चुके हैं। हमारा प्रसिद्ध टायर उद्योग चीनी टायरों के कारण से संकटपूर्ण स्थित में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार आज प्रतिमाह डेढ लाख चीनी टायर भारत में आयात किए जा रहे हैं। जो हमारे लोगों की जिन्दगी के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि खिलौना उद्योग, दवा उद्योग, शिवाकाशी का पटाखा उद्योग, कम्बल उद्योग हर क्षैत्र में चीन के कारण से संकट के हालात बने हैं। जिनके कारण से सैंकड़ों लोगों को बेरोजगार होना पड़ा है।
         उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों की  गलत विदेश नीति और अदूरदर्शितापूर्ण राजनैतिक सोच के कारण से तिब्बत को हमने खो दिया। आज तिब्बत यदि भारत के पास होता तो चीन की सीमा हमसे दूर होती। चीन सदैव पाकिस्तानी आतंकियों का समर्थन करता रहा है। चीन से भारत का आयात 61 बिलियन डाॅलर का है, जबकि निर्यात केवल 9 बिलियन डाॅलर का ही है। सम्पूर्ण वैश्विक घाटे में से 44 प्रतिशत निर्यात घाटा केवल चीन से झेलना पड़ रहा है। ऐसे में जब दिवाली मनाएं तो यह ध्यान में रहे कि दिवाली पर ‘लक्ष्मी’ चीन न जाए। इसके लिए सरकार, उद्यमी और जनता के स्तर पर प्रयास करने चाहिए। सरकार ने 5 चीनी वस्तुओं को प्रतिबंधित किया है तथा 93 वस्तुओं पर एंटी डंपिंग टेक्स लगाया है। दिवाली पर केवल मिट्टी का दीया जलाकर ही हम अपने कुंभकार बंधु की मदद कर सकते हैं। हृदय में राष्ट्रभक्ति और हाथ में स्वदेशी वस्तु लेकर ही विभिन्न संकटों से पार पायी जा सकती है।

         अध्यक्षता कर रहे प्रो. जीएल केशवा ने कहा कि चीन के कारण से हर ओर संकट है। वह गोभी और चावल जैसे खाद्य पदार्थ भी नकली बनाने लगा है। इसका मुकाबला करने के लिए कौशल विकास योजनाओं के अलावा मानव संसाधन का सदुपयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव ने स्वदेशी अभियान के द्वारा लोगों को जागृत करने का कार्य किया है। बाबा रामदेव ने करौली में जमीन लेकर राजस्थानी गायों पर अनुसंधान शुरू किया है। बाबा रामदेव राजस्थान की गायों को 40 लीटर तक दूध देने लायक बनाने पर अनुसंधान कर रहे हैं।

राष्ट्रभक्ति ले हृदय में हो खड़ा यदि देश सारा
संकटों पर मात करता राष्ट्र विजयी हो हमारा...